दोस्ती और एक्शन से भरपूर “यारा” फिल्म का रिव्यू, फिल्म में क्या अच्छा है और क्या बुरा, फिल्म की कहानी का प्लाट

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कैसी है यारा फिल्म?
अगर बात की जाये कौन सा रिश्ता है जो इंसान खुद बनाता है तो हर किसी का यही जवाब होगा दोस्ती। दोस्ती का रिश्ता हर इंसान इस धरती पर खुद बनता है जोकि उसके सांथ हमेशा एक मजबूत विश्वास की तरह रहता है की अगर कोई भी दुविधा होगी तो मेरा दोस्त जरूर हमारे काम आएगा। बॉलीवुड भी इस रिश्ते को भुनाने में कम पीछे नहीं रहा है और इसलिए दोस्ती के ऊपर कई तरह की फिल्म्स बनी हैं और बनती भी रहेंगी। अगर बात की जाये यारा फिल्म की तो यह भी दोस्ती के रिश्ते पर आधरित है जोकि तिग्मांशु धूलिआ द्वारा निर्देशित की गयी है, जिसमे चार दोस्तों की कहानी को बयां किया गया है।

तिग्मांशु धूलिआ की गिनती एक बेहतरीन अदाकार और डायरेक्टर के तौर पे की जाती है इसलिए सभी दर्शको को यारा फिल्म से भी कुछ इसी तरह की कहानी और अदाकारी की उम्मीद थी। लेकिन दोस्तों हम अपने दर्शको को जरूर कहना चाहेंगे की इस फिल्म ने अपने दर्शको को बहुत निराश किया है। इस फिल्म को दोस्ती के अलावा प्यार, दोस्ती में धोखे और सरकार के प्रति जनता के विद्रोह के रूप में भी पेश करने की कोशिश की गयी है लेकिन फिल्म में दिखाए गए दोस्तों के बीच के धोखे को डायरेक्टर ने अच्छे से समझाया नहीं है इसलिए यह बात ही इस फिल्म के नेगेटिव मोड में लेकर चली जाती है। इसके सांथ ही फिल्म में दिखाए गए विद्रोह का दृश्य को अच्छे से भुनाने में डायरेक्टर ने कमी कर दी इसलिए वह पूरी घटना दर्शको के सर के ऊपर से ही निकल जाती है।

फिल्म का फोकस चार दोस्तों – फागुन (विद्युत जामवाल), मितवा (अमित साध), रिजवान (विजय वर्मा) और बहादुर (केनी बासुमतारी) पे है जोकि शुरुआत करते हैं छोटे मोटी चोरी से मगर बड़े होने के सांथ सांथ उनके सपने और काम का दायरा बढ़ता जाता है और वह लोग अपनी चौकड़ी गैंग के नाम से मशहूर हो जाते हैं।

मगर इनमे से एक दोस्त बाकी सब दोस्तों के सांथ गद्दारी करके बाकियों को मारने की कोशिश करता है और आखिर में कौन इसमें बचता है इसी मुद्दे के ऊपर यह फिल्म है। इस फिल्म में एक्शन के सांथ रोमांस को भरने की कोशिश भी की गयी है जिसमे हम विद्युत जामवाल और श्रुति हसन को एक कपल के तौर पर देखते हैं।

आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

क्या यारा फिल्म देखनी चाहिए?
फिल्म का जॉनर है एक्शन, क्राइम और ड्रामा और तीनो ही जोन पे डायरेक्टर ने फिल्म के सांथ औसत काम किया है। फिल्म कुल 2 घंटे की है जिसे आप zee5 पर देख सकते हैं। लेकिन हमारी राय में अगर आपके पास कुछ और विक्लप न हो देखने के लिए तो ही आप इस फिल्म को देखें क्यूंकि इसमें कुछ भी ऐसा खास नहीं है जिसे आप मिस कर दें।

“यारा” फिल्म की रेटिंग
इस सीरीज को IMDB पे 6.2 रेट मिला है 10 में से और वहीँ हम इस सीरीज को 5 में से 2 स्टार देंगे। गूगल पे इसे 92% दर्शको ने लाइक किया है। 

फिल्म में क्या अच्छा है?
फिल्म को मल्टीप्ल लोकेशंस राजस्थान, बिहार, नेपाल आदि में शूट किया गया है जिससे फिल्म को देखने का मजा बढ़ जाता है।

फिल्म में अदाकारी की बात की जाये तो विद्युत जामवाल, विजय वर्मा का काम आपको सबसे ज्यादा पसंद आएगा।

फिल्म का पेस आपको फिल्म में ज्यादा बोर नहीं होने देता है और आपको हर एक दृश्य में कुछ न कुछ होते हुए जरूर दिखेगा जिससे आप फिल्म की कहानी के सांथ बंधे रहेंगे।

फिल्म में क्या गलत है?
फिल्म की सबसे बड़ी कमी इसका स्क्रीनप्ले है लेखक ने फिल्म को जरूरत से ज्यादा तेज़ बना दिया है इसलिए आपको यह समझ नहीं आएगा की कब यह फिल्म कहीं पहुँच जाती है और कब कहीं।

फिल्म में करैक्टर बिल्डिंग बहुत ही कम है जहाँ फिल्म के दो मुख्य किरदार विद्युत और अमित की पुरानी कहानी को तो दिखाया गया मगर बाकि दो दोस्तों की कहानी के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया। इसके सांथ ही विद्युत और अमित कैसे अपने बाकि दो दोस्तों के सांथ अपना बचपन बिताते हैं यह दृश्य फिल्म की दोस्ती के लिए काफी जरूरी था जो न के बराबर है।

फिल्म की सबसे बुरी चीज़ अमित और श्रुति हसन की अदाकारी है जोकि बिलकुल फेक लगती है। हालांकि दोनों के पास ज्यादा डायलॉग नहीं थे लेकिन एक अच्छा कलाकार कम डायलॉग में भी अपनी अदाकारी से लोगो को खुश कर देता है जोकि बिलकुल देखने को नहीं मिला।

फिल्म अपने मैन कहानी से हट कर कभी सरकार के प्रति विद्रोह में पहुँच जाती है तो कभी इन दोस्तों के बीच किसी एक दोस्त का अपने ही दोस्तों का खूनी बन जाने पर आ जाती है और ऐसा होता क्यों है इसका कोई ठोस कारण नहीं था जोकि बिलकुल ही हजम नहीं होता।

फिल्म के ट्रेलर का रिव्यू पढ़ने के लिए क्लिक करें।

फिल्म का डायरेक्शन, स्क्रीनप्ले और म्यूजिक
फिल्म का डायरेक्शन को आप थोड़ा अच्छा बोल सकते हो क्यूंकि फिल्म को मल्टीप्ल जगह पर बढ़िया तरीके से शूट करना और पास्ट और प्रेजेंट के सांथ अच्छे से जोड़ना, यह काफी अच्छे से किया गया है।

फिल्म का म्यूजिक और स्क्रीनप्ले बिलकुल ही बेजान है और इसलिए इस फिल्म को आप बिलकुल नज़र अंदाज़ कर सकते हैं।

“यारा” फिल्म की कहानी
“यारा” फिल्म की कहानी की शुरुआत होती है दो दोस्तों से जोकि राजस्थान के गरीब घर में रहते हैं। कुछ दिन बाद उनके बाबा को वहां के ठाकुर अपने भाई के मर्डर के बदले में कतल कर देते हैं जिसके बदला यह दोनों दोस्त उस ठाकुर के घर पर हमला करके ले लेते हैं जिसमे उस ठाकुर के घर का काफी सामान जल जाता है। दोनों दोस्त अब वहां से बस से भागते हैं और बस में उन्हें एक आदमी मिलता है जोकि उन बच्चों की मदद से अपने आप को बचा लेता है क्यूंकि वह ड्रग्स की तस्करी कर रहा था। अब यह दोनों दोस्त आगे दो और बच्चों से मिलते हैं जोकि इस तस्करी के काम में पहले से थे और इन चारो बच्चों का नाम रख दिया जाता है चौकड़ी गैंग। जोकि चोरी, लूट, समग्लिंग करके बड़े हो जाते हैं और काफी पैसे भी बना लेते हैं।

कुछ ही दिन बाद राजस्थान का ठाकुर इनके पास आता है बिहार के बैंक को लूटने के लिए यहाँ यह चारो दोस्त उस बैंक को लूट लेते हैं लेकिन अंत में उस ठाकुर को भी मार देते हैं और उनके एक सांथी को अपने सांथ मिला लेते हैं। हथियारों के सामान को बेचने यह लोग बिहार भी पहुंच जाते हैं जहाँ इन्हे नक्सलियों की मदद करने के लिए पुलिस पकड़ लेती है और पहेली बार इन चारो दोस्तों को सजा भी होती है लेकिन ठाकुर का आदमी वहां से भागने में कामयाब हो जाता है और इन्हे कभी नहीं मिलता। यहाँ कहानी अब प्रेजेंट में आती है जहाँ यह सभी काफी पैसे वाले बन चुके हैं और विद्युत् श्रुति हसन के सांथ फॅमिली बनाकर काफी खुशी से जी रहा है लेकिन इसी बीच पुलिस वहां आती है जोकि अमित की तलाश में है और कुछ दिन बाद अमित को पुलिस द्वारा अरेस्ट भी कर लिया जाता है। लेकिन विद्युत् अपने दोस्तों के सांथ मिलकर अमित को जेल से भगा लेता है।

लेकिन कुछ दिन बीतने के बाद एक एक करके विद्युत् के दोनों दोस्तों का खून हो जाता है अब विद्युत् खूनी की तलाश करनी शुरू कर देता है जहाँ उसे ठाकुर के पुराने आदमी का पता चलता है और विद्युत् उसे मार देता है लेकिन अंत में पुलिस अफसर उसे बताता है की इन सब के पीछे तेरा बचपन का दोस्त अमित है तो विद्युत् बस अपने दोस्त अमित से मिलता है जिसके बाद अमित खुद अपने आप को गोली मार लेता है और फिल्म इसके सांथ ख़त्म हो जाती है।

‘यारा’ फिल्म के किरदार
श्रुति हसन, मोहम्मद अली शाह, इमरान हसनी, विद्युत् जममवाल, अमित साध, तिग्मांशु धुलिया, विजय वर्मा, अंकुर विकल, केन्नी बसुमतारी, शौर्य खरे, स्वप्निल कीरण कोट्रीवार, हेमेंद्र दंडोतिया

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