पैसो की ताकत के आगे सच्चाई की हार को दर्शाती वेब सीरीज “अनदेखी” का रिव्यू, सीरीज में क्या अच्छा है और क्या बुरा, सीरीज के किरदार, सीरीज की कहानी

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अनदेखी वेब सीरीज कैसी है
अनदेखी वेब सीरीज समाज की अमीरी और गरीबी के अंतर को दर्शाती एक सीरीज है। कैसे आज भी अमीर समाज के लोग बाकि लोगो को सिर्फ अपने मजे और मतलब का साधन समझते हैं और अगर कोई उनकी बात नहीं मानता है तो उन्हें उस इंसान की जरूरत नहीं है। उसे वह एक मिनट में अपनी जिंदगी या दुनिया से ही जुदा कर देते हैं, इसमें सबसे बुरी बात यह है की ऐसा करने पर उन्हें कोई भी पछतावा नहीं होता क्यूंकि यह लोग इस चीज़ को रोज़ करते हैं। लेकिन यहाँ सवाल आता है की इनके अंदर यह हिम्मत आती कहाँ से है तो इसका जवाब भी हम ही लोग हैं। जी हाँ हम जैसे लोग ही इनके खिलाफ खड़े नहीं होते हैं इन्हे सजा दिलाने के लिए और अगर होते भी हैं तो कोई दूसरा आदमी इनके हाथों बिक जाता है और यह लोग सजा से बच निकलते हैं।

अनदेखी वेब सीरीज इसी कड़वी सचाई को हमारे सामने लेकर आया है हालांकि ऐसा नहीं है की हमने इस तरह की कहानी देखी नहीं है या हमें पता नहीं है। लेकिन जिस तरह से एक भी बड़े कलाकार के न होते हुए भी अनदेखी वेब सीरीज के कलाकारों ने अपनी दमदार एक्टिंग से इस सीरीज में काम किया है आपको सच में एहसास होने लगेगा की पैसा आज भी सचाई को दबाने की ताकत रखता है। सीरीज में एक अमीर और रसूक वाला परिवार कैसे अपने पैसों के दम पर लोगो की जिंदगी से खेलता है यह दिखाया गया है जिसमे की पुलिस और सरकारी प्रशाशन भी उनका सांथ देता है। 

सीरीज में बहुत सारे नए चेहरों के सांथ – सांथ कुछ पुराने चेहरे भी देखने को मिलेंगे। सीरीज की शूटिंग अधिकतर शिमला और कुछ भाग वेस्ट बंगाल में की गयी है। सीरीज को डायरेक्टर ने थोड़ा जल्दी और कम बजट में इस सीरीज को बनाने की कोशिश की है जिसके कारण इस सीरीज की क्वालिटी में थोड़ा कमी आई है।

आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

“अनदेखी” वेब सीरीज देखनी चाहिए
आपको जरूर यह वेब सीरीज जरूर देखनी चाहिए क्यूंकि इस सीरीज का डायरेक्शन, कहानी और एक्टिंग काफी अच्छी है जोकि आपको जिंदगी की कड़वी सचाई को वास्तविकता के अनुसार दिखाती है। इस वेब सीरीज में 10 एपिसोड्स हैं और हर एपिसोड 30-40 मिनट का है और आप इस सीरीज को सोनी लिव पर देख सकते हैं। सीरीज को डायरेक्ट किया है आशीष आर शुक्ला और लिखा है सिद्धार्थ सेनगुप्ता।

“अनदेखी” सीरीज की रेटिंग
इस सीरीज को IMDB पे 8.2 रेट मिला है 10 में से और वहीँ हम इस सीरीज को 5 में से 3.5 स्टार देंगे।

सीरीज में क्या अच्छा है?
सीरीज में सभी किरदारों के करैक्टर डेवलपमेंट पे सही से काम किया गया है जिससे की दर्शक सभी किरदारों से शुरू से जुड़ जाते हैं।

सीरीज में नए चेहरे को मौका दिया गया है जोकि ज्यादातर कई सीरीज या मूवीज में नहीं देखने को मिलता है लेकिन फिर भी सभी ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन दिया है।

सीरीज का पेस हालांकि थोड़ा स्लो है लेकिन फिर भी कहानी अपने रोमांच को बरक़रार रखती है और आप इस सीरीज को एन्जॉय करेंगे।

सीरीज में क्या बुरा है
सीरीज में गालियों का प्रयोग जरूरत से ज्यादा हुआ है, यह बात हज़म करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है की अच्छे खानदानी लोग घर के अंदर भी इतनी ज्यादा गलियों का प्रयोग कर रहे हैं।

सीरीज का डायरेक्शन औसत से भी कम लगता है क्यूंकि डायरेक्टर ने शायद इस सीरीज को थोड़ा रियल फील देने के लिए सस्ते कमरे का प्रयोग किया है जिसके कारण आपको लगेगा की आप क्राइम पेट्रोल का कोई एपिसोड देख रहे हो।

सीरीज की कहानी को ट्विस्ट देने की कोशिश की जाती है मगर थोड़ी देर बाद उसका नतीजा घूमकर विल्लन के ही पक्ष में हो जाता है जिससे आप थोड़ा मायूस जरूर होते हो।

सीरीज में डायरेक्टर कोयल के किरदार को एक भोली लड़की से बदल कर एक रेम्बो वाले अवतार में चेंज कर देते हैं जोकि कुछ हजम नहीं होता है।

सीरीज के 10 एपिसोड्स कुछ ज्यादा ही है क्यूंकि इन्हे आसानी से 8 एपिसोड्स में बदला जा सकता था जिससे इसके रोमांच को और बढ़ाया जा सकता था।

“अनदेखी” का डायरेक्शन, कहानी और म्यूजिक
अनदेखी सीरीज का डायरेक्शन औसत से भी कम का है हालांकि अब यहाँ देखना होगा की डायरेक्टर ने जानबूझकर डायरेक्शन क्वालिटी को लौ रखा है या कम बजट के कारण ऐसा किया गया है।

सीरीज की कहानी आपको कई सीरियल्स में पहले भी देखने को मिली होगी मगर इस सीरीज में काफी अच्छे से स्क्रीनप्ले किया गया है जिससे हर चीज़ एक दुसरे से जुडी हुई नज़र आती है और आप इसे एन्जॉय करते हैं।

सीरीज का म्यूजिक भी ठीक ठाक है जिसे आप सिचुएशन के हिसाब से महसूस करेंगे।

“अनदेखी” सीरीज के किरदार
हर्ष छाया: पापाजी, दिब्येंदु भट्टाचार्य: घोष, अभिषेक चौहान: ऋषि, सूर्य शर्मा: रिंकू, अंचल सिंह: तेजी ग्रेवाल, अयन ज़ोया: सलोनी, सायनदीप सेनगुप्ता: शाश्वत, अंकुर राठी: दमन अटवाल, अपेक्षा पोरवाल: कोयल, वरुण भगत: लकी, अपूर्व सोनी: कनक, मिनाक्षी सेठी: मम्मीजी, रेणु वर्मा: मदर, शिवानी सोपुरी: बुआ

“अनदेखी” सीरीज की कहानी
कहानी शुरू होती है मनाली के एक रईस अटवाल परिवार से जोकि पूरे इलाके में अपना दबदबा बनाये हुए है इसलिए बड़े नेता और पुलिस अफसर इनके सामने अपनी हाज़री देते हैं। अटवाल परिवार में दमन (अंकुर राठी) की शादी है तेजी ग्रेवाल (अंचल सिंह) से जिसमे की उस इलाके सारे नामी गिरामी लोगो को बुलाया गया है। दमन के पिता (पापाजी – हर्ष छाया) जोकि एक शराबी हैं और बहुत ही घमंडी भी वह आज भी शराब के नशे में डूबे हुए हैं इसलिए रिंकू (सूर्य शर्मा) इस शादी के काम को देख रहा है। शादी के दौरान पापाजी ने शादी में आयी दो डांसर्स में से एक डांसर को गोली मार देते हैं हालांकि यह इनके लिए एक छोटी सी बात है लेकिन शादी की वीडियो रिकॉर्डिंग भी हो रही है और इसके कई गवाह भी हैं इसलिए थोड़ा माहौल बिगड़ जाता है।

रिंकू अब वीडियो रिकॉर्डिंग वालो को अपने सांथ मिला लेता है और दूसरी डांसर कोयल (अपेक्षा पोरवाल) को बंदी बना लेता है ताकि उसे बाद में मार सके। कोयल इससे पहले एक पुलिस वाले का खून कर चुकी है सुंदरवन में और वहां से भागकर वह शिमला आई है छिपने के लिए। ऋषि (अभिषेक चौहान) जोकि वीडियो टीम के सांथ था वह पुलिस को फ़ोन कर देता है जिसकी जाँच करने पुलिस वहां आती है लेकिन रिंकू सब संभाल लेता है अब वह कोई रिस्क न लेते हुए कोयल, ऋषि और प्रफुला को जंगल में मारने के लिए ले जाता है लेकिन वह यह नहीं जानता की कोयल एक आदिवासी लड़की है इसलिए जंगल में कोयल सभी को मार देती है मगर इसमें ऋषि और प्रफुला भी मारे जाते हैं। पुलिस पापाजी को गिरफ्तार करती है वीडियो टीम की गवाही पर मगर इनके आगे पुलिस भी बेबस है क्यूंकि जैसे ही वह कोई करवाई करते हैं तो ऊपर से प्रेशर आ जाता है और उन्हें पापाजी को छोड़ना पड़ता है। 

कोयल अब पुलिस अफसर घोष (दिब्येंदु भट्टाचार्य) के पास जाती है जोकि कोयल को पकड़ने के लिए ही यहाँ आया है। कोयल बताती है की वह पुलिस वाला बचपन से ही उसे रेप कर रहा था इसलिए उसने उसे मारा था। लेकिन रिंकू को इस बात का पता लग जाता है इसलिए वह कोयल पे हमला कर देता है कोयल को गोली लग जाती है और अब उसे हॉस्पिटल में भर्ती करने के लिए एम्बुलेंस आती है। लेकिन घोष को पता था रिंकू उस एम्बुलेंस पे भी हमला करेगा जोकि होता भी है इसलिए वह उसे किसी दूसरी गाड़ी की मदद से वहां से भगा देता है, इसी के सांथ यह सीरीज यहाँ ख़त्म हो जाती है। इस पूरी कहानी में बहुत से लोगो को इन्साफ नहीं मिलता क्यूंकि पैसा शायद इन्साफ से भी बड़ा है आजकल के समय में। 

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