द पावर फिल्म का हिंदी रिव्यू, फिल्म में क्या अच्छा है और क्या बुरा, किरदार, फिल्म की कहानी का प्लाट

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द पावर फिल्म का हिंदी रिव्यू
बहुत बार ऐसा होता है फिल्म देखने पर उतनी अच्छी न लगती हो मगर उसे अगर कहानी के रूप में किसी को बताया जाये तो वही फिल्म काफी लगेगी ठीक ऐसा ही हाल हुआ है “द पावर” फिल्म के सांथ जहाँ फिल्म की कहानी पेपर पर काफी अच्छी लगी होगी शायद इसलिए ही महेश मांजरेकर ने इसके ऊपर एक फिल्म बनाने का रिस्क लिया है।

फिल्म में विद्युत जामवाल और श्रुति हसन प्रमुख किरदार में हैं और दोनों ही बॉलीवुड में किसी अच्छे रोल और बड़ी हिट फिल्म का इंतज़ार कर रहे हैं। इस फिल्म को देखने के बाद यह इंतज़ार थोड़ा और लम्बा होता हुआ लग रहा है क्यूंकि इस फिल्म का कांसेप्ट अगर आप फिल्म लवर हैं तो जल्दी ही समझ जायेंगे की यह आप कहीं और भी देख चुके हैं। 

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द पावर फिल्म की रेटिंग कितनी है?
इस फिल्म को IMDB पे 10 में से 5.6 की रेटिंग मिली है और हम इस फिल्म को 5 में से 2 स्टार देंगे।


कैसी है द पावर फिल्म और क्या हमें यह फिल्म देखनी चाहिए?
यह साफतौर से एक्शन के दीवाने लोगो के लिए है, अगर आप एक्शन के दीवाने हैं तो ही इस फिल्म को देखें। इस फिल्म से आप कुछ और आशा न करें।


फिल्म में क्या अच्छा है
अगर आप एक एक्शन पैक फिल्म के दीवाने हैं तो यह फिल्म आपको निराश नहीं करेगी, इसमें फाइटिंग और गन वॉर दोनों ही बेहतरीन देखने को मिलेंगे।

फिल्म की ताकत विद्युत् जामवाल का एक्शन है, इन्होने फिल्म के एक्शन को दुसरे लेवल तक लेकर जाने के लिए काफी मेहनत की है।


फिल्म में क्या बुरा है
द पावर फिल्म के स्क्रीनप्ले की बात करें तो आपको फिल्म बहुत ढीली और कमजोर नज़र आती है जिसकी वजह से फिल्म में कोई सस्पेंस या ट्विस्ट देखने को नहीं मिलता और मुख्य रूप से यही फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी है।

द पावर फिल्म में डायरेक्शन का ज्यादा कमाल देखने को नहीं मिलगा शायद क्यूंकि फिल्म आपको उनकी पुरानी फिल्मों वाले एहसास को फिर से जिन्दा कर देता है जोकि नए ज़माने के सांथ मेल खता हुआ नहीं दीखता।

फिल्म में किरदारों के अंदर ज्यादा गहराई नहीं है इसलिए आप किरदारों से ज्यादा जुड़ाव महसूस नहीं करते हो।

द पावर फिल्म के संगीत या बैकग्राउंड संगीत की बात करे तो ऐसी फिल्मों में कुछ जानदार होना चाहिए लेकिन वह भी यहाँ देखने को नहीं मिलेगा।

तकनीकी क्षेत्र की बात की जाये तो आपको फिल्म के VFX और CGI का काम भी काफी औसत लगेगा और अंतर साफ़ दिखेगा।

फिल्म की कहानी में कोई भी दृश्य अपने अंजाम तक नहीं पहुँचता है मतलब हर दृश्य आपको ऐसा लगेगा की बीच में ही कहीं खो गया और उसका कोई मतलब ही नहीं रह गया उस दृश्य को आधा दिखाकर।


द पावर फिल्म के किरदार
सलिल अंकोला: रोबर्ट, युविका चौधरी: शैला रामदास ठाकुर, सोनल चौहान: चांदिनी, भारत दाभोलकर: ऐ.सी.पी दयाल, मृण्मयी देशपांडे: रतना ठाकुर, समीर धर्माधिकारी: फ्राँसिस डकोस्टा, मेघा घाटगे: श्रुति हासन: परी, चेतन हंसराज: फकीरा, ज़ाकिर हुसैन: अनवर, विद्युत् जममवाल: देवी दास कालिदास ठाकुर, विद्याधर जोशी: भाऊ, बिक्रमजीत कंवरपाल: चड्ढा, सचिन खेडेकर: विशम्भर राणा, सविता मालपेकर: ठाकुर की नौकरानी


द पावर फिल्म की कहानी क्या है?
फिल्म की कहानी एक गैंगस्टर परिवार के इर्द गिर्द घूमती है जहाँ ठाकुर नाम का एक गैंस्टर परिवार है जोकि सबसे बड़ा और ताकतवर है। उनकी इस ताकत की वजह उनके कुछ ख़ास दोस्त और उनके बेटे। ठाकुर परिवार के छोटे बेटे देवी दस को विशम्भर राणा की बेटी से प्यार हो जाता है लेकिन कुछ समय बाद विशम्भर राणा को मार दिया जाता है और इल्जाम ठाकुर परिवार की तरफ मोड़ दिया जाता है इसलिए विशम्भर राणा की बेटी परी इसका बदला लेने की ठान लेती है।

फिल्म की पूरी कहानी इसी तरह की कुछ गलतफहमियों पर आधारित है। अब क्या विद्युत समय रहते परी के सामने से इस ग़लतफहमी को हटा पाते है या नहीं और असली मुजरिमो को पकड़ पाते है या नहीं यही इस फिल्म की कहानी है।


हम यह पोस्ट एक ज्ञान वर्धक इनफार्मेशन की तरह दिखा और बता रहे हैं। अगर इस आर्टिकल से रिलेटेड कोई भी सुझाव या शिकायत है तो हमें digitalworldreview@gmail.com पर मेल करें!


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