कोरोना काल के समय को भुनाती वेब सीरीज द गॉन गेम वेब सीरीज का रिव्यू, सीरीज में क्या अच्छा है और क्या बुरा, किरदार, सीरीज की कहानी का प्लाट

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कैसी है द गॉन गेम वेब सीरीज? 
कोरोना काल के इस मुश्किल समय में जहाँ बहुत से लोगो को अपने घर में लॉक होकर अपनी जिंदगी बितानी पद रही है ऐसे में इसकी मार्किट पर बहुत ही बुरे तरीके से असर दिख रहा है क्यूंकि बहुत से काम इस लॉक डाउन के चलते बंद हो गए हैं जिससे लोग काफी परेशान हो रहे हैं लेकिन मुश्किल समय को भी अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना ही एक समझदार और सफल आदमी की निशानी होती है।

आज हम बात कर रहे हैं डायरेक्टर निखिल नागेश भट की जिन्होंने कोरोना के समय को एक मौके के तौर पर प्रयोग किया और एक अच्छी वेब सीरीज दर्शको के सामने रख दी जिसमे उन्होंने कोरोना से होने वाली परेशानियों को अच्छे से भुनाया है और सांथ ही इसका फायदा उठाकर अपना बहुत सारा खर्च बचा लिया जिसका प्रयोग उन्होंने अपनी सीरीज के दुसरे पहलुओं पर किया होगा। चूँकि कोरोना के वजह से सभी लोग घर पर ही थे इसलिए इस सीरीज की थीम भी उसी के अनुसार है यानि सभी किरदारों ने अपने घर से अपने हिस्से के रोल को निभा कर डायरेक्टर को दे दिया जिससे डायरेक्टर ने इस सीरीज का निर्माण किया।

हलाकि कई क्रिटिक इस सीरीज को हॉलीवुड की एक पॉपुलर फिल्म सर्चिंग से प्रभावित कह रहे हैं लेकिन देखा जाये तो उसमे कोरोना के समय का एंगल नहीं था जोकि आपको यहाँ देखने को मिलेगा जोकि अच्छा कारण है पूरी सीरीज को मोबाइल से शूट करने का। पूरी सीरीज मोबाइल में शूट है इसलिए आपको ज्यादा मौको पर चेहरे और मोबाइल के अंदर की स्क्रीन नज़र आएगी जोकि बॉलीवुड में अभी तलक कम ही देखने को मिला है।

सीरीज में मुख्य भूमिका में नज़र आने वाले हैं संजय कपूर जोकि एक पिता का रोल निभा रहे हैं, वहीँ उनके बच्चों का रोल निभा रहे हैं अर्जुन माथुर और श्वेता त्रिपाठी। डायरेक्टर ने कोरोना के चलते की सभी किरदारों को सीरीज में कोरोना का कारण बताकर अलग अलग ही दिखाया है जोकि काफी अच्छा आईडिया है।

आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

क्या द गॉन गेम वेब सीरीज हमें देखनी चाहिए?
सीरीज में कुल चार एपिसोड्स हैं और हर एपिसोड्स की लेंथ आधे घंटे के करीब की है जिसके कारण आपका ज्यादा समय इस सीरीज को देखने में बर्बाद नहीं होगा और आपको एक नए कांसेप्ट पर बनी सीरीज देखने को मिलेगी इसलिए हमारी राय में आपको यह सीरीज जरूर देखनी चाहिए।

द गॉन गेम सीरीज की रेटिंग
द गॉन गेम सीरीज को IMDB पे 8.5 रेट मिला है 10 में से और वहीँ हम इस सीरीज को 5 में से 3 स्टार देंगे। 

द गॉन गेम सीरीज में क्या अच्छा है?
सीरीज के लेंथ कम होने का फायदा सीरीज को मिला है इसलिए सीरीज सुरु से ही अपने मुद्दे पर आ जाती है और सीरीज का सस्पेंस बढ़ता चला जाता है।

सीरीज में कोरोना के समय को अच्छे से प्रयोग किया गया है और एक नए आईडिया के सांथ इस सीरीज को बनाया गया है जोकि पहले नहीं देखने को मिला था जोकि दर्शको के लिए एक नया और अच्छा एक्सपीरियंस होगा।

सीरीज का पेस को अच्छे से मैनेज किया गया है इसलिए दर्शक सीरीज से अंत तक बंधे रहते हैं। 

सभी किरदारों का काम भी आपको अच्छा लगेगा हालांकि लॉक डाउन के चलते किरदारों की एक्टिंग में आपको ज्यादा मूवमेंट देखने को नहीं मिलेगी फिर भी इस नए एक्सपीरियंस को भी आप एन्जॉय करेंगे।

द गॉन गेम सीरीज में क्या गलत है?
सीरीज में किरदारों के बैकग्राउंड बिल्ड पर ध्यान नहीं दिया गया है इसलिए आप उनसे इमोशनली जुड़ नहीं पाते हैं।

सीरीज में आपको आउटडोर शूट, एक्शन, रोमांस की कमी दिखती है क्यूंकि जायदातर शूट सिर्फ बैठे या वाक करते हुए ही किये गए हैं।

सीरीज आपको कुछ हद तक सर्चिंग मूवी से प्रभावित लगेगी।

4 एपिसोड्स होने के बावजूद भी सीरीज की कहानी को पूरा ख़त्म नहीं किया गया है और इसे अगले सीजन के लिए रखा गया है जोकि समझ के परे है।

द गॉन गेम सीरीज का डायरेक्शन, स्क्रीनप्ले और म्यूजिक
सीरीज के डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले की आप जरूर सराहना करेंगे क्यूंकि पूरी सीरीज को एक नए आईडिया पर ढाला गया और परदे पर उतरा गया है। किरदारों और माहौल का बखूबी इस्तेमाल किया गया है जोकि कबीले तारीफ है।

सीरीज का म्यूजिक हालांकि औसतन है लेकिन फिर सीरीज के माहौल के अनुसार है जोकि काफी है दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाने के लिए।

द गॉन गेम सीरीज की कहानी का प्लाट
सीरीज की कहानी शुरू होती है कोरोना काल के समय से जहाँ गुजराल परिवार का हर सदय कहीं न कहीं फंसा हुआ इस समय में और सिर्फ वीडियो कॉल के जरिये एक दुसरे से जुड़े हुए हैं। सुभाष चौधरी (दिब्येंदु भट्टाचार्य) गुजराल फॅमिली को फ़ोन करके अपने पैसे वापस मांग रहा है और उन्हें धमका रहा है। कुछ दिनों बाद इस फॅमिली को बड़ा झटका लगता है जब इन्हे पता लगता है साहिल गुजराल को कोरोना हो गया है जिसके कारण वह हॉस्पिटल भर्ती हो जाता है और कुछ दिन बाद उसकी मौत हो जाती है। इस दुःख की घडी में भी सुभाष चौधरी अपने पैसे वापस मांगता है तो राजीव गुजराल (संजय कपूर) उसे जेल में बंद करवा देता है।

यहाँ साहिल की छोटी बहन अमरा गुजराल (श्वेता त्रिपाठी) को शक है की उसके भाई मौत कैसे हुई तो वह इसकी जाँच करनी शुरू कर देती है तो शुरुआत में उसे पता लगता है की उसके पुराने बॉयफ्रेंड और उसकी भाभी मिलकर कोई चाल चल रहे हैं और उसके भाई के मर्डर में इनका हाथ हो सकता है लेकिन जैसे वह कुछ और आगे बढ़ती है अपनी जाँच में तो उसके सामने सचाई निकल कर आ जाती है की यह सब कुछ उसके भाई के इशारे पर हो रहा है।

दरअसल में उसका भाई मरा नहीं है वह जिन्दा है और बहुत बड़ा गमन करके सबको छोड़कर देश से भागने की फ़िराक में है इसलिए उसने अपने मरने की झूटी साजिश करी है जिसमे उसकी वाइफ और उसका बॉय फ्रेंड भी शामिल है। बस इसी खुलासे के सांथ ही यह सीरीज यहाँ ख़त्म हो जाती है अब देखना है की अगले सीजन में क्या खुलासे देखने को मिलते हैं।

द गॉन गेम सीरीज के किरदार 
संजय कपूर: राजीव गुजराल, अर्जुन माथुर: साहिल गुजराल, श्वेता त्रिपाठी, अमरा गुजराल,  श्रिया पिलगाओंकर: सुहानी गुजराल, रुखसार रेहमान: सुनीता गुजराल, लुबना सलीम: बरखा कपूर, इंद्रनील सेनगुप्ता: प्रतीक जिंदल, दिब्येंदु भट्टाचार्य: सुभाष चौधरी, मिलिंद अधिकारी: इनवेस्टिगेटिव अफसर, निखिल अग्रवाल: प्रतीक फ्रेंड

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