साउथ का बड़ा पैकेट लेकिन छोटा धमाका। मास्टर फिल्म का रिव्यू, फिल्म में क्या अच्छा है और क्या बुरा, किरदार, फिल्म की कहानी का प्लाट

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कैसी है मास्टर फिल्म?
लोकेश कनगराज यह अच्छे से जानते हैं की उनकी ऑडियंस को क्या चाहिए इसलिए उनकी बनाई हुई नई फिल्म मास्टर में आपको साउथ इंडिया के डायलॉग का तड़का और लड़ाई के स्टाइल ठीक वैसे ही दिखते हैं जैसे की आप साउथ की कई हिट फिल्मो में देखते हो। यह आप पर निर्भर है की आप इस स्टाइल को कितना पसंद करते हो मगर मास्टर फिल्म में दो बड़े कलाकार आपको एक्शन का अच्छा रोमांच देने वाले हैं इसलिए अगर आप लड़ाई झगडे को फिल्म में पसंद करते है तो यह फिल्म आपके लिए ही बनी है।

फिल्म समाज के ऐसे मुद्दे को भी उठती है जिसपर समाज का ध्यान कम ही जाता है इसलिए कई बच्चे एक छोटे से गुनाह के बावजूद कई बड़े गुनाहो की दुनिया में प्रवेश कर लेते हैं क्यूंकि उनका मार्गदर्शन कोई करता नहीं है। ऐसे में बहुत सारे लोग इसी बात का फायदा उठाकर उन्हें जुर्म के दलदल में फंसाकर अपना फायदा हमेशा ही उठाते रहते हैं।

फिल्म में दो तरफ की दुनिया को अच्छे से दिखाया गया है जहाँ बच्चों के पास सबकुछ है लेकिन फिर बच्चे अपनी पढाई से ज्यादा बाकि बातों पर अपना ध्यान लगाते हैं तो वहीँ कुछ बच्चें सिर्फ दो वक़्त के खाने के लिए संघर्ष करते हैं और इसी संघर्ष के कारण वह जेल में आ जाते हैं जहाँ इनका यह संघर्ष अपने जीवन के लिए होने लग जाता है।

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क्यों एक बच्चा एक छोटे से जुर्म होने के बावजूद अपने मन को और अपने शरीर को क्यों इतना कठोर बना लेता है की उसके लिए बाकि लोग सिर्फ उसकी कामयाबी की सीढ़ी मात्र हैं। जिस किसी की उसे जरूरत नहीं होती या कोई उसके रस्ते में कांटा बनता है तो उसे अपने एक मुक्के के वार से ही ख़त्म कर देता है अब इसमें चाहे बच्चे हों या बड़े। वहीँ एक प्रोफेसर जोकि शराबी है लेकिन सिर्फ अपने बारे में सोचता है लेकिन सांथ ही उसे अपने विधार्थियों की भी चिंता होती है इसलिए जब उसकी बड़ी लापरवाही से जब दो बच्चों की मौत हो जाती है तो वह शराब ही छोड़ देता है।

फिल्म में विजय सेतुपति आपको एक विल्लन के किरदार में नज़र में आने वाले हैं तो वही जोसफ विजय आपको हीरो के किरदार में नज़र आने वाले हैं। विल्लन किस तरह का होना चाहिए और कितना ताकतवर होना चाहिए बाकि फिल्म जरूर इस फिल्म को देखकर प्रभावित होगी वरना आमतौर पर भारतीय फिल्मों में हीरो को ही ताकतवर दिखाया जाता है जिससे फिल्म एक तरफा लगने लग जाती है।


मास्टर फिल्म हमें देखनी चाहिए?
फिल्म सच में कमाल है इसलिए आपको यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए। फिल्म बिना किसी एडल्ट दृश्य के बनी जरूर है लेकिन इसका एक्शन हो सकता है की आपके मन को हिल्ला दे, इसलिए इसे आप अपने परिवार के सांथ देख सकते हैं या नहीं यह फैसला आप खुद ही करें।


मास्टर फिल्म की रेटिंग कितनी है?
91% दर्शकों
ने इस फिल्म को गूगल पे पसंद किया है तो वहीँ इस फिल्म को IMDB पे 10 में से 7.6 की रेटिंग मिली है। हम इस फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार देंगे।


फिल्म में क्या सही है?
फिल्म में दोनों किरदारों को अच्छे से लिखा गया है जिससे दोनों बड़े सितारों को लेकर आपके मन में एक सवाल पहले से ही बनने लग जायेगा की जब इन दोनों की टक्कर होगी तो क्या होगा और कौन जीतेगा।

मास्टर फिल्म का डायरेक्शन और प्रोडक्शन की गुणवत्ता की बात की जाए तो वह काफी अच्छा है जिससे आपको फिल्म के हर दृश्य बिलकुल सटीक लगते है। एक हीरो और विल्लन के ऊपर जिस तरह से ध्यान दिया गया है यह आपको फिल्म देखने पर दिखता है। 

किरदारों ने अपना बेहतरीन अभिनय किया है खासतौर पर विजय सेतुपति की अदाकारी देखकर तो आप सच में इनसे प्यार करने लग जायेंगे। खासतौर पर वह दृश्य जब विजय सेतुपति दो बच्चों को मारने वाला होता है, यहाँ जिस तरह से उन बच्चों ने खौफ को दिखाया है ऐसा अभिनय बड़े से बड़े कलाकारों को चौंका सकता है।

मास्टर फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड म्यूजिक आपको बाँध कर रख देगा लेकिन हो सकता है आपको यह म्यूजिक स्कैम 1992 की तरह या उससे प्रभावित लगे।


फिल्म में क्या गलत है?
फिल्म लगभग 3 घंटे की है इसलिए हो सकता है आप बोर भी हो जाये लेकिन डायरेक्टर ने दोनों बड़े सितारों का दर्शकों से भावनातमक सम्बन्ध बनाने के लिए बराबर का मौका दिया है जोकि सही भी लगता है लेकिन इस बीच डायरेक्टर बाकि किरदारों को ज्यादा समय नहीं दे पाए इसलिए बाकी किरदार फिल्म में एक दो दृश्यों पर ही नज़र आते हैं जोकि इस फिल्म की लम्बाई को देखते हुए सच में गलत लगता है।

मास्टर फिल्म का स्क्रीनप्ले थोड़ा स्लो है और फिल्म में बहुत सारे दृश्य ऐसे भी हैं जो देखने में तो अच्छे लगते हैं लेकिन अगर वह फिल्म में न भी होते तो भी फिल्म काफी अच्छी लगती और फिल्म थोड़ा छोटी बन जाती।

फिल्म में बड़े किरदार तो हैं लेकिन उनके बीच का मुकाबला उतना दमदार नहीं लगता है।

फिल्म की कहानी काफी ज्यादा सीधी है जहाँ आपको शुरू के कुछ मिंटो में ही कहानी का अंदाजा लगना चालू हो जाता है।


मास्टर फिल्म के किरदार
मालविका मोहनन: चारुलता, जोसफ विजय: जॉन दुरैराज, विजय सेतुपति: भवानी, एंड्रिया जेरेमिया: वानथी, अर्जुन दास: दास, गौरी किशन: सविता, रम्य सुब्रमनियन: राम्या, शान्तनु भाग्यराज: भार्गव, नस्सर: जॉन दुरैराज मेंटर, सीबी भुवना चंद्रन: श्री, प्रेम कुमार: प्रेम


मास्टर फिल्म की कहानी क्या है?
फिल्म की कहानी दो लोगो के ऊपर है जिसमे से एक बचपन से ही जुर्म की दुनिया में रहकर उसका बादशाह बनने का सपना देखता है और उसके रास्ते में आने वाले सभी लोगो को मरता चला जाता है। लोगो को मारने के बाद वह उस जुर्म के लिए सजा काट रहे बच्चों को आगे कर देता है जिसके कारण कई छोटे बच्चों की जिंदगी ख़राब हो रही थी।

वहीँ मास्टर जोकि बहुत ज्यादा शराब पीता है लेकिन उसे अपने विद्यार्थियों की भी चिंता रहती है और वह उनकी मदद के लिए हमेशा तैयार रहता है लेकिन कॉलेज के बाकी स्टाफ उसके खिलाफ होते हैं और वह उसे किसी न किसी बहाने से कॉलेज से ट्रांसफर करवा देते हैं और अब मास्टर का ट्रांसफर हो जाता है जेल के बच्चों के पास।

मास्टर यहाँ उनसे अपनी दोस्ती बढ़ता है और उनकी मदद करता है लेकिन भवानी इस बात की सजा दो बच्चों को जान से मार कर देता है इसलिए अब मास्टर भवानी से सीधा मुकाबला करता है। इन दोनों की लड़ाई में कौन जीतता है इसके लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

अगर इस आर्टिकल से रिलेटेड कोई भी सुझाव और शिकायत है तो हमें digitalworldreview@gmail.com पर मेल करें!


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