रूही फिल्म का रिव्यू, किरदार, फिल्म की कहानी का प्लाट, फिल्म क्या अच्छा है और क्या बुरा। – roohi film ka hindi mein review, film ki kahani hindi mein

roohi-film-ka-hindi-mein-review-kahani-star-cast
Spread the love

रूही फिल्म का हिंदी में रिव्यू – roohi film ka hindi mein review

कोरोना के इस मुश्किल समय से हर कोई प्रभावित है जिससे सिनेमा जगत भी अछूता नहीं है ऐसे में अपनी फिल्म को पड़े परदे पर रिलीज़ करना एक बहुत बड़े रिस्क के जैसा है क्यूंकि दर्शक ऐसे कोरोना के चलते थिएटर तक आने की हिम्मत मुश्किल से जुटा पा रहे हैं। लेकिन अगर दर्शकों के लिए कुछ कंटेंट परदे पर आये तो दर्शक जरूर ऐसे में सावधानी के सांथ थिएटर आने के बारे में जरूर सोचेंगे लेकिन हार्दिक मेहता द्वारा निर्मित फिल्म रूही दर्शकों के लिए अपने आप में एक खतरा बन गयी है पैसे बर्बाद करने का खतरा और हम ऐसा क्यों कह रहे हैं यह हम आपको आगे रूही फिल्म के रिव्यु के दौरान जरूर बताएँगे।

फिल्म को रिलीज़ करते वक़्त फिल्म को मेकर्स ने स्त्री के नाम का जरूर प्रमोट किया था ताकि ज्यादा से ज्यादा दर्शक थिएटर आ सकें लेकिन ऐसा हुआ नहीं और बहुत ही कम लोग ही थिएटर तक आये। जितने दर्शक थिएटर पर आये हैं वह इस फिल्म के जॉनर से काफी निराश हुए हैं क्यूंकि फिल्म अपने आपको किसी भी क्षेत्र में साबित नहीं कर पाती है।

फिल्म पुरे घंटे आपको सिर्फ बोर करने के अलावा किसी भी तरह का भाव देने में असमर्थ साबित हुई है फिल्म की कहानी में ऐसा कुछ भी दम नहीं है की आप इतनी देर तक इस फिल्म देख सकें। फिल्म के ट्रेलर से जरूर आपने भी इसमें काफी अच्छे हॉरर की उम्मीद की होगी लेकिन उसमे में फिल्म पूरी तरह से विफल हुई है जिसका सबसे बड़ा कारण इसका तकनिकी क्षेत्र में बहुत ही साधारण प्रदर्शन है जोकि भी फिल्म में हॉरर के प्रभाव को बनाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होती है।

इस आर्टिकल को इंग्लिश पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

फिल्म की दूसरी सबसे बड़ी कमजोरी इस फिल्म की अदाकारी है जोकि आपको यह एहसा दिलाती रहेगी की आपको जबरदस्ती हँसाने की कोशिश की जा रही है क्यूंकि कोई भी कलाकार आपको नेचुरल तरीके से हँसाने या हास्य व्यंग्य करके हँसाने में असफल रहे हैं। हलाकि ऐसा नहीं है कहानी का टॉपिक उतना रोचक नहीं है फिल्म को कॉमेडी का तड़का देने के लिए जिस तरह की कहानी चाहिए उस तरह की कहानी यहाँ आपको देखने को मिलेगी लेकिन फिल्म का दर्शकों तक पहुंचने का तरीका और इसका अंत आपको निराश कर देता है।


रूही फिल्म की रेटिंग कितनी है?

इस फिल्म को IMDB पे 10 में से 5.0 की रेटिंग मिली है और हम इस फिल्म को 5 में से 2 स्टार देंगे।


कैसी है रूही फिल्म और क्या हमें इसे देखना चाहिए? – kaisi hai roohi film aur kya hamein isey dekhna chahiye

आपके पास कोई दूसरा कॉमेडी का कंटेंट नहीं है तो आप इसे देख सकते हैं वरना इसमे ऐसा कुछ खास नहीं है की आप इसे मिस करें।


परफॉरमेंस

राजकुमार राव – राजकुमार राव ने अपने जॉनर से बहार जाकर इस बार एक कॉमेडी फिल्म को चुना है जोकि काबिले तारीफ जरूर है क्यूंकि एक अच्छा कलाकार बनने के लिए आपको सभी मापदंडो पर खरा उतरना आना ही चाहिए मगर उसके लिए आपको कहानी भी जरूर देखनी चाहिए। इस फिल्म की कहानी में उतना हुमूर नहीं है इसलिए आप अगर एक नेचुरल कॉमेडियन नहीं है तो आपको दिक्कत जरूर आएगी और यही यहाँ देखने को मिलता है।

राजकुमार राव अपने डायलॉग को बोलने और फेस के भाव से आपको हँसाने में पूरी तरह से विफल नज़र आते हैं मगर बाकी दृश्यों में उनकी अदाकारी बहुत हद तक अच्छी लगती है जोकि फिल्म को खींचने में कामयाब रही है।

वरुण शर्मा – वरुण शर्मा के लिए भी कुछ इसी तरह की परेशानी कड़ी हुई है की उन्हें लोगो को जबरदस्ती हँसाने काम दिया गया है हलाकि वह इसमें कामयाब तो हुए हैं लेकिन आपको उन्हें देखकर अब कुछ बोरियत जरूर होगी क्यूंकि उनकी अदाकारी आपको चूचा की ही याद दिलाता है। वरुण शर्मा को अपने चेहरे के भावों पर कुछ मेहनत करनी होगी और कॉमेडी में कुछ विविधता लेकर आनी होगी वरना उनका हर परफॉरमेंस आपको बस चूचा की ही परफॉरमेंस लगेगी।

जाह्नवी कपूर – जाह्नवी कपूर के लिए जरूर आप कुछ अच्छा जरूर कहोगे क्यूंकि उनके लिए कोई ऐसा डायलॉग नहीं था जिससे उनकी अदाकारी को ज्यादा तोलने की कोशिश की जाये लेकिन भूत बनकर उन्होंने भी औसत ही परफॉरमेंस दी है। उनके भूतिया चेहरे को देखकर हलाकि आपको टॉम क्रूज की ममी की याद जरूर आएगी।


रूही फिल्म में क्या अच्छा है?

फिल्म के हलके फुल्के के दृश्यों और वरुण शर्मा की कॉमेडी टाइमिंग के अलावा ऐसा कुछ खास आपको फिल्म में देखने को नहीं मिलेगा जिससे आप ज्यादा आनंदित हो सकें।

1962 द वॉर इन द हिल्स वेब सीरीज का रिव्यू के बारे में पढ़ें


रूही फिल्म में क्या बुरा है?

रूही फिल्म का स्क्रीनप्ले इतना ज्यादा धीमा और खींचा हुआ है की आपको सच में कॉमेडी के दृश्य देखने पर भी यह एहसास होगा की आपको जबरदस्ती हँसाने की कोशिश की जा रही है। फिल्म सुरु में आपको बांधने में जरूर कामयाब होती है लेकिन फिल्म में ऐसा कुछ ट्विस्ट और टर्न न होने के कारण आपको फिल्म अपने आप ही लम्बी महसूस होने लगेगी।

रूही फिल्म का म्यूजिक बहुत ही ज्यादा कमजोर है और उससे ज्यादा बेकार इसका बैकग्राउंड म्यूजिक है जोकि आपको बहुत सारे डायलॉग को समझने में प्रॉब्लम करने लगता है। 

रूही फिल्म का डायरेक्शन काफी औसत है क्यूंकि इसके अंदर आपको हॉरर वाली फिल्म देखने का एहसास बहुत ही कम होता है अगर हम इसकी तुलना स्त्री फिल्म से ही करें तो। फिल्म को देसी अंदाज़ देने की कोशिश जरूर की गयी लेकिन इस चक्कर में डायरेक्टर दर्शकों के बारे में भूल गए की दर्शक इस भाषा को कैसे समझेंगे क्यूंकि फिल्म में आपको सबटाइटल नहीं मिलेगा जिससे आप उस डायलॉग को समझ सकें।


रूही फिल्म के टीम मेंबर्स

राइटर: गौतम मेहरा, मृगदीप सिंह लम्बा
डायरेक्टर: हार्दिक मेहता

रूही फिल्म की स्टार कास्ट

राजकुम्मर राव: हितेश अरोरा, जान्हवी कपूर: रूही अरोरा, वरुण शर्मा: लकीरेश, अलेक्सस ओ’नेल: टिम, राजेश जैस: रूही के पिता, सुमित गुलाटी: पारस, अभिनव चतुर्वेदी: प्रकाश, आदेश भरद्वाज: रिआज़, अनुरा अरोरा: तांत्रिक, अमित सिंह खरबंदा: हरी, गौतम मेहरा: लकी पंडित, पंत: पंडित, विनोद पाल सिंह रघुवंशी: पंडित, मानव विज: गुनिया शकील, सरिता जोशी: बुढ़िया, अनीश त्रिवेदी


रूही फिल्म की कहानी

फिल्म की कहानी की दो दोस्तों और एक लड़की के ऊपर है, दोस्त के रूप में आपको भंवरा पांडेय (राजकुमार राव) और कतन्नी (वरुण शर्मा) दिखेंगे तो वहीँ जाह्नवी कपूर आपको रूही नाम की गांव लड़की का रोल अदा कर रही हैं। दोनों दोस्त रिपोर्टर का काम करते हैं और इसके सांथ ही वह पार्ट टाइम शादियों के लड़कियों को किडनैप भी करते हैं क्यूंकि उनके गांव में शादियों के लिए लड़कियों की कमी है।

दोनों दोस्त रूही को किडनैप करते हैं ताकि उसका सौदा कर सकें शादी के लिए लेकिन उनके वह रस्ते में फँस जाते हैं और उन्हें बीच में ही रूकना पड़ता है। कुछ बातों और समय के सांथ भंवरा पांडेय को रूही से प्यार हो जाता है लेकिन कहानी में मोड़ यह है की रूही के अंदर अफ्ज़ा की आत्मा आ जाती है जिसका सपना है शादी करना। कतन्नी को अफ्ज़ा से प्यार हो जाता है।

अब दोनों दोस्त आपस में उलझ कर रह जाते हैं की दोनों ही एक लड़की को चाहते हैं लेकिन एक आत्मा को और एक जीवित लड़की। इन दोनों दोस्तों के बीच अब यह भूतनी कैसे दरार डालती है और क्या यह दोनों अपनी दोस्ती को टूटने से बचा पाते हैं यही रूही फिल्म की कहानी है।

हम इसे एक ज्ञान वर्धक इनफार्मेशन की तरह दिखा और बता रहे हैं। अगर इस आर्टिकल से रिलेटेड कोई भी सुझाव या शिकायत है तो हमें digitalworldreview@gmail.com पर मेल करें!


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *