बड़े परिवार के अंदर की कलह को दर्शाती फिल्म “रात अकेली है” का रिव्यू, फिल्म में क्या अच्छा है और क्या बुरा, फिल्म के किरदार, फिल्म की कहानी का प्लाट

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कैसी है “रात अकेली है” फिल्म
दोस्तों इस सीरीज का क्राइम थ्रिलर को पसंद करने वाली एक बहुत बड़ी ऑडियंस काफी लम्बे समय से कर रही थी ऐसा इसलिए नहीं की ऐसी सीरीज या फिल्म नहीं है इस समय बल्कि इसलिए क्यूंकि इसमें काफी बड़े बड़े नाम जैसे नवाज़ुद्दीन, राधिका आप्टे, तिग्मांशु कलाकार मौजूद हैं जिन्होंने की वाकई में इस शो में चार चाँद लगा दिए हैं। फिल्म की कहानी की शुरुआत जितनी ज्यादा अच्छी और थ्रिल से भरी हुई थी उतना ही इस फिल्म का अंत है जोकि काफी ज्यादा सस्पेंस और इमोशंस से भरा हुआ है। आप जब इस सीरीज को देखेंगे तो आपको एहसास होगा की बेहतरीन क्राइम थ्रिलर फिल्म आप देख रहे हो।

राधिका आप्टे और नवाज़ुद्दीन एक सांथ काफी लम्बे समय बाद एक फिल्म में काम कर रहे हैं लेकिन जब दोनों अपनी परफॉरमेंस देते हैं तो आप मोमेंट पे बस उन्हें ही देखना चाहते हो। दोनों की अदाकारी काफी कमाल की है जोकि आपको बांधें रखते हैं पूरी फिल्म में। फिल्म की शुरुआती दृश्य ही आपको रोमांचित करने के लिए काफी अच्छे लिखा और दर्शाया गया है जिससे आप शुरू से एक सस्पेंस में आ जाते है की फिल्म में असली खूनी कौन है जोकि इस फिल्म के आगे बढ़ने के सांथ सांथ बढ़ता चला जाता है क्यूंकि फिल्म में कुछ और भी खून होते हैं जिसे सोल्वे करने के लिए इंस्पेक्टर जटिल यादव अपनी पूरी ताकत लगा देते हैं।

फिल्म में एक लड़के के लिए उसकी माँ का लड़की को ढूढ़ना, उसे शादी करने के लिए ताने मारना इसके कारण माँ और बेटे की बहस के कहते मीठे पल को शानदार तरीके से पेश किया गया है जोकि हर भारतीय घर की कहानी होती है। जटिल यादव कैसे अपने प्यार को बचाने और असली खूनी को पकड़वाने की काफी कोशिश करनी पड़ती है क्यूंकि इसमें बड़े राजनेता और पुलिस अफसर भी शामिल हैं लेकिन इन सब के बीच क्या असली आता है तो समाज के अंदर का एक गन्दा चेहरा निकल कर आता है जोकि सबको अपनी परवरिश पे सोचने को मजबूर कर देता है। 

कुछ कयास लगाए जा रहे थे की यह फिल्म हॉलीवुड की फेमस फिल्म कनिवेस आउट का कॉपी तो नहीं है तो हम यहाँ अपने दर्शको को बता दें की फिल्म का कांसेप्ट मिलता जुलता जरूर है लेकिन फिल्म की कहानी और अंत बिलकुल ही अलग है इसलिए आप इस फिल्म को जरूर एन्जॉय करेंगे अगर आपने कनिवेस आउट फिल्म पहले देख भी रखी है।

आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

क्या रात अकेली है फिल्म देखनी चाहिए
यह फिल्म करीबन ढाई घंटे की है जिसे आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं। इस फिल्म का जॉनर है क्राइम, ड्रामा, मिस्ट्री जिसमे यह फिल्म पूरी तरह से खरी उतरती है। हम इस फिल्म को देखने की राय जरूर देंगे क्यूंकि इस फिल्म का अंत आपको एक ठोस मैसेज देता है जिसे समझाना भी जरूरी है।

रात अकेली है” फिल्म की रेटिंग
इस फिल्म को IMDB पे 7.9 रेट मिला है 10 में से और वहीँ हम इस फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार देंगे। गूगल पे इसे 97% दर्शको ने लाइक किया है।

फिल्म में क्या अच्छा है
फिल्म में करैक्टर बिल्डिंग काफी अच्छे से किया है, इसलिए आप कहानी से काफी अच्छे से जुड़ जाते हैं। हर किरदार के पास्ट और उसके बैकग्राउंड को अच्छे से प्रस्तुत किया गया है जोकि उस करैक्टर के बारे में दर्शको को जानने में मदद करता है।

फिल्म में रोमांच और ट्विस्ट आपको हर एक पहलु पर मिलते हैं जिससे आपकी उत्सुकता पूरी फिल्म में बनी रहती है। फिल्म को जितने अच्छे तरीके से शुरुआत दी गयी है उतने ही अच्छे तरीके से फिल्म का अंत भी किया गया है। जिससे दर्शक अपने आप फिल्म से शुरू से जुड़े रहते हैं।

फिल्म की खासियत है इसका शानदार डायरेक्शन जहाँ की आपको डार्क वर्ल्ड वाली फीलिंग आती है और आपको उत्तर प्रदेश को एक नए नज़रिये से देखने का मौका मिलता है।

फिल्म में सभी किरदारों ने अपने किरदार के सांथ पूरा इन्साफ किया है और अपना बेहतरीन काम किया गया है जिससे यह फिल्म आपको और भी रोमांचित करती है।

फिल्म में क्या गलत है
फिल्म की लेंथ बहुत ज्यादा है और सच कहें तो आप एक समय पे बहुत ज्यादा बोर भी होने लग जाओगे इसलिए डायरेक्टर को इस फिल्म को थोड़ा और छोटा बनाना चाहिए था।

फिल्म में नवाज़ुद्दीन और राधिका आप्टे के बीच प्यार को पनपने का दृश्य भी दिखाया गया है जोकि सच कहें तो बिलकुल लॉजिक से बहार लगा, किसी को इन्साफ दिलाना अलग बात होती है मगर जिस औरत का एक बूढ़े आदमी से अफेयर रह चूका है और वह अब उससे शादी करके उसकी विधवा बन चुकी है उससे प्यार करना इस लॉजिक कुछ अजीब बना देता है।

फिल्म का डायरेक्शन, स्क्रीनप्ले और म्यूजिक
फिल्म के डायरेक्शन की बात की जाए तो यहाँ जरूर डायरेक्टर ने बाज़ी मार ली है क्यूंकि आपको यह फिल्म सच में हॉलीवुड के डायरेक्शन की ही याद दिलाता है जहाँ अच्छे से पास्ट को पहले दिखाकर प्रेजेंट में लाया जाता है और कहानी के ट्विस्ट को समझने के लिए वापस से पास्ट में ले जाया जाता है। पिक्चर क्वालिटी भी काफी अच्छी है जिसके कारण आपका मज़ा भी बढ़ जाता है।

स्क्रीनप्ले भी नार्मल है लेकिन कहा जा सकता है कहानी अगर थोड़ा छोटी होती तो फिल्म का इम्पैक्ट और अच्छा होता। कहानी अपना पेस कहीं कहीं पर खो रही थी उसकी वजह इस फिल्म का लम्बा होना है।

फिल्म का म्यूजिक कुछ खास नहीं है, इसमें आपको कोई भी गाने या म्यूजिक ऐसा नहीं मिलेगा जिससे आप बहुत ज्यादा पसंद करें।

फिल्म के ट्रेलर का रिव्यू पढ़ने के लिए क्लिक करें।

“रात अकेली है” फिल्म की कहानी का प्लाट
फिल्म की कहानी की शुरुआत होती है एक एक्सीडेंट से जहाँ गाडी के ड्राइवर और एक औरत का खून कर दिया जाता है। उसके बाद कहानी में एंट्री होती है इंस्पेक्टर जटिल यादव (नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी) की जोकि एक हवेली में हुए रघुबीर सिंह (खालिद त्याबजी) की खून की जांच करने आते हैं। रघुबीर सिंह की शादी हो रही होती है उनकी एक लवर राधा (राधिका आप्टे) से। सारे सबूत शुरू में राधिका के खिलाफ होते हैं लेकिन जटिल यादव अपनी जांच में एक पुराने केस की तरफ पहुँच जाते हैं जहाँ उन्हें पता लगता है रघुबीर सिंह की पत्नी का खून कुछ साल पहले हुआ था जिसमे की इस घर की नौकरानी के पिता जोकि ड्राइवर थे उनका भी खून हो जाता है।

अब जटिल यादव को इस केस को सुलझाने में थोड़ा प्रॉब्लम आनी शुरू हो जाती है क्यूंकि इस पुराने केस में कुछ राजनेता भी शामिल हैं इसलिए वह पुलिस अफसर की मदद से जटिल यादव पर प्रेशर बनाने की कोशिश करते है लेकिन जटिल यादव अब कई सबूतों की मदद से इस केस की कई राज़ जान लेता है इसलिए वह राधा को पुलिस स्टेशन भेजकर एक चाल चलता है जिसकी मदद से वह असली गुनहगारों तक पहुँच जाता है।

अंत में जटिल यादव सारे परिवार के सामने ही खुलासा करता है की कैसे रघुवीर अपनी बहन की बच्ची से ही रिलेशन बना रहा था जिसके पता रघुवीर की पत्नी को लग जाता है लेकिन परिवार की बदनामी न हो इसलिए रघुवीर की बहन अपनी भाभी को मरवा देती है नेता की मदद से। लेकिन जब वह बच्ची बड़ी होती है वह अपने इस अपमान का बदला लेती है रघुवीर का क़त्ल करके। जटिल यादव इन सभी गुनाहो के लिए रघुवीर की बहन और उसकी लड़की, पुलिस अफसर और नेता को जेल में डाल देता है। अंत में दिखाया गया है जटिल यादव राधा को अपना लेता है क्यूंकि वह उसे प्यार करने लग जाता है।

“रात अकेली है” फिल्म की स्टार कास्ट 
नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी: जटिल यादव, राधिका आप्टे: राधा, निशांत दहिया: विक्रम सिंह, तिग्मांशु धूलिआ: लालजी शुक्ला, शिवानी रघुवंशी: वसुधा सिंह, आदित्य श्रीवास्तव: मुन्ना राजा, श्वेता त्रिपाठी: करुणा सिंह, खालिद त्याबजी: रघुबीर सिंह

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