‘पेंगुइन’ फिल्म का हिंदी रिव्यू, कहानी में क्या अच्छा है और क्या बुरा, फिल्म की कहानी हिंदी में।

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‘पेंगुइन’ फिल्म कैसी है हिंदी में रिव्यू
‘पेंगुइन’ फिल्म जिसमे की मुख्य रोल में आपको दिखेंगी “कीर्ति सुरेश” और यह फिल्म सस्पेंस और थ्रिल जॉनर की है। हलाकि दोस्तों सस्पेंस और थ्रिल इसमें पहले हाफ में काफी रहता है और आपको जानने की उत्सुकता बानी रहती है की कीर्ति का बच्चा कहाँ गायब हो गया या उसे किसने किडनैप किया है। सस्पेंस को और अधिक बढ़ाने के लिए राइटर ने अच्छे से विल्लिअन की गेटउप और स्टोरी लाइन भी लिखी है मगर धीरे धीरे यह सस्पेंस कुछ कम सा होने लग जाता है। वहीँ फिल्म भी धीरे धीरे कुछ स्लो होती चली जाती है।

कहानी में एक्टिंग की बात की जाये कीर्ति सुरेश ने काफी अच्छा काम किया है। उन्हें एक प्रेग्नेंट माँ के रुप में फिल्म में दिखाया गया है और पब्लिक की सिम्पथी लेने की कोशिश की गयी है की कैसे एक माँ अपने बच्चे को बचाने के लिए कितना सघर्ष कर सकती है। मगर कुछ मामलो में यह इस फिल्म की कमजोरी भी बन जाती है क्यूंकि फिल्म में किडनैपर का चेस और फाइट सीन इस फिल्म से मिस हो जाता है जोकि इसकी कहानी को और स्ट्रांग बना सकता था।

इस आर्टिकल को आप इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

हमारी राय में फिल्म की शुरुआत तो अच्छी हुई मगर फिल्म आगे बढ़ते बढ़ते बहुत फीकी पड़ जाती है। अगर आपके पास कुछ नया नहीं है देखने के लिए तो आप इस फिल्म को देख सकते हैं।    

फिल्म के डायरेक्टर हैं ईश्वर कार्तिक और कहानी भी इन्होने ही लिखी है। यह फिल्म आपको अमेज़न प्राइम पे देखने को मिल जाएगी तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषा में। मगर इसकी डबिंग दोस्तों इतनी अच्छी नहीं है, हाँ आपको इंग्लिश सबटाइटल मिल जायेंगे अगर आप इन भाषा को समझने में असमर्थ हैं।   

फिल्म की रेटिंग
फिल्म को IMDB पे 4.6 रेट मिला है 10 में से और वहीँ हम इस सीरीज को 5 में से 2 स्टार देंगे।

फिल्म में क्या सही है
फिल्म का डायरेक्शन काफी अच्छा है, फिल्म की शूटिंग ऊटी जैसे खूबसूरत जगह पे की गयी है और उसका पूरा फायदा डायरेक्टर ने उठाया है अच्छी अच्छी लोकेशंस पे शूट करके और मैक्सिमम शूट को बाहर और सुन्दर लोकेशंस पे किया गया है जोकि काफी अच्छा लगता है देखने में।

डायरेक्टर ने विल्लन का बिल्डअप काफी अच्छे से किया है, विल्लन हलाकि इसमें दो हैं मगर मैं विल्लन का ओवर आल लुक आपको काफी नया और अच्छा लगेगा। यह इसलिए भी अच्छा लगता है क्यूंकि इस विल्लन की पर्सनालिटी को देखकर असली विल्लन का अंदाजा लगना भी मुश्किल हो जाता है।

फिल्म में कीर्ति सुरेश की एक्टिंग काफी अच्छी है और सबसे ज्यादा अच्छा काम किया है कीर्ति के कुत्ते ने। कुत्ता ही कीर्ति की सबसे ज्यादा मदद करता है, विल्लन से लड़ाई में और उसके बच्चे को ढूढ़ने में।

फिल्म में क्या गलत है 
फिल्म का सस्पेंस फिल्म के दुसरे हाफ में काफी वीक हो जाता है ऊपर से जब विल्लन पकड़ा जाता है और उसने ऐसा क्यों किया यह मकसद को फिल्म में अच्छे से नहीं दिखाया गया है क्यूंकि यह कारण आप कई फिल्मो में देख चुके होंगे।

फिल्म में कुछ ऐसे सीन ऐसे हैं जोकि आपको यकीन न करने वाले लगेंगे जैसे एक प्रेग्नेंट लेडी का अच्छे तगड़े विलन से फाइट करके उसे बांध देना, सच में हजम नहीं होता।

फिल्म के काफी सींन आपको हॉलीवुड के कई फिल्मों जैसे शर्लाक होल्म्स और इट की तरह की फिल्मो से प्रभावित लगेंगे।

फिल्म में कीर्ति को छोड़ आपको दुसरे किरदारों में अच्छी डेप्थ नहीं देखने को मिलेगी हलाकि फिल्म के विल्लन का काम भी आपको अच्छा जरूर लगेगा।

फिल्म की स्टार कास्ट
कीर्ति सुरेश: रिधम, लिंगा: रघु (रिधम का पहला पति), मधामपट्टी रंगराज: गौतम (रिधम का दूसरा पति), मास्टर अद्वैत: अजय, मेथी : डॉक्टर डेविड, निथ्य क्रियण: भावना (रिधम की सहेली), हरिणी: अभी (रिधम की सहेली), कादिर(अभि का पति)

‘पेंगुइन’ फिल्म की हिंदी में कहानी 
‘पेंगुइन’ फिल्म की कहानी शुरू होती है रिधम(कीर्ति सुरेश) से जिसका बच्चा अजय एक बार पहले भी गुम हुआ था मगर वह थोड़ी देर बाद में मिल गया था लेकिन एक बार फिर से कुछ दिन बाद रिधम का बच्चा उसके स्कुल से गुम हो जाता है। वहां उसे पता लगता है की उसका बच्चे किसी चार्ली चैपलिन के मास्क पहने हुए इंसान के सांथ चला गया। यह सुन अब रिधम घबराकर पुलिस की सहायता से पुरे ऊटी में अपने बच्चे को ढूंढती है लेकिन अजय नहीं मिलता। कुछ दिन बाद उन्हें एक कपडा मिलता है खून से भरा हुआ जिसे देख पुलिस वाले बोलते हैं की अजय मर गया है लेकिन रिधम नहीं मानती और वह आज भी अपनी कोशिश जारी रखती है अपने बच्चे को ढूढ़ने की जबकि उसके बच्चे को खोये हुए 6 साल बीत चुके हैं।

एक दिन रिधम एक लेक के पास जब अपने बच्चे को याद कर रही होती है की तभी उसे एक आदमी मिलता है जख्मी हालत में जोकि उसे एक सबूत देता है उस किडनैपर की फोटो का लेकिन वह किडनैपर अब रिधम के पीछे पड़ जाता है तो हड़बड़ी में रिधम वह फ़ोन जिसमे किडनैपर की फोटो थी वही खो देती है मगर वह वहां से भागने में कामयाब हो जाती है और सीधा पुलिस के पास जाकर सब बता देती है अब रिधम को पता चलता है की इन 6 सालों में और भी कई बच्चो का अपहरण हुआ है। अब रास्ते में रिधम और सबूत ढूढ़ने की कोशिश करती है की तभी रिधम को अजय मिल जाता है। अब डॉक्टर डेविड अजय की जांच करते हैं तो पता लगता है की वह बहुत भूखा, प्यासा और कमजोर होने के कारण वह अभी बोल नहीं सकता इसलिए वह किडनैपर कौन है बताने की हालत में नहीं है। अब हमें यहाँ पता लगता है की जब अजय खो गया था तो रघु रिधम का पहला पति अजय को खोने का जिम्मेदार सिर्फ रिधम को मानता है और इसलिए वह उसे तलाक दे देता है लेकिन बाद में रिधम की शादी गौतम से हो जाती है।

अब उसे पता चलता है की इन सबके पीछे उसकी सबसे पक्की दोस्त भावना है। अब भावना बताती है की रिधम के अच्छे होने की वजह से भावना के माता पिता हमेशा भावना की बेस्ती करते थे इसलिए भावना रिधम से मन ही मन बहुत नफरत करती है और बदला लेने के लिए वह यह सब करती है लेकिन एक दिन कादिर (अभि का पति) भावना का पीछा करते हुए अजय का पता लगा लेता है और उसे छुड़वा लेता है इसलिए भावना कादिर को मार देती है लेकिन इस बीच अजय वहां भाग जाता है। यह कहकर भावना रिधम को एक लिक्विड देती है पीने के लिए जिसे रिधम कुछ सोचे समझे पी जाती है जोकि एक जहर होता है अब भावना बोलती है की तुम अब अपने दो बच्चो में से केवल एक को ही बच्चा सकती हो और कहकर खुद को ही गोली मार देती है। उसने अजय को कहीं छुपा दिया था लेकिंन इस बार भी साइरस और रिधम अपनी सूझबूझ से अजय को ढूंढ लेते हैं और अगले सींन में रिधम अजय को पेंगुइन की कहानी सुनाती है और फिल्म ख़तम हो जाती है।

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