बहुचर्चित पाताल लोक का रिव्यु, पूरी कास्ट, सीरीज में क्या अच्छा है और क्या बुरा है।

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पाताल लोक से रूबरू कराती अनुष्का शर्मा की वेब सीरीज – पाताल लोक।

लॉकडाउन के चलते कंटेंट की भरमार देखने को मिल रही है, जहाँ आजकल पाताल लोक वेब सीरीज चर्चा में बनी हुई है जिसे दर्शको दवारा काफी पसंद किया जा रहा है। पाताल लोक वेब सीरीज अनुष्का शर्मा के प्रोडक्शन हाउस में बनी है जिसे सुदीप शर्मा द्वारा लिखा गया है। इससे पहले वह उड़ता पंजाब और NH-10 जैसी शानदार फिल्मो की कहानी भी लिख चुके हैं। वहीँ कहानी में खून खराबे और गलियों की भरमार है जहाँ किरदारों की जबरदस्त एक्टिंग ने कहानी पर चार चाँद लगा दिए हैं।

सीरीज में सही क्या है –
इंसान और जानवरो के बीच के प्यार ने कहानी को पूरी तरह से पलट कर रख दिया है। किरदारों की जबरदस्त एक्टिंग ने सीरीज में जान फूँक दी है। अगला सीजन आने का आसार तो नहीं लग रहे मगर यदि लेखक कहीं कहानी में हेर-फेर कर दे तो सीजन – 2 आ सकता है।

सीरीज में  गलत क्या है –
गालियों की भरमार है वहां भी जहाँ जरूरत भी नहीं है। पूरे सीजन में खून खराबा ही नज़र आता है और कहानी काफी लम्बी भी है। संजीव मेहरा को जब भी दिखाया जाता है वहां यही लगता है की थोड़ा आलसी राइटिंग की गयी है।

इस आर्टिकल को आप इंग्लिश में भी पड़ सकते हैं।

दुनलिया कौन है –
दुनलिया एक बहुत बड़ा माफिया है, वह जहाँ भी होता है वह डर का माहौल बना रहता है कहानी में सिर्फ उसकी मौजूदगी ही दिखाई जाती है चेहरा नहीं। यही बात कही न कहीं दर्शको को खल भी रही है।

सीरीज के किरदार –
यहाँ हर एक किरदार की अपनी एक कहानी है।

हाथी राम चौधरी जो कहानी में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जोकि एक ईमानदार पुलिस अधिकारी भी हैं। वह एक पेचीदा केस सुलझाने के सांथ सांथ अपने परिवार व समाज के नज़रो में उठना चाहते हैं, जिसके लिए वे देश के ठेकेदारों से भी पंगा ले लेते हैं।

हथोड़ा त्यागी उर्फ़ विशाल त्यागी जिसके ऊपर 40 से ज्यादा लोगों को हथोड़े से मारने व किडनेपिंग जैसे कई आरोप हैं। जो अपने गांव में हथोड़ा त्यागी के नाम से प्रसिद्द है और जिसे गांव के लोग सिरफिरा इंसान कहते हैं।

कबीर एम् जो मुस्लिम होने के बावजूद भी खुद को हिन्दू बताता है लेकिन जांच पड़ताल व उसकी बोली से पता चलता है की वह एक मुस्लिम है। ऐसा इसलिए है क्यूंकि एक दंगे में उसके भाई की मृत्यु हो जाती है जिसके बाद उसके पिता डर से उसे हिन्दू का टैग दे देते हैं।

मेरी लिंगो एक ट्रांसजेंडर होती है जिसे किडनेपिंग के दौरान इस्तेमाल किया जाता है ताकि किसी को उनपर शक न हो।

तोप सिंह जिसने अभी तीन लोगो का खून किया था लेकिन अब वह आम आदमी की जिंदगी जी रहा है।

सीरीज की कहानी का प्लाट
कहानी की शुरुआत संजीव मेहरा पर होने वाले अटैक से होती है जोकि एक प्रसिद्द पत्रकार है। संजीव मेहरा पर होने वाले अटैक का केस पुलिस ऑफिसर हाथी राम चौधरी को सौंपा जाता है, जो कहानी की मुख्य भूमिका निभा रहा है। हाथी राम चौधरी गुथी सुलझा ही रहे होते हैं की पॉलिटिक्स का तड़का लगता है और हाथी राम चौधरी को नौकरी से निकाल दिया जाता है। बाद में यह केस सीबीआई को सौंप दिया जाता है लेकिन हाथी राम चौधरी केस के इतने करीब होते हैं की नौकरी से निकाले जाने के बावजूद भी चोरी छुपे केस को सुलझाने की कोशिशों में लगे रहते हैं। जिसमे उनका सांथ अंसारी देता है जो एक ईमानदार पुलिस ऑफिसर होता है।

सीरीज की कहानी पर एक नज़र

हत्या की नाकामयाब कोशिश
पाताल लोक को आप अमेजन प्राइम पे देख सकते हैं तो कहानी में संजीव मेहरा जोकि फेमस जर्नलिस्ट है, उसके ऊपर अटैक होने से पहले ही अटैक की पूरी कोशिश नाकाम हो जाती है और संजय मेहरा बच जाता है। इस किलिंग को अंजाम देने वाला था विशाल त्यागी और उसके साथ तीन और लोग जिसमे की तोप सिंह, कबीर एम् और मेरी लिंगो शामिल थे। अब पुलिस ने इन चारों को पकड़ लेती है और इसको सौंपा गया है हाथी राम चौधरी और उसके साथी अंसारी को। हाथी राम की फैमिली में वाइफ हैं और एक बेटा है सिद्धार्थ चौधरी, जबकि अंसारी आईएएस की तैयारी कर रहा है। दोनों ही ईमानदार पुलिस अफसर हैं और वो इस केस को हर हाल में सॉल्व करना चाहते हैं ताकि अपने डिपार्टमेंट को और अपने घर वालों के सामने ऊँचा उठ सके क्यूंकि यहाँ दिखाया गया है की हाथी राम का बेटा उसकी कोई खास इज्जत नहीं करता।

असली राज़ का पता चलना
अब एंट्री होती है पोलिटिकल लीडर बालकृष्ण की जोकि दुनलिया के मरने के बाद अपना दबदबा कायम करना चाहता है। हाथी राम बालकृष्ण बाजपेई की प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी फॉलो करता है जहां उसे मिलती है चंदा जोकि इससे पहले वो तोप सिंह के साथ थी और उसी ने ही उसको इस साजिश में जोड़ा था शुक्ला के कहने पर जोकि बाजपाई का आदमी है। चंदा की बातों से हाथी राम को सारी कहानी पता चल जाती है की दरअसल में यह सारा खेल हथोड़ा त्यागी को मारने के लिए किया गया है क्यूंकि हथोड़ा त्यागी दुनलिया का ख़ास आदमी है और उसको मारना जरूरी है अपना दबदबा बनने के लिए। मेरी लिंडा वो लड़की जैसी दिखती थी इसलिए उसे भी शामिल कर लिया ताकि लड़की रहेगी तो उन लोगों पर शक नहीं होगा।

हाथी राम का हालातो से समझौता करना
इस काम में हाथी राम का सीनियर भगत भी शामिल था सो बेसिकली वो काम कर रहा था वाजपेयी के इशारों पर अभी केस तो सॉल्व हो गया है पर कोई फायदा नहीं, सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। हाथी राम से भगत मिला और कहा कि तुम अपनी ड्यूटी जॉइन कर सकते हो पर किसी के आगे अपना मुंह मत खोलना। भगत की बातों को हाथी राम आश्चर्य भरी नजरों से देखता है पर वो भी क्या करे, सिस्टम ही ऐसा है यहां जिसके पास पावर है वो सबकुछ करवा लेता है पर उसे एक काम जरूर किया है वो पहुंचे संजीव मेहरा के पास जिसने अपने आप को मीडिया के सामने ना सिर्फ विक्टिम दिखाया बल्कि सीबीआई की चार्जशीट फाइल होने के बाद अपने आपको और भी फेमस करने के लिए इन चारों को टेररिस्ट अनाउंस किया। उसे सच्चाई बताता है की यह कोई टेररिस्ट नहीं थे और न ही तुम उनके निशाने पे थे इसलिए अपने आप को हीरो मत समझना।

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