मिर्ज़ापुर 2 वेब सीरीज का हिंदी में रिव्यू, सीरीज में क्या अच्छा है और क्या बुरा, किरदार, सीरीज की कहानी का प्लाट

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मिर्ज़ापुर 2 वेब सीरीज कैसी है?
मिर्ज़ापुर के पहले सीजन को देखने के बाद दर्शकों के बीच काफी ज्यादा उत्साह था इसके दूसरे सीजन को लेकर। इसी कारण इस सीरीज के दूसरे भाग को बनाने के लिए डायरेक्टर्स में काफी उत्साह भी था लेकिन सीजन 2 को देखने के बाद दर्शक काफी ज्यादा निराश हुए हैं क्यूंकि न ही उन्हें पहले की तरह एक्शन देखने को मिला और न ही कहानी में कोई सस्पेंस। कहानी को बगैर किसी कारण के अगले सीजन के लिए बढ़ाया जाना अभी एक बुरा फैसला लगता है क्यूंकि दर्शक इस सीजन को पहले सीजन से जोड़कर देख रहे थे मगर इस सीजन में ज्यादातर कहानी आपको अगले सीजन के लिए तैयार करती हुई नज़र आती है।

सीजन 2 की बात की जाये तो इससे देखने के बाद आप सिर्फ यही सोचेंगे की हमें कहानी को आगे बढ़ने की क्या जरूरत है जबकि कहानी इसका अंत आसानी से किया जा सकता था। बहुत से मौको पर आपको भी एहसास होगा की कहानी अपने मुख्य मुद्दे से हटकर किसी और ही दिशा में बढ़ रही है जहाँ हर किरदार बस अब कंफ्यूज होकर रह गया है की उसका किरदार क्या है और वह कर क्या रहा है।

मेकर्स ने इस सीरीज के ऊपर काफी खर्चा किया है जिसके अंतगर्त सीरीज को कई नई जगहों पर शूट किया जिससे कहानी का रोमांच बढ़ जाता है। इस सीजन में काफी नए किरदार लाये गए हैं जोकि इस सीजन की कहानी में गहराई लाने का काम करते हुए नज़र आते हैं तो वहीँ पुराने और मुख्य किरदारों का अंत भी इस सीजन में दिखाया गया है।

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क्या मिर्ज़ापुर 2 वेब सीरीज हमें देखनी चाहिए?
सीरीज काफी ज्यादा लम्बी, धीमी और अपने मुद्दे से भटकती हुई नज़र आती है। परन्तु अगर आप पहले सीजन को भूलकर सिर्फ इसे एंटरटेनमेंट के तौर पर देखते हैं तो आपको काफी कुछ अच्छा भी देखने को मिलेगा इसलिए अब आपको यह तय करना होगा की आपको यह सीरीज देखनी है या नहीं। हमारी नज़र में आप इसे एक बार मगर जल्दी जल्दी करके जरूर देख सकते हैं। ध्यान रहे की यह सीरीज पारिवारिक बिलकुल भी नहीं है।

मिर्ज़ापुर 2 वेब सीरीज की रेटिंग कितनी है?
मिर्ज़ापुर 2 वेब सीरीज को IMDB पे 8.5 रेट मिला है 10 में से। हम इस सीरीज को अच्छी अदाकारी और अच्छे डायरेक्शन के लिए 5 में से 3 स्टार देंगे।

मिर्ज़ापुर 2 वेब सीरीज में क्या अच्छा है?
मिर्जापुर में आपको करैक्टर डेवलपमेंट काफी अच्छा देखने को मिलेगा क्यूंकि इस सीजन में बहुत सरे नए किरदार डेल गए हैं तो हर एक किरदार को पूरा समय दिया गया है की वह दर्शकों के बीच अपनी पकड़ को बना सके।

सभी किरदारों का काम काफी ज्यादा अच्छा है स्पेशलय नए जोड़े हुए किरदारों ने अपने अभिनय से पुराने किरदारों को कड़ी टक्कर दी है।

इस बार एक्शन से ज्यादा इमोशंस और प्यार के गहराई को दिखाया गया है जिसमे आपको मुन्ना भाई भी डूब जाते हैं जोकि देखने में काफी अच्छा लगता है।

मिर्ज़ापुर 2 वेब सीरीज में क्या बुरा है?
सीरीज का हद से ज्यादा स्लो होना आपको सच में मजबूर कर देगा की आप इसे जल्दी जल्दी करके देखें, कहानी को बगैर मतलब के ही खींचा गया है जोकि आपको बोर कर देगा।

सीरीज आपको अगले के इंतज़ार के लिए मजबूर कर रही है जबकि कहानी के अंत में इतना रोमांच नहीं बनाया गया है की आप अगले सीजन का बेसब्री से इंतज़ार करें।

बात करे मुख्य किरदारों की तो इस बार मुन्ना त्रिपाठी, बीना त्रिपाठी का काम आपको काफी ज्यादा पसंद आएगा लेकिन वहीँ आप कालीन भैया और गुड्डू पंडित के किरदार से काफी नाराज़ हो जायेंगे जिन्हे की सीरीज में काफी वीक दिखाया गया है।

बहुत सरे दृश्यों में आपको लगेगा की यह सीरीज तो यही पर ख़त्म हो सकती थी फिर क्यों इसे आगे बढ़ाया जा रहा है तो वहीँ नए किरदारों को देखकर भी लगेगा की इसकी क्या जरूरत थी इस सीजन में।

गोलू और गुड्डू जैसे पुराने किरदार अपने आप में कंफ्यूज दिखाई पड़ेंगे जोकि अपने मकसद और प्यार के बीच में उलझ कर रह जाते हैं जोकि देखने में काफी अटपटा सा लगता है।

मिर्ज़ापुर 2 वेब सीरीज का डायरेक्शन, स्क्रीनप्ले और म्यूजिक कैसा है?
सीरीज का डायरेक्शन काफी अच्छा है और आपको उत्तर प्रदेश के हाव भाव और माहौल दोनों का ही सटीक नज़ारा देखने को मिलेगा। किरदारों, लोकेशन और कहानी को डायरेक्टर ने अच्छे से परदे पर उतरा है जिससे कहानी अपने अस्तित्व के संत इन्साफ करती हुई नज़र आती है।

स्क्रीनप्ले बहुत ज्यादा लम्बा, बोरिंग और बहुत जगहों पर बगैर मतलब के खींचा हुआ लगता है।

म्यूजिक सीरीज का औसत से थोड़ा ऊपर कहा जा सकता है जहाँ कुछ लम्हो में बहुत अच्छा और कुछ दृश्यों में बहुत ही हल्का सा नज़र आता है।

मिर्ज़ापुर 2 वेब सीरीज के किरदार
पंकज त्रिपाठी: अखंडानंद त्रिपाठी, अली फज़ल: गुड्डू पंडित, दिव्येंदु शर्मा: मुन्ना त्रिपाठी, श्वेता त्रिपाठी: गोलू गुप्ता, रसिका दुगल: बीना त्रिपाठी, शाजी चौधरी:मक़बूल, कुलभूषण खरबंदा: बाउजी, हर्षिता गौर: डिम्पी, राजेश तैलंग: रमाकांत पंडित, शीबा चड्ढा: वसुधा पंडित, अमित सियाल: मौर्या, श्रिया पिलगाओंकर: स्वीटी गुप्ता, नितिन महेश जोशी: राजा, आसिफ खान: बाबर, अंजुम शर्मा: शरद शुक्ला, विक्रांत मस्से: बबलू पंडित, शेरनवाज़ जिजिना: शबनम, शाहनवाज़ प्रधान: परशुराम गुप्ता

मिर्ज़ापुर 2 वेब सीरीज की कहानी का प्लाट हिंदी में
सीरीज की कहानी की शुरुआत में गुड्डू पंडित को मुन्ना पर हमला करते हुए दिखाया गया है जहाँ दोनों इस हमले में घायल हो जाते हैं। अब गुड्डू पंडित अपने पूरी तरह से ठीक होने का इंतज़ार कर रहा है और छोटे छोटे गैरकानूनी काम कर रहा है ताकि अपने आप को पैसों, हथियारों और गैंग से मजबूत कर सके। मुन्ना भाई अब अपना ध्यान पॉलिटिक्स की तरफ लगा रहे हैं और इसी बीच उनकी मुलाकात मुख्य मंत्री के बेटी से होती है जिससे मुन्ना भाई काफी करीब आ जाते हैं और दोनों की शादी हो जाती है।

बीना त्रिपाठी अपने अपमान का बदला लेने का ठान लेती है इसलिए वह गुड्डू से हाथ मिला लेती है और काफी जानकारियां देने लगती है। इसकी मदद से गुड्डू कालीन भैया का काफी नुकसान कर देता है।

शरद शुक्ला अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए मुन्ना भाई से हाथ मिला लेता है और सही मौके का इंतज़ार करता है बदला लेने के लिए। गोलू गुप्ता के मुलाकात बिहार के बाहुबली दद्दा के बेटो से होती है जोकि गोलू को पसंद करने लगता है और गोलू इसी बात का फायदा उठाती है अपने धंधे को बढ़ने के लिए। मगर दद्दा को जब पता चलता है तो अंत में खून खराबा होता है जिसका अंत को अगले सीजन में देखने को मिलेगा।

अंत में हम देखते हैं मुन्ना और कालीन भैया के बीच काफी गलत फमियाँ पैदा हो जाती है जिससे मुन्ना भाई कालीन भैया को मारने को तैयार हो जाता है जिसका फायदा गुड्डू उठा लेता है मुन्ना को मार देता है लेकिन कालीन भैया शरद शुक्ला की मदद वहां से भागने में कामयाब हो जाते हैं। कालीन भैया की जान बचती है या नहीं यह भी हमें अगले सीजन में देखने को मिलने वाला है।

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