‘लूटकेस’ फिल्म के ट्रेलर का रिव्यू, पूरी स्टार कास्ट, रिलीज़ डेट और फिल्म की कहानी हिंदी में

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‘लूटकेस’ फिल्म के ट्रेलर का रिव्यू हिंदी में 
इस लॉकडाउन के समय में जहाँ थिएटर्स को बहुत नुकसान उठाना पड़ रहा है वहीँ ओ.टी.टी. प्लेटफार्म और जनता को काफी ज्यादा फायदा मिल रहा है क्यूंकि अब उन्हें अच्छी और नई फिल्मे पहले दिन ही घर बैठे देखने को मिल रही है। इन्ही कई नई फिल्मो में से एक नई फिल्म जोकि डिज्नी+होस्टर के प्लेटफार्म पर आने वाले है वह है ‘लूटकेस’। ‘लूटकेस’ एक कोमेडी ड्रामा जॉनर की फिल्म है और इसमें आपको कुणाल खेमू मुख्य भूमिका में नज़र आने वाले हैं। इस फिल्म को डायरेक्ट किया है राजेश कृष्णन।

वैसे अभी कुछ दिन पहले ही कुणाल खेमू की सीरीज अभय का भी ट्रेलर लॉन्च हुआ था जिससे अब कुणाल खेमू के फैंस काफी खुश हैं क्यूंकि अब एक सीरीज और एक फिल्म का आनंद घर बैठे ही मिल जायेगा। अगर बात की जाये इस ‘लूटकेस’ फिल्म की तो अभी इसकी रिलीज़ डेट नहीं बताई गयी है लेकिन ट्रेलर को देखकर कहा जा सकता है की दर्शक इस फिल्म का काफी बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं क्यूंकि काफी लम्बे समय से कोई भी अच्छी कॉमेडी फिल्म नहीं आयी है।

‘लूटकेस’ फिल्म के किरदार
नीलेश दिवेकर: राजन, रसिका दुगल: लता, प्रीतम जैस्वाल: छोटू, कुणाल खेमू: नंदन कुमार, विजय राज़: बाला राठौर, गजराज राओ: एम्.एल.ए पाटिल, मनुज शर्मा: फैजु, रणवीर शोरे: इंस्पेक्टर कोल्टे, सदा यादव: बालू

‘लूटकेस’ फिल्म के ट्रेलर की कहानी हिंदी में 
ट्रेलर में दिखाया गया है की नंदन कुमार(कुणाल खेमू) अपनी पत्नी(रसिका दुगल) एक छोटे बच्चे(आर्यन प्रजापति) के सांथ एक छोटे से घर में रहता है। जहाँ नंदन कुमार और उसकी पत्नी दोनों ही जॉब करते हैं अपने घर को चलाने के लिए और वहीँ उनका बच्चा स्कूल में पढता है। नंदन कुमार भी अपनी छोटी सी नौकरी से काफी परेशान है और वह चाहता है की कैसे भी करके उसके पास पैसे आ जाये और वह भी अमीर हो जाये मगर वहीँ उसकी पत्नी मेहनत से पैसा कमाना चाहती है और वहीँ कुणाल का बेटा भी कुणाल की तरह अपने सपनो को पूरा करने पे ही ध्यान रखता है।

एम्.एल.ए पाटिल(गजराज राओ) का एक सूटकेस उसके आदमियों की गलती से कही खो गया है और जिसमे की काफी बड़ी रकम है, सूटकेस का सारा पैसा ब्लैक मनी है इसलिए वह पुलिस को सीधे से बता भी नहीं सकता इसलिए वह अब आदमियों को सूटकेस ढूढ़ने के लिए लगा देता है। वहीँ कहानी का दूसरा ट्विस्ट है की इस सूटकेस के पीछे एक गैंगस्टर बाला राठौर(विजय राज़) भी है और वह भी इसके लिए कुछ भी करने के लिए तैयार है।

जब काफी समय तक सूटकेस नहीं मिलता है तो एम्.एल.ए पाटिल अब इंस्पेक्टर कोल्टे(रणवीर शोरे) को भी इस काम पे लगा देता है इनडायरेक्टली ताकि इसका कोई केस न बने। यहाँ सस्पेंस बना  हुआ है की सूटकेस गया कहाँ तो दोस्तों वह सूटकेस मिल जाता है नंदन कुमार को जोकि इसे पाकर काफी खुश है और घबराया हुआ भी है कि कहीं किसी को पता न चल जाये इसलिए वह यह बात अपनी पत्नी को भी नहीं बताता है लेकिन कुछ दिन बाद यह बात उसकी पत्नी को भी पता लग ही जाती है।

अब नंदन कुमार की पत्नी उसे क्या यह पैसा अपने पास रखने देती है या नहीं या पुलिस और गैंगस्टर को इन पैसो का पता लग जाता है और वह उस पैसे को हासिल कर लेते है या नहीं। यही इस फिल्म की कहानी का सस्पेंस है और फिल्म की कहानी को सूटकेस के इर्द गिर्द ही बुना गया है इसलिए इस फिल्म का नाम लूटकेस रखा गया है।

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