भारतीय जासूस और चीनी जासूस के बीच की सीक्रेट जंग, लंदन कॉन्फिडेंशियल फिल्म का रिव्यू हिंदी में, फिल्म में क्या अच्छा है और क्या बुरा, किरदार, फिल्म की कहानी का प्लाट

london-confidential-film-ka-hindi-review-kirdar-kahani
Spread the love

कैसी है लंदन कॉन्फिडेंशियल फिल्म?
देश के लिए जान देने वाले जाबांज़ सिपाही आपको सेना की हर शाखा में मिल जायेंगे लेकिन सीके का दूसरी साइड यह भी है की देश में ऐसे भी लोगो की कमी नहीं है जोकि चंद पैसों के लिए देश के सांथ गदारी करने को हमेशा तैयार रहते हैं। अब ऐसे गदार देश के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकते हैं यह सभी लोग जानते हैं लेकिन इन गदारों को क्या सजा मिलनी चाहिए शायद यह लम्बी बहस का विषय बन सकता है। खेर देश के लिए जूनून और गदारी की लड़ाई को परदे पर उतारती है लंदन कॉन्फिडेंशियल फिल्म जिसे डायरेक्ट किया है कँवल सेठी और मुख्य भूमिका निभाई मौनी रॉय।

फिल्म का सब्जेक्ट हलाकि ऐसा नहीं है जोकि काफी ज्यादा अलग हो या कुछ बेहतरीन एक्शन के सांथ बनाई गयी हो लेकिन फिर भी फिल्म अपनी कुछ छोटी और बेसिक खासियतों के कारण सभी दर्शकों को पसंद आ रही है। जहाँ ज्यादातर भारतीय फिल्में 2 से 2:30 तक की होती है तो वहीँ लंदन कॉन्फिडेंशियल फिल्म को ज्यादा बड़ा न बढ़ाते हुए छोटा रखा गया है इसलिए दर्शकों को अपना ज्यादा समय नहीं देना पड़ता और वह फिल्म को एन्जॉय कर लेते हैं।

फिल्म में छोटे परदे के जाने माने चेहरे मौनी, प्रवेष राणा जैसे कई कलाकार हैं जिन्हे ऐसी फिल्मों से अपनी एक्टिंग का जलवा दिखने का मौका मिलता है। फिल्म कोरोना काल के समय और चीन के ऊपर लग रहे कई आरोपों को भुनाने की कोशिश करती हुई नज़र आती हैं जहाँ कोरोना की ही तरह एक वायरस को फैलाने का आरोप चीन के ऊपर लगाया गया है। अब यह आरोप कितना सच है या झूट हलाकि इसकी पड़ताल न करने की बजाय फिल्म का मुख्य विषय गदार को ढूढ़ने के ऊपर ज्यादा है।

फिल्म के सिक्वेल बनाने का आईडिया जरूर डायरेक्टर के दिमाग में आया होगा शायद इसलिए ही उन्होंने अभी अपने फिल्म के स्क्रीनप्ले को फिल्म में सीमित रखा है। फिल्म के सिक्वेल को और बड़े पैमाने बनाया जा सकता है अगर डायरेक्टर इसमें वायरस को फैलने और इंडिया चीन के बीच के टैंशन को भी दिखाने की कोशिश करते हैं मगर अभी सिर्फ अंदाजा ही लगाया है की इसका सिक्वेल आएगा या नहीं।

आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

लंदन कॉन्फिडेंशियल फिल्म हमें देखनी चाहिए? 
फिल्म काफी छोटी और स्क्रीनप्ले काफी कसा हुआ इसलिए आप बोर नहीं होंगे इसलिए ऐसी फिल्म को जरूर देखना चाहिए। यह फिल्म फॅमिली के सांथ नहीं देखी जा सकती है इस बात का जरूर ध्यान रखें।

लंदन कॉन्फिडेंशियल फिल्म की रेटिंग कितनी है?
इस फिल्म को IMDB पे 6.8 रेट मिला है 10 में से और गूगल पर इस फिल्म को 77% लोगो ने पसंद किया है। हम इस फिल्म को 5 में से 2.5 स्टार देंगे।

लंदन कॉन्फिडेंशियल फिल्म में क्या अच्छा है?
फिल्म को दर्शकों से बांधे रखने, उन्हें अच्छा सस्पेंस और थ्रिल देने के लिए फिल्म का स्क्रीनप्ले काफी छोटा रखा गया है जोकि काफी अच्छी बात है। फालतू के दृश्यों को न दिखाकर डायरेक्टर ने बहुत बड़ा चैलेंज तो जरूर लिया है लेकिन कहा जा सकता है यह काफी सफल एक्सपेरिमेंट है।

कलाकारों का काम काफी अच्छा है, डायलॉग और इमोशंस पर हालांकि उतना फोकस नहीं रखा गया है लेकिन फिर कहानी के गति के लिए वह उतना जरूरी नहीं था।

फिल्म की शूटिंग आउटडोर रखी गयी है जोकि जिसे देखने पर दर्शकों को काफी अच्छा लगेगा।

लंदन कॉन्फिडेंशियल फिल्म में क्या गलत है?
फिल्म का फोकस समय के अनुसार बदलता चला जाता है और आप थोड़ा सोच में जरूर पड़ जायेंगे की फिल्म अपने मुख्य पहलु से भटक गयी है। अंत में भी आपको लगेगा की फिल्म का असली मकसद क्या बस यही पता करना था की गद्दार कौन है?

फिल्म देश की सुरक्षा पर आधारित है लेकिन इसमें एक्शन न के बराबर है जिसके कारण आप थोड़ा निराश जरूर होंगे।

फिल्म के सभी किरदारों की कोई भी स्टोरी नहीं है और कहानी शुरू से ही एक गति पकड़ लेती है जिसके कारण आप किसी भी किरदार से जुड़ नहीं पातें है।

लंदन कॉन्फिडेंशियल फिल्म के किरदार
मौनी रॉय: उमा कुलकर्णी, पूरब कोहली: अर्जुन, किरेन जोगी: श्रीमती मेहता, कुलराज रंधावा: निरुपमा, प्रवेष राणा: आज़ाद, मोहन कपूर: गोयल, जस बिनाग: जीवन, सागर आर्य: शरद, ताओ गुओ: चैंग, माइल्स ले: डेव, जोसफ ट्रेजर: जिम, दिलजोहन सिंह: बिरेन घोष

लंदन कॉन्फिडेंशियल फिल्म की कहानी का प्लाट हिंदी में
फिल्म की कहानी शुरुआत होती है एक भारतीय एजेंट से जोकि चीन की सीक्रेट का खुलासा करने वाला होता है जिसमे की उसके हाथ चीन के वायरस का राज़ होता है लेकिन उसका मर्डर कर दिया जाता है। अब इसकी जांच के लिए उमा कुलकर्णी (मौनी रॉय) को यह केस दिया जाता है, इस केस के जरिये गदार को ढूढ़ने में लग जाती है जिसने भारतीय एजेंट की खबर चीन को दी थी।

इसी खोज में उमा चीन में भारतीय एजेंट को भी अलर्ट करती है और उसे गोयल के ऊपर शक होता है और वह इसका पता करने की कोशिश करती है लेकिन उसका भी खून हो जाता है। यहाँ उसे उस गदार का पता लग जाता है की वह गोयल की पत्नी निरुपमा है। चीन के जासूसों को एहसास हो गया है की उमा उनके लिए खतरा है इसलिए वह उसे मारने का प्लान बनाते हैं।

लेकिन आज़ाद जोकि भारतीय एजेंट है वह चीन के जासूस को मार देता है और उमा को बचा लेता है लेकिन उन्हें निरुपमा को भी मारना पड़ता है उमा को बचाने के लिए और इसी के सांथ फिल्म यहाँ ख़त्म हो जाती है।

अगर इस आर्टिकल से रिलेटेड कोई भी सुझाव और शिकायत है तो हमें digitalworldreview@gmail.com पर मेल करें


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *