काली सीजन 2 सीरीज का रिव्यू, सीरीज में क्या अच्छा है और क्या बुरा है।

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काली सीजन 2 को imdb पे 8.4 रेटिंग मिली है 10 में से जोकि कहा जा सकता है की काफी अच्छी रेटिंग है। 

लॉक डाउन के चलते थिएटर तो बंद हो गए है लेकिंन वेब सीरीज का एक अच्छा दौर चल रहा है। काली जिसने अपने बेटे को बचाने के लिए पूरे कोलकाता में भोकाल मचा दिया है। यह एक ऐसे माँ की कहानी है जो अपने बेटे को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। काली सीजन 2 को ज़ी5 पर 29 मई 2020 को रिलीज़ कर दिया गया है। जिसका निर्देशन अभिमन्यु मुखर्जी द्वारा किया गया है जोकि क्राइम, ड्रामा, थ्रिलर से भरपूर है।

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कहानी सीजन 1 और सीजन 2 में पूरी नहीं हो पाई इसलिए मेकर्स ने सीजन 3 आने का हिंट दे दिया है, जहाँ काली सीजन 2 में अपने बेटे को बचाने के लिए लड़ती है। लेकिन सीजन 3 में वह एक गैंगस्टर क्वीन बनती नज़र आएगी।

कहानी में गलत क्या है  
कहानी काफी स्लो है जो कभी-कभी बहुत ज्यादा बोर भी कर रही है और कहानी कभी वर्तमान में तो कभी फ़्लैश बैक में चल रही है। 30-35 मिनट के एपिसोड को लम्बा खींचने के चक्कर में कुछ सीन जबरदस्ती के दाल दिए हैं। यही पुलिस वाले अपना काम छोड़कर काली पर निर्भर होते है की काली सब कुछ कर लेगी, मतलब पुलिस को काफी लाचार और आलसी दिखांने की कोशिश की गयी है जो बहुत गलत है।

अच्छा क्या है 
कहानी की शुरुआत वहीँ से होती है जहाँ सीजन 1 खत्म हुआ था जहाँ कहानी सीजन 2 के अंत तक बांधे हुए है।

किरदार
काली(पाओली दाम) जो कहानी में मुख्य भूमिका निभा रही है, वे अपनी जबरदस्त एक्टिंग से सीजन 1 से  सीजन 2 तक दर्शको को बांधे हुए हैं। पाओली एक बंगाली एक्ट्रेस है और जो हिंदी फिल्म हेट स्टोरी और यारा सिली सिली जैसी फिल्मो में काम कर चुकी है। इसके बाकी कलाकारों की बात करें तो इसमें आपको दिखेंगे चन्दन रॉय सान्याल, अभिषेक बनर्जी, विद्या मालवडे, राहुल अरुणोदय बनर्जी, परमब्रता चट्टोपाध्याय।

काली सीजन 2 के ट्रेलर का रिव्यू पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

हमारी रेटिंग
काली सीजन 2 को हम दमदार एक्टिंग, डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले के लिए 5 में 3.5 स्टार देंगे।

सीरीज की कहानी का प्लाट
कहानी में ज्यादा कुछ बदलाव नहीं किया गया है। काली का पहला सीजन बांग्ला भाषा में शूट किया गया था मगर इसकी अच्छी लोकप्रियता के कारण इस बार इसे हिंदी भाषा में शूट किया गया है और बाकि भाषाओं में डब किया गया है। छह महीने बाद यह कहानी शुरू की गयी है जहाँ काली अपना पार्लर का काम शुरू कर देती है लेकिन परिस्थितियाँ उसका पीछा ही नहीं छोड़ती। पिछले सीजन में पांच सौ रूपये के पीछे एक राज़ छुपा हुआ था जो इस सीजन में दिखाया गया है। वहीं अब काली अनिकेत के जेब से पांच सौ रूपये का नोट लेकर निकल पड़ती है सन्नी को बचाने के लिए जहाँ वह इस दलदल में और भी फंसती चली जाती है, जहाँ पुलिस और गैंगस्टर सब काली के पीछे पड़े हुए हैं।

सीरीज के अंत की कहानी
कहानी की शुरुआत में रूप पहुँचता है स्वपन के पास जोकि अभी तक जिन्दा है जबकि सबको लगा था की वह मर गया है। स्वपन रूप से वह फटा हुआ नोट मांगता है पर वह नोट तो काली के पास है। अनिकेत काली और दिलीप को जेल से छोड़ देता है और दिलीप को वार्निंग देता है की अगर काली को कुछ हुआ तो वह उसे छोड़ेगा नहीं। अब दिलीप और काली फटा हुआ नोट लेकर स्वपन्न के पास पहुंचते हैं लेकिन तभी अनिकेत भी वहां पहुँच जाता है क्यूंकि यह राम सनातनी का प्लान होता है सन्नी को बचाने का और वह इसमें कामयाब भी हो जाता है और सन्नी अब काली को मिल जाता है। वहीँ स्वपन वहां से भागने में कामयाब हो जाता है जबकि दिलीप और जिन लियांग को पकड़ कर जेल में डाल दिया जाता है।

अब यहाँ स्वपन को मौका मिलता है अपना बदला पूरा करने का और वह खड़ा होकर दिलीप पर हमला करता है और उसे मार देता है। आखिर में जिन वहां से भाग निकलता है, मानवी को गोली लग जाती है लेकिन वह ठीक है और पुलिस को गुमराह कर देती है। काली स्वपन के सांथ मिलकर अब उसके काले धंधे में उसका सांथ देने लगती है क्यूंकि माल मिलने के बाद स्वपन के पास बहुत ज्यादा पावर आ गयी है।

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