एक अमीर आदमी और एक गरीब आदमी की सोच में अंतर। अपनी सोच को बढाकर सफलता कैसे पाएं?

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दोस्तों लोगो के अपने लक्ष्य को पाने के लिए जो सबसे जरूरी चीज़ चाहिए होती है वह है इंसान की सोच, जी हाँ दोस्तों किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए आपकी सोच अगर पक्की है तो आप उस लक्ष्य को आसानी से पा लेंगे और इस बात से तो सभी रजामंद होंगे की एक सकारात्मक सोच ही आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा देती है जबकि नकारात्मक सोच आपके आगे बाधा उत्पन करती है आपको डिमोटिवेट करती है। इसलिए आपकी सोच का सकारात्मक होना जरूरी है किसी भी काम को पूरा करने के लिए। 

लेकिन दोस्तों कभी आपने इस बात पे ध्यान दिया है की अमीर लोगो और गरीब लोगो की सोच अलग अलग क्यों होती है तो हम आपको यह बताना चाहेंगे की दोनों की सोच होती एक जैसी है बस अपने लक्ष्य को सकारातमक और नकारात्मक ढंग से देखना और उसका पालन करना ही दोनों को अलग कर देता है। हम कुछ अंतर आपके सामने रखते हैं जोकि अमीर और गरीब आदमी की सोच में पाए जाते हैं और आपको इन अंतर में केवल अपनी कमियों को ढूढ़ना है और उसे कैसे आप दूर कर सकते हैं इसके ऊपर काम करना है न की हमारे दिए अंतर को नकारात्मक ढंग से लेना है। आपको एक सफल आदमी बनने के लिए बहुत जरूरी है की आपको आपकी कमियों को जानना क्यूंकि यह भी एक सकारात्मक कदम है और उसे सुधारना आपके सफल होने के लिए उठाया गया एक बहुत बड़ा कदम। 

इस आर्टिकल को आप इंग्लिश में भी पड़ सकते हैं।

आज हम आपको “हाउ रिच पीपल थिंक – How rich people think” किताब की कुछ रोचक बात बताने वाले हैं जिससे आपकी सोच में सकारात्मक बदलाव आएंगे। इस किताब में आपकी सोच को कैसे बड़े लक्ष्य के लिए तैयार करना हैं, एक अमीर आदमी और मिडिल क्लास की सोच में क्या अंतर होता है इसके बारे में बात करेंगे –

अपने आप को निखारना – जी हाँ पर्सनल डवलपमेंट जिसे ज्यादातर मिडिल क्लास और गरीब लोग नहीं मानते जबकि कई अमीर और कामयाब लोगों को ये पता है कि यही कामयाबी का असल राज है। क्या आपने दोस्तों यह गौर किया है की जब आपसे किसी चीज़ के ऊपर राय मांगी जाती है तो आपके पास कोई भी राय नहीं होती है ऐसा इसलिए है क्यूंकि जब भी कोई नई चीज़ आपके सामने आती है चाहे वह किसी सेमिनार, इंटरनेट, बुक के माध्यम से तो आप उस विषय को सुनके उसे समझने के लिए तैयार नहीं होते इसीलिए काफी मिडल क्लास और गरीब लोग सेल्फ हेल्प बुक्स और पर्सनल डेवलपमेंट में नहीं मानते। वो हमेशा ये कहेंगे कि ऐसी बुक्स पढ़ने और सेमिनार में जाने से क्या होगा जो हमारे काम की ही न हो और ये सब टाइम का वेस्ट है लेकिन फिर वही टाइम घर पे जाकर कोई मूवी देखकर वेस्ट करेंगे इसलिए दुनिया में काफी कम लोग हैं जो खुद को इम्प्रूव करना चाहते हैं वे खुद से कुछ सीखना चाहते हैं।

अगर आप को किसी भी इंडस्ट्री में आगे बढ़ना है तो आपको एक ऐसे इंसान से सीखना होगा जो खुद मिलेनियर बना हो उसी इंडस्ट्री में मेहनत करके या फिर ऐसी किताबो को पढ़ना होगा जिनमे उनके सारे अनुभवों को काफी बारीकी से लिखा होता है। आपको ऐसे बहुत से लोग मिलेंगे जोकि अपने जिंदगी के बुरे और अच्छे एक्सपीरियंस के बारे में बताएँगे की वो कैसे सफल आदमी बनें हैं। ये लोग अपने पर्सनल एक्सपीरियंस से सिखाते हैं और उन लोगों की पीठ पे उनकी गलतियों के निशान और कामयाबी होती है उसे से प्रूव करने के लिए। तो आप इन अनुभवों को अपनी मंजिल को पाने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। 

हार्डवर्क और स्मार्ट वर्क – आपको बहुत से मिलेंगे जोकि जोकि ये मानते हैं कि पैसा सिर्फ हार्डवर्क से बनता है वहीँ अमीर आदमी ये मानते हैं कि पैसा सिर्फ स्मार्ट वर्क से बनता है। आपने कभी सोचा ऐसा क्यों ऐसा इसलिए क्यूंकि अगर हार्डवर्क अमीर होने का राज होता तो हर मजदूर और फार्मर दुनिया में सबसे अमीर होते। आपको यहाँ यह सीखना है की अमीर लोग बड़ी चालाकी से अपना टाइम और मेहनत सिर्फ उन कामों में लगाते हैं जो उनके लिए ज्यादा प्रॉफिटेबल हों। अमीर लोग भी हार्डवर्क करते हैं लेकिन उस पुराने तरीके से नहीं अमीर लोगों के लिए हार्डवर्क का मतलब ये है अपने और दूसरों के दिमाग के पावर और आइडियाज को ऐसे यूज करना जिससे वो अपने प्रतियोगियो को पीछे छोड़कर आगे बढ़ जाएं।

मिडिल क्लास और गरीब आदमी आपको यह कहते हुई जरूर मिलेंगे की में अपने हार्डवर्क से एक दिन पैसे जरूर कमा लूंगा क्यूंकि यहाँ मिडिल क्लास और गरीब आदमी मेहनत करके पैसे कमाने को अपनी कामयाबी समझने लग जाते हैं जबकि वहीं अमीर लोग कामयाबी को अपनी मजिल समझते हैं और उसके लिए मेहनत करते हैं। आपको भी अपने आइडियाज पे मेहनत करनी होगी क्यूंकि वही आइडियाज आपको आपकी मेहनत पे सिर्फ आपको ही रिजल्ट देंगे न की किसी और को, उसमे की गई सारी मेहनत सिर्फ आपके बिज़नेस के लिए होगी चाहे वो छोटा बिज़नेस हो या बड़ा बिज़नेस।

आप अमीर कैसे बनें – अमीर पिता और गरीब पिता की किताब के मोटिवेशनल रूल्स।

पैसे से घबराना या पैसे से सपने देखना – मिडिल क्लास और गरीब लोग पैसे के लिए परेशान होते हैं वहीं अमीर लोग पैसे को इन्वेस्ट करने के लिए आइडियाज सोचते रहते हैं। आम लोग बहुत टाइम पैसे के बारे में परेशान होकर गुजारते हैं लेकिन फिर भी वो पैसे की वैल्यू को नहीं मानते यहाँ हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं की कभी भी मिडिल क्लास और गरीब आदमी अपने को बढ़ाने के लिए खर्च नहीं करता बल्कि वह कई बार अपने शोक को पूरा करने के लिए उन पैसो को खर्च कर देता है वहीं अमीर लोग पैसे की इम्पॉर्टेंस को समझते हैं और वह पैसे से बने हुई पैसो को खर्च करते हैं अपने शोक के लिए।

जब आम लोग पैसे की कमी के बारे में परेशान हो रहे होते हैं वहीं अमीर लोग बिना किसी डर के पैसे को इन्वेस्ट करने की तलाश में होते हैं। आम लोगों का पैसे के साथ एक अजीब रिश्ता होता है उन्हें ये सिखाया जाता है कि पैसा कमाना बहुत मुश्किल है इसलिए उसे सोच समझकर खर्च करें क्यूंकि उन्होंने पैसे को लेकर बचपन से ही नेगेटिव सोचना सिखाया जाता है वहीं कामयाब लोग ये सीखते हैं कि पैसे से ही पैसा बनता है इसलिए पैसा कभी भी अच्छा या बुरा नहीं होता। इंसान अच्छे या बुरे होते हैं और पैसा सिर्फ एक मीडियम है। इंसान जैसे चाहे उसे यूज कर सकता है पैसे को ब्लेम करना ऐसा ही है जिसे कोई मोटा होने वाला बंदा खाने कोई बुरा कहता रहे।

उस काम को करना जिससे तुम प्यार करते हो – कई लोग उस काम को करके पैसा कमाते है जो उन्हें पसंद नहीं और वहीं कामयाब लोग वो काम करके अमीर होते हैं जो उन्हें बहुत पसंद होता है। आम लोग एक नौकरी ढूंढते हैं उसे सालों तक बर्दाश्त करते हैं और एक दिन रिटायर हो जाते हैं। लेकिन अब ये थोड़ा सा बदल रहा है अब लोग काफी अलग अलग जॉब्स करते हैं अलग अलग कंपनी ट्राय करते हैं और कई बार तो अपने करियर्स भी चेंज करते हैं लेकिन आमलोग का माइंडसेट अभी बदला नहीं है। ज्यादातर लोग खुद को जॉब की तरफ पुश करते हैं और फिर परेशान होते रहते हैं कि अगर ये जॉब चली गई तो मैं क्या करूंगा। लोग ये सब इसलिए नहीं करते क्योंकि वो बेवकूफ हैं लेकिन इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें पैसे की जरूरत है क्योंकि उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए यही सिखाया गया है।

जबकि कामयाब आदमी पैसे के ज़रिये अपने आप को तैयार करता है उस काम को करने या सोचने के लिए जिसमे उनका इंटरेस्ट है। इसी सोच का बेस्ट एग्जाम्पल ये है कि वो ज्यादातर अपना पैशन फॉलो करके ये अमीर बनते हैं इसलिए जहां आमलोग दूसरी चीजों में मोटिवेशन ढूंढते अपना काम करने के लिए वहीं वर्ल्ड क्लास लोगों का काम ही उनका पैशन होता है उनका काम ही उन्हें मोटिवेट करता है। क्या आपने ये कभी नोटिस किया है कि जब कोई बच्चा गेम खेलता है तो वो पूरी रात पेड़ के 20 20 घंटे भी खेल सकता है बगैर थके हुए क्यूंकि उसे गेम खेलने में मजा आ रहा है। यही सेम चीज़ होती है जब हम अपना पैशन फॉलो करते हैं ऐसी चीज़ करते हैं जिसमें हमें मजा आता है फिर भले ही दूसरों को ये लगता हो कि हम पूरा दिन काम कर रहे हैं लेकिन रियलिटी में हम कोई काम नहीं करें क्योंकि हम उस काम को इतना इंज्वाय कर रहे होते हैं तो इसीलिए कहा जाता है कि अपना पैशन फॉलो कीजिए और पैसा खुद ही आएगा।

बिज़नेस, अमीर बनने का रास्ता – दोस्तों सबसे बड़ी और कड़वी सच्चाई यही है की बिजनेस रिस्की होता है मगर सिर्फ बिजनेस ही एक रास्ता है जोकि आपको अमीर बना सकता है। कई लोग ये मानते हैं कि बिजनेस करना बहुत ही रिस्की होता है वहीँ कामयाब लोग ये मानते हैं कि बिजनेस करना ही अमीर होने का बेहतरीन रास्ता है। आम लोगों को हर कोई समझाता है कि भाई बिजनेस मत करना क्यूंकि बिजनेस बहुत ही रिस्की है। आम लोग ऐसी रिसर्च पढ़ते रहते हैं जिनमें बिजनेस के नुकसान बताएं जाते हैं या वो अपने आसपास के उन लोगों की स्टोरी सुनते हैं जिन्होंने बिजनेस में घाटा किया है।

दुनिया ऐसे लोगो से भरी पड़ी है जो आपको बिजनेस की सोच से वॉर्न करेंगे लेकिन दोस्तों ग्रेट लोगों को ये पता है कि अपना खुद का बिजनेस शुरू करना ही बेहतरीन रास्ता है पैसा बनाने का। भले ही स्टार्टअप के फ़ैल होने के रेट बहुत ही खतरनाक हैं और अपने पैसे गंवाने की पॉसिबिलिटी काफी हाई है लेकिन एक सफल आदमी यह रिस्क लेने के लिए तैयार रहता है। उन्हें पता है कि वो एक दिन अपने पैरों पर खड़े हो जाएंगे और भले ही इसके लिए उन्हें कितनी बार फेल होना पड़े। 

अगर इस आर्टिकल से रिलेटेड कोई भी सुझाव और शिकायत है तो हमें digitalworldreview@gmail.com पर मेल करें


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