क्या प्यार की गलत परिभाषा पेश करती फिल्म डॉली किटी और वो चमकते सितारे का हिंदी रिव्यू? फिल्म में क्या अच्छा है और क्या बुरा, किरदार, फिल्म की कहानी का प्लाट

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डॉली किटी और वो चमकते सितारे फिल्म कैसी है?
प्यार वह शब्द है जो कभी कहने की जरूरत नहीं पड़ती बल्कि इसे आँखों, व्यवहार और सामने वाला आपके लिए कैसे समान करता है इसी से ही पता चल जाता है। जितना प्यार में समय बितता है यह और भी गहरा होता चला जाता है लेकिन वहीँ बात की जाये हवस की तो यह सिर्फ एक भूख है जोकि कभी ख़त्म नहीं हो सकती जब तक की आप इसे ख़त्म न करना चाहें। हाल ही में रिलीज़ फिल्म डॉली किटी और वह चमकते सितारे में दिखाने की कोशिश की गयी है की हर इंसान के अंदर की कुछ खुवाइशें होती हैं जोकि पूरी न हो तो इंसान भटक जाता है चाहे वह प्यार के रूप में ही न हो।

फिल्म में दो बहनो की जिंदगी के ताने बाने को लेकर फिल्म का पूरा फोकस रखा गया है जहाँ एक बहन अपनी जिंदगी को मजे से जीना चाहती है सब कुछ करना चाहती है जो उसे अच्छा लगता है तो वहीँ दूसरी बहन एक शादी शुदा औरत है जिसके दो बच्चे भी हैं। वह मेहनत करके अपने सपनो का घर बनाना चाहती है और आगे बढ़ना चाहती है लेकिन उसकी जिंदगी में पति के प्यार की कमी है अब इस प्यार को पाने में वह कामयाब होती है या नहीं यही इस फिल्म की कहानी है।

फिल्म में यह दिखाया गया है जिस प्यार के लिए कोंकणा भागती है वह उसे नहीं मिलता है और वह किसी और में उसे पाती है लेकिन क्या सच में ही वह उसका सच्चा प्यार था? फिल्म में इसका जवाब नहीं दिया गया है हलाकि फिल्म में दिखाने की कोशिश जरूर की गयी है की वह सच्चा प्यार था मगर ऐसा नहीं है। ऐसा इसलिए है क्यूंकि जिस तरह से दूसरी बहन एक शादी शुदा लड़के से प्यार तो करती है मगर वह लड़का सिर्फ उसे इस्तेमाल कर रहा था ठीक ऐसे ही ओस्मान नाम का किरदार भी सिर्फ कोंकणा से अपनी हवस को ही पूरा कर रहा था।

आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

जिस प्रकार से डॉली और किटी की माँ बचपन में इन्हे छोड़कर चली गयी ठीक उसी तरह से डॉली भी अपने एक बच्चे को छोड़कर चली जाती है। वह भी अपनी माँ की तरह वही गलती करती है तो वहीँ किटी भी अपने क्रश को प्यार समझ उसे हवस का रूप दे रही थी। जिसका पछतावा उसे जल्द ही हो जाता है और उसे सचाई का पता चल जाता है। ऐसे में प्यार को हवस के आगे हारता हुआ दिखाया गया है जोकि सच्चे प्यार में विश्वास करने वाले लोगो के लिए कुछ जायज़ नहीं होगी। 

फिल्म में अपने जबरदस्त अभिनय से कोंकणा सेन और भूमि पेडनेकर ने सबका दिल जाता है। जहाँ कोंकणा सेन इससे पहले भी कई फिल्मो में अपने बेहतरीन रोल से दर्शको को मंत्रमुग्ध कर चुकी हैं तो वही भूमि पेडनेकर भी एक नए सितारे की तरह बॉलीवुड में चमकने को पूरी तरह से तैयार हैं। दोनों के काम से जरूर इस फिल्म में जान आयी है और इस कमजोर स्टोरीलाइन पर भी उन्होंने अपनी छाप जरूर छोड़ी है। काफी लम्बे समय से कोंकणा सेन को बड़े परदे पर देखर उनके प्रशंशक काफी खुश हैं और कोंकणा जिस तरह के अलग अलग रोल करके अपनी अलग पहचान बनाने में इस बार भी कामयाब होती हुई नज़र आ रही हैं।

डॉली किटी और वो चमकते सितारे फिल्म हमें देखनी चाहिए? 
कोंकणा सेन और भूमि पेडनेकर का काम आपको जरूर अच्छा लगेगा लेकिन सवाल यह है की क्या वाकई इतनी अच्छी है की इसे परिवार के सांथ देखा जाये तो जवाब है नहीं।

फिल्म को एक पारिवारिक और प्यार के नज़रिये से बिलकुल उल्टा बनाया गया है जहाँ सिर्फ हवस और उस हवस को अपना प्यार समझकर हम क्या गलती कर बैठते हैं इसे दिखाने की कोशिश की गयी है। इसलिए अगर आप इसे सिर्फ निजी मनोरंजन के तौर पर देखना चाहते हैं तो जरूर देख सकते हैं लेकिन फिल्म में बहुत सारी कमियां है जिसके बारे में हम आगे बात करेंगे।

डॉली किटी और वो चमकते सितारे फिल्म की रेटिंग कितनी है?
डॉली किटी और वो चमकते सितारे फिल्म को IMDB पे 6.4 रेट मिला है 10 में सेगूगल पर इस फिल्म को 57% लोगो ने पसंद किया है। हम इस फिल्म को अदाकारों द्वारा अच्छे परफॉरमेंस के लिए 5 में से 2.5 स्टार देंगे।

हलाकि कई बड़े न्यूज़ चैनल ने इसे अच्छी रेटिंग जरूर दी है मगर सच कहें तो यह विषय हम कई फिल्मो में पहले ही देख चुके हैं इसलिए एक फिल्म को सिर्फ अदाकारी और बड़े डायरेक्टर के नाम के लिए अच्छी रेटिंग देना उचित नहीं होगा।

फिल्म डॉली किटी और वो चमकते सितारे में क्या अच्छा है?
फिल्म की जान इसकी दमदार अदाकारी है जिसमे दोनों ही प्रमुख किरदार अपना बेस्ट देते हैं और आपको उनके किरदार से जुड़ने में आसानी से कामयाब हो जाते है। बाकि के कलाकारों ने भी अपना अच्छा अभिनय दिया है और अपने किरदारों के सांथ पूरा इन्साफ किया है।

फिल्म की कहानी को आम लड़कियों और शादी शुदा औरत पर फिल्माया गया है और उनकी इच्छाओं को दर्शाने की कोशिश किया गया है जैसा आम जिंदगी में पाया जाता है।

फिल्म डॉली किटी और वो चमकते सितारे में क्या गलत है?
फिल्म की कहानी ऐसी है जिसे पहले भी कई फिल्मो और शार्ट फिल्मो में आप देख चुके हैं इसलिए आपको कुछ भी नया देखने को नहीं मिलेगा।

फिल्म को थोड़ा निराशावादी लगती है जहाँ मैं किरदार डॉली की माँ उसे बचपन में छोड़कर चली गयी थी ठीक उसी तरह से वह भी उसके बच्चे की कोई गलती न होते हुए भी उसे छोड़कर कर चली जाती है। वहीँ किट्टी पहली ही मुलाकात में एक लड़के से प्यार कर बैठती है और संबंध बना लेती है जोकि समझ से परे लगती है।

फिल्म को देखकर आपको सिर्फ यही लगेगा की फिल्म अपने मुद्दे से हटकर सिर्फ डिजायर की तरफ मुड़ रही है। जहाँ आप अपने मन में जरूर सोचेंगे की क्या प्यार का मतलब सिर्फ शारीरिक जरूरत को पूरा करना होता है? यह सवाल आपके मन में भी जरूर आएगा जब आप इस फिल्म के एक डायलॉग को सुनेगे जिसमे कोंकणा सेन कहती है “में तुमसे खुश नहीं थी पहले दिन से ही नहीं थी”। हॉलीवुड में एक मूवी है “एडिक्टेड” अगर आप इस फिल्म को देखेंगे तो आपका इस फिल्म को लेकर नज़रिया जरूर बदल जायेगा।

डॉली किटी और वो चमकते सितारे फिल्म का डायरेक्शन, स्क्रीनप्ले और म्यूजिक कैसा है? 
फिल्म की प्रोडक्शन क्वालिटी अच्छी है, जिस प्रकार से कहानी एक मध्यम परिवार की दो बहनो के ऊपर लिखी गयी है उसे इस फिल्म के दृश्यों में अच्छे से दिखाया गया है। फिल्म को सधे हुए डायरेक्शन के अंदर काफी अच्छे से परफॉर्म भी किया गया है किरदारों दवारा।

फिल्म का स्क्रीनप्ले और म्यूजिक दोनों ही बहुत ही ज्यादा कमजोर हैं। स्क्रीनप्ले की बात की जाये तो यही इस फिल्म की सबसे बड़ी कमी है जहाँ आपको सिर्फ निराशा ही निराशा दिखती है।

डॉली किटी और वो चमकते सितारे फिल्म की कहानी का प्लाट हिंदी में
फिल्म की कहानी की शुरुआत होती है मध्यम वर्ग की दो बहनो डॉली और किटी से। डॉली एक शादी शुदा औरत है जिसके दो बच्चे हैं लेकिन वह अपने पति के नाकारेपन और उसे प्यार न देने से नाराज़ है। किटी एक आज़ाद ख्यालो की लड़की है और वह अपनी नौकरी से खुश नहीं है और उसे अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा नाम करना है और पैसे कमाने हैं। किटी अपनी नौकरी छोड़ अपनी बहन के सांथ रहती है मगर यहाँ डॉली का पति उसे परेशान करता है इसलिए वह यह घर छोड़ देती है।

डॉली अपनी शारीरिक जरूरतों को पूरा करने के लिए एक फ़ूड डिलीवरी बॉय ओस्मान से संबंध बना लेती है मगर वहीँ अपने बच्चों पर पूरा ध्यान हटा लेती है जिससे उसके बच्चे अब थोड़ा शरारती बन जाते हैं। किटी एक एडल्ट कॉल सेण्टर ज्वाइन कर लेती हैं जहाँ एक लड़के से उसे प्यार होता है और उससे वह संबंध बना लेती है मगर उसे जल्द ही पता लग जाता है की यह लड़का सिर्फ उसका इस्तेमाल कर रहा है इसलिए वह उसे छोड़ देती है सिर्फ अपने काम पर अपना पूरा ध्यान लगा देती है।

एक पार्टी में ओस्मान को गोली लग जाती है और वह मर जाता है जहाँ डॉली डॉली उसके गम में बहुत रोती है जिसे देख उसका पति उसका विरोध करता है लेकिन डॉली अब अपने पति को छोड़कर चली जाती है अपने एक बच्चे को लेकर और इसी के सांथ यह फिल्म यहाँ ख़त्म हो जाती है।

डॉली किटी और वो चमकते सितारे फिल्म के किरदार
कोंकणा सेन शर्मा: डॉली, भूमि पेडनेकर: किटी (काजल), विक्रांत मस्से: प्रदीप, अमोल पराशर: ओस्मान, आमिर बशीर: अमित, कुमार अमलेंदु: मोहन, नीलिमा अज़ीम: डॉली की माँ, कुब्बरा सैत: शाज़िआ

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