“डिजिटल थीफ” फिल्म का रिव्यू, पूरी कास्ट, फिल्म में क्या अच्छा है और क्या बुरा।

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आज की दुनिया में इंटरनेट और फेसबुक जितना ज्यादा लोगो के लिए कारगर साबित हो रहे हैं उतना ही लोगो को इससे नुक्सान भी उठाना पड़ता है, इन्ही फायदे और नुकसानों को दर्शाती यह फिल्म है “डिजिटल थीफ”। फिल्म के मुख्य किरदार मैं हैं सेल्वम और उनकी पत्नी अगल्या।

फिल्म की कहानी का प्लाट 
कहानी में यह दिखाया गया है कैसे एक पुलिस वाला टेक्नोलॉजी की मदद से खुद ऑनेस्ट कर्रप्ट पुलिस अफसर बन जाता है। ऑनेस्ट कर्रप्ट पुलिस अफसर का मतलब यहाँ यह है की दोस्तों वह लोगो को बताता और दिखता नहीं है की वह कर्रप्शन कर रहा है। लेकिन जब इसी टेक्नोलॉजी की मदद से एक दिमागी रूप से बीमार आदमी उसकी बीवी को अपना शिकार बनाने की कोशिश करता है तो सेल्वम कैसे अपनी बीवी और अपनी नौकरी दोनों को बचाता है क्यूंकि यह क्रिमिनल भी सेल्वम को कड़ी टक्कर दे रहा है अपनी टेक्नोलॉजी की नॉलेज से इसलिए उसको मारना भी सही नहीं है सेल्वम के लिए जोकि वह आसानी से कर सकता है। अब कैसे सेल्वम इस समस्या से पीछा छुड़ाता है और अपनी वाइफ को भी बचाता है यही इस फिल्म की कहानी का प्लाट है।

इस आर्टिकल को आप इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

फिल्म में क्या सही है 
दोस्तों फिल्म में आज के समाज को आईने के रूप में सही से कहानी में दिखाया गया है की कैसे ईमानदार आदमी पुलिस वाला एक करप्ट पुलिस वाला बनता है, कैसे लोग इंटरनेट और टेक्नोलॉजी की मदद से पैसा बनाते हैं और लोगो की जिंदगी बर्बाद कर सकते हैं। फिल्म में अदाकारी भी काफी अच्छी की गयी है बॉबी सिम्हा, अमला पॉल, प्रसन्ना दवारा।

फिल्म का आखिर मैसेज भी काफी सही दिखाया गया है की गलत काम से कमाया पैसा आपको कभी नहीं मिलता। फिल्म में दिखाया गया है की रिश्ते बनाने से नहीं बल्कि निभाने से बनते हैं जैसा सेल्वम ने अपनी पत्नी पे भरोसा किया और उसका सांथ दिया अंत तक।  

फिल्म में क्या सही नहीं है
फिल्म थोड़ा सा लम्बी और स्लो लगती है और कहीं कहीं पर बॉबी सिम्हा के चेहरे के एक्सप्रेशनं में भी कम लगते है।

डायरेक्शन, स्क्रीनप्ले और राइटिंग
दोस्तों फिल्म थोड़ी स्लो जरूर लगती है खासकर से शुरू में लेकिन जब विल्लन की एंट्री होती है तो बस फिल्म में जान आ जाती है। इसलिए डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले भी काफी अच्छा लगता है। राइटर ने फिल्म थोड़ा लम्बी लिखी है लेकिंन फिर भी एक सही मुद्दे की फिल्म उन्होंने दर्शको को दी है।

स्टारकास्ट
बॉबी सिम्हा – सेल्वम, अमला पॉल – अगल्या सेल्वम, प्रसन्ना – बालाकृष्णन (बाल्की)

रेटिंग
इस फिल्म को IMDB 6.7 रेटिंग मिली है 10 में से। वहीँ हम इस फिल्म को 7.5 रेटिंग देना चाहेंगे जरूरी मुद्दों और साफ़ सुथरी फिल्म बनाने के लिए।

अगर इस आर्टिकल से रिलेटेड कोई भी सुझाव और शिकायत है तो हमें digitalworldreview@gmail.com पर मेल करें


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