भारतीय जासूस का देश के लिए जज्बे को दर्शाती कहानी, क्रैकडाउन वेब सीरीज का रिव्यू हिंदी में, सीरीज में क्या अच्छा है और क्या बुरा, किरदार, सीरीज की कहानी का प्लाट

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क्रैकडाउन वेब सीरीज कैसी है?
हाल के दशकों में बॉलीवुड में स्पाई मूवी के ऊपर काफी रिसर्च की गयी है और अच्छी सीरीज और फिल्में हमें देखने को मिली हैं लेकिन क्या ऐसी कहानी बनाना आसान होता है। जवाब है नहीं स्पाई मूवीज के लिए काफी अच्छी रिसर्च, एक्शन, थ्रिल और देश के लिए जज्बे को परदे पर उतरना कोई आसान काम नहीं है अगर कोई सीरीज ऐसा करने में सफल होती है और वह भी बॉलीवुड की फिल्मों के मुकाबले कम खर्च करके तो उसकी तारीफ करना तो जरूर बनता है।

क्रैकडाउन अब तलक की एक बेहतरीन स्पाई सीरीज है जिसमे एक्शन, थ्रिल, रोमांच और अच्छी एक्टिंग का कॉम्बो आपको देखने को मिलेगा जिसे देखकर आप जरूर खुश हो जायेंगे। सच कहें तो अगर छोटे परदे पर इतनी बेहतरीन सीरीज बनती रही तो दर्शक बिग स्क्रीन को बिलकुल मिस नहीं करेंगे। अपूर्व लाखिया द्वारा निर्देशित क्रैकडाउन सीरीज एक शानदार स्पाई सीरीज है जिसमे उन्होंने अपनी काबिलियत के अनुसार एक्शन और अच्छी कसी हुई कहानी को परदे पर उतरा है इसलिए इस सीरीज की काफी तारीफ भी हो रही है।

क्रैकडाउन भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी का देश के लिए अपनी जान को दाव पर लगा देने और आतंकवादियों को मुँह तोड़ जवाब देने के ऊपर है। आतंकवादी को पकड़ने और उनके प्लान को असफल करने के लिए किस प्रकार से देश के जवान अपनी जान की बाज़ी लगा देते हैं यही इस सीरीज में दिखाया गया है। सीरीज हलाकि थोड़ा फ़िल्मी भी जरूर है लेकिन ऐसा करना सीरीज की कहानी को अच्छा बनाने के लिए भी जरूरी था।

सीरीज में आपको इक़बाल खान दिखने वाले हैं जोकि काफी लम्बे समय बाद छोटे परदे पर अपना कमबैक कर रहे हैं जोकि कुछ बॉलीवुड फिल्मों के सांथ ही छोटे परदे के अच्छे कलाकार भी रह चुके हैं। मुख्य कलाकारों की बात की जाये तो साकिब सलीम और श्रिया पिलगाओंकर भी आपको देखने को मिलेंगे जिनका काम काफी अच्छा है। दर्शकों को इस सीरीज में सभी का जरूर पसंद आने वाला है तो वहीँ इनका एक्शन आपको रोमांचित कर देगा।   

आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

क्रैकडाउन वेब सीरीज वेब सीरीज हमें देखनी चाहिए? 
वूट अभी तलक काफी अच्छा कंटेंट अपने दर्शकों के लिए लेकर आया है इसलिए क्रैकडाउन से भी उमीदें काफी बढ़ गयी थी और सच कहें तो यह सीरीज आपको बिलकुल निराश नहीं करेगी। आप सीरीज को देखकर जरूर एन्जॉय करेंगे मगर इसे फॅमिली के सांथ देखने की राय हम नहीं देंगे। 

क्रैकडाउन वेब सीरीज वेब सीरीज की रेटिंग कितनी है?
क्रैकडाउन सीरीज को IMDB पे 6.4 रेट मिला है 10 में से जोकि थोड़ा आश्चर्यजनक जरूर है लेकिन फिर भी हम इस सीरीज को 5 में से 3.5 स्टार देंगे।

क्रैकडाउन वेब सीरीज वेब सीरीज में क्या अच्छा है?
सीरीज की शूटिंग भारत और भारत के आसपास के देशों में भी की गयी है जिससे इस सीरीज की प्रोडक्शन क्वालिटी काफी शानदार लगती है।

सीरीज में सभी मुख्य किरदारों को पूरा समय दिया गया है जिससे दर्शक उनसे जुड़ सकें, कहानी और किरदारों में आने वाले ट्विस्ट के लिए यह बहुत जरूरी भी था।

सीरीज की खासियत इसका जबरदस्त एक्शन भी है जिसके लिए इस सीरीज की तारीफ जरूर होनी चाहिए। फाइट दृश्य चाहें हांथों की हो या बुलेट्स की या व्हीकल्स की हर दृश्य को देखकर अलग ही रोमांच आता है।

कहानी आतंकवाद के सही चेहरे को दर्शाती है जहाँ कुछ आतंकवादी खुलकर सामने आते हैं तो वहीँ कुछ ऐसे भी होते हैं जोकि हमारे बीच रहकर अपने मकसद को अंजाम देते रहते हैं।

क्रैकडाउन वेब सीरीज वेब सीरीज में क्या गलत है?
सीरीज के मुख्य किरदार साकिब सलीम के एक्सप्रेशन हर माहौल में एक जैसे लगते हैं जोकि थोड़ा अटपटा जरूर है क्यूंकि एक वर्सटाइल एक्टर हर तरह की सिचुएशन में अपने भाव अलग ही रखता है।

कहानी में सीनियर पोस्ट के अफसर ज़ोरावर क्यों अपने से जूनियर की बातों को मानते हैं और कुछ कहे बगैर यह थोड़ा अजीब लगता है। ज़ोरावर का किरदार भी शुरू में कुछ और बाद में बदल जाता है बिलकुल विपरीत आप यह बात जरूर नोटिस करेंगे।

क्रैकडाउन वेब सीरीज के किरदार
साकिब सलीम: रियाज़ पठान, श्रिया पिलगाओंकर: दिव्या, इक़बाल खान: ज़ोरावर, अंकुर भटिआ: तारिक़, वलुश्चा: गरिमा, राजेश तैलंग: अश्विनी, एकावली खन्ना: सीमा, पालक जैस्वाल: लेखा, तान्या देसाई: अनन्या, तौक़ीर आलम खान: राजेश, विपिन भरद्वाज: बाला, मुदासीर भट: कबीर, हैरी परमार: नारंग, गौहर खान: कदर काज़ी, सबा सौदागर: फौज़िया   

क्रैकडाउन वेब सीरीज की कहानी का प्लाट
कहानी की शुरुआत होती है रियाज़ पठान से जोकि एक भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी के अफसर हैं और वह एक जगह टेररिस्ट को पकड़ने के लिए गए हैं लेकिन इस कोशिश में आतंकवादी की बीवी मर जाती है जिससे वह काफी जानकारी प्राप्त कर सकते थे। कुछ दिन बाद अब ख़ुफ़िया एजेंसी प्लान बनाती है की दिव्या को जोकि टेररिस्ट की बीवी की तरह ही दिखती है उसे आतंकवादियों के बीच भेज दें जिससे वह हमारी मदद कर सकेगी। लेकिन कुछ ही दिनों में यह राज़ आतंकवादियों को पता चल जाता है और वह दिव्या को मारने वाले होते हैं लेकिन रियाज़ उसे बचा लेता है और आतंकवादियों को मार देता है।

अब आतंकवादी अपने अगले प्लान को शुरू कर देते हैं जिसमे वह कई जगहों पर बम ब्लास्ट करते हैं इसमें कई ख़ुफ़िया अफसर भी मारे जाते हैं। रियाज़ को अब इन्हे पकड़ना है लेकिन ज़ोरावर जोकि अब ख़ुफ़िया एजेंसी का हेड है उससे रियाज़ की बनती नहीं है लेकिन देश के लिए दोनों एक दुसरे से हाथ मिला लेते हैं। आतंकवादी अब अगले प्लान की तरफ बढ़ते हैं और अब उनका मकसद प्लेन को बम से उड़ने का है जिसके लिए वह एयरपोर्ट पर हमला करके उसमे घुस भी जाते हैं तो वहीँ कुछ दुसरे आतंकवादी प्लेन को हाईजैक कर लेते हैं जिसका पता ख़ुफ़िया एजेंसी को नहीं होता है।

रियाज़ वक़्त रहते एयरपोर्ट पहुँच कर पहले आतंकवादियों को मार गिराते हैं जोकि एयरपोर्ट और प्लेन को बम से उड़ाने की फ़िराक़ में थे। रियाज़ को लेकिन कुछ ही समय में पता चल जाता है की एक दूसरा प्लेन हाईजैक हो चूका है और इसी के सांथ यह सीरीज यहाँ ख़त्म हो जाती है। इसका मतलब यह है की इसका दूसरा पार्ट भी आने वाला है।

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