‘ब्रीथ 2’ सीरीज का हिंदी रिव्यू, पूरी स्टार कास्ट, फिल्म में क्या अच्छा है और क्या बुरा, सीरीज की कहानी हिंदी में

breathe-season-2-ka-review-kirdaar-kahani-hindi-mein
Spread the love

‘ब्रीथ 2’ सीरीज कैसी है?
ओ.टी.टी. प्लेटफार्म में अच्छे और बुरे दोनों ही तरह के कंटेंट मौजूद हैं दर्शको के मनोरंजन के लिए। अब अगर बात की जाये अच्छे कंटेंट की तो ‘ब्रीथ 2’ की सीरीज को एक अच्छे कंटेंट के रूप में दिखा जायेगा क्यूंकि इस सीरीज में आपको बेतुकी गलियां और बिना मतलब का एडल्ट मसाला नहीं देखने को मिलता। बल्कि आप एन्जॉय करेंगे एक अच्छी कहानी जिसमे की एक बाप अपनी बच्ची को बचाने के लिए किसी का खून भी करने को तैयार है जबकि वह खुद एक बहुत बड़ा डॉक्टर है और पुलिस की कई मुजरिमो को पकड़ने में मदद कर चूका है।

पहले सीजन की तरह आपको इस सीजन में भी अमित साध देखने को मिलेंगे अपने पुराने अंदाज में जोकि बाहर से एक सख्त पुलिस वाला है जबकि अंदर से अच्छा इंसान भी है जोकि समझता है की कोई भी मुजरिम किसी हालत के मद्देनज़र ही जुर्म करता है। वहीँ अभिषेक बच्चन (अविनाश) एक दिमागी डॉक्टर के रोल में नज़र आ रहे हैं और दूसरी तरफ अभिषेक इस सीरीज में एक रोल में नज़र आने वाले हैं और वह है विल्लन का रोल जोकि काफी ज्यादा थ्रिल से भरपूर है क्यूंकि आप सीरीज को देखकर अंदाजा नहीं लगा पाएंगे की आखिर विल्लन कौन है लेकिन जब यह राज़ आपके आएगा तो आपको बिलकुल भी यकीन नहीं होगा।

इस सीरीज को अभिषेक बच्चन का एक बहुत ही अच्छा कमबैक के रूप में देखा जा सकता है क्यूंकि इसमें आपको अभिषेक की बहुत ही अच्छी एक्टिंग देखने को मिलेगी उनके दोनों रोल्स में। पहले सीरीज की तरह आपको इस सीजन में भी आपको एक बाप की मजबूरी को दिखाया जायेगा मगर इस बार एक बाप की मजबूरी किसी और से नहीं बल्कि अपने आप से है। सीरीज में हलाकि डायरेक्शन और राइटिंग में कुछ गलतियां भी जरूर हुई हैं जिसके ऊपर भी हम जरूर चर्चा करेंगे।

इस सीरीज में जो सस्पेंस को दिखाया गया है ऐसा नहीं है की आपने पहले ऐसा कुछ नहीं देखा है मगर राइटर ने इस कहानी में काफी अच्छे से इसको सस्पेंस के रूप में दिखाया है जोकि जायदा पसंद आया है दर्शको को। हमारी राय में आपको यह सीरीज को जरूर देखना चाहिए यहाँ आपको थ्रिल, एक्शन, सस्पेंस और हुमूर वाली कॉमेडी देखने को मिलेगी।

ब्रीथ 2 सीरीज में कुल 12 एपिसोड्स हैं और हर एपिसोड्स 40-50 का मिनट है। डायरेक्टर ने इस सीरीज को ड्रामा, थ्रिलर के जॉनर में रखा है और इस सीरीज को आप अमेज़न प्राइम के प्लेटफार्म पर देख सकते है।

आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं

‘ब्रीथ 2’ सीरीज की रेटिंग
इस सीरीज को IMDB पे 8.4 रेट मिला है 10 में से और वहीँ हम इस सीरीज को 5 में से 4.0 स्टार देंगे।

‘ब्रीथ 2’ सीरीज में क्या अच्छा है?
सीरीज की शूटिंग का बहुत हिस्सा दिल्ली, राजस्थान, नैनीताल में शूट किया गया है जोकि इस सीरीज की कहानी को काफी वाइड एंगल प्रदान करता है।

सीरीज में घट रही हर एक घटना के पीछे होने के कारण को सही से उसके पास्ट से जोड़कर दिखाया गया है जोकि कहानी को समझाने में काफी मदद करता है।

सीरीज में हर एक कलाकार को बराबर का मौका दिया गया है अपनी परफॉरमेंस को दिखने का और सच कहें तो हर एक किरदार ने अपनी बेहतरीन एक्टिंग से सबका दिल जित लिया है।

ब्रीथ 2 सीरीज में क्या बुरा है?
कभी कभी सीरीज को बड़ा बनाने के चक्कर में सीरीज में कई दृश्यों को बढ़ा चढ़ा के दिखाना पढ़ जाता है और ऐसा ही हमें इस सीरीज में देखने को मिला क्यूंकि इस सीरीज में 12 एपिसोड्स हैं जोकि बहुत ज्यादा है हमारे हिसाब से अगर सीरीज 9-10 एपिसोड्स की होती तब भी इसका असर पहले से भी बेहतर होता।

दूसरा अगर बात की जाये तो सस्पेंस को इस सीरीज में 5 एपिसोड्स में ही खोल दिया गया है जोकि दर्शक के तौर पे अच्छा नहीं लगा अगर इस सस्पेंस को 8-9 एपिसोड्स में दिखाया जाता और लास्ट के एपिसोड्स में उसके पास्ट के बारे में बताया जाता तो और ज्यादा अच्छा लगता।

‘ब्रीथ 2’ का डायरेक्शन, कहानी और म्यूजिक
‘ब्रीथ 2’ का डायरेक्शन आपको औसत से अच्छा लगेगा क्यूंकि कहानी में न ज्यादा मसाला डालने की कोशिश की गयी है और न ही एक्शन को जरूरत से ज्यादा दिखाया गया है हर एक चीज़ को उसकी माहौल के अनुसार ही रखा गया है जोकि सीरीज को सरल बनाने में काफी मददगार साबित हुआ है।

सीरीज की कहानी को भी अच्छे से वर्तमान समय और बाद में उसे पास्ट से जोड़कर दिखाया गया है।

सीरीज का म्यूजिक भी काफी अच्छा लगा खासतौर पे जब “जे” और “शिर्ले” के बीच के प्यार में स्ट्रेंजर थिंग्स के पियानो वाला म्यूजिक बजता है तो सुनने में काफी अच्छा लगता है।

‘ब्रीथ 2’ सीरीज की कुछ गलतियां
सीरीज में ज़ेबा रिज़वी एक दाएं हाथ में प्लास्टर दिखाया गया है लेकिन उसी के कुछ समय बाद ही उनके बाएं हाथ में प्लास्टर होता है अब यहाँ डायरेक्टर ने बिलकुल क्लियर नहीं किया की यह जानबूझकर किया गया है या यह गलती से हुआ है।

सीरीज में दिखाया गया है की “जे” तभी आता है जब अविनाश सो रहा होता है लेकिन जब “सिया” पार्टी में होती है तो अविनाश काम कर रहा होता है कैफ़े में, ऐसे में “जे” कैसे आ सकता है यह भी कुछ क्लियर नहीं है।

ब्रीथ 2 के ट्रेलर का रिव्यु पढ़ने के लिए क्लिक करें।

‘ब्रीथ 2’ सीरीज के किरदार
अभिषेक बच्चन: अविनाश सभरवाल, निथया मेनन: आभा सभरवाल, अमित साध: कबीर सावंत, इवाना कौर: सिया सभरवाल, श्रद्धा कॉल: ज़ेबा रिज़वी, हृषिकेश जोशी: प्रकाश कांबले, श्रीकांत वर्मा: जयप्रकाश, पलबिता बोरठाकुर: मेघना वर्मा 

‘ब्रीथ 2’ सीरीज की कहानी 
सीरीज की कहानी शुरू होती है जब अविनाश (अभिषेक बच्चन) जोकि एक प्रसिद दिमागी डॉक्टर हैं और वह पुलिस की मदद करते हैं एक लड़की के झूट को पकड़वाने में अदालत के अंदर। उनके घर में उनकी पत्नी आभा सभरवाल (निथया मेनन) और उनकी बच्ची होती है सिया सभरवाल (इवाना कौर) जिसे की अविनाश एक दवाई देते हैं क्यूंकि उसे कुछ हेल्थ प्रॉब्लम है। अब कुछ दिन बाद सिया का किडनैप हो जाता है और अभिषेक बच्चन पुलिस की मदद लेता है सिया को ढूढ़ने में लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिलती है। अब कहानी आगे बढ़ती है और कुछ महीने बीतने के बाद अविनाश के पास फ़ोन आता है जिसमे किडनैपर सिया के बदले अविनाश से खून करने के लिए बोलता है।

अविनाश को अब खून करने पड़ते हैं जिसके लिए वह अपनी पत्नी का भी सहारा लेता है लेकिन पहला खून बहुत ही ज्यादा चर्चा में आ जाता है और इसके लिए केस कबीर सावंत(अमित साध) को दिया जाता है और कबीर इस केस को सॉल्व करने के लिए अविनाश की हेल्प लेता है। इस बीच अविनाश अपनी बच्ची को बचाने के लिए एक एक करके तीन खून कर देता है और कबीर को उसे सॉल्व करने के लिए काफी आलोचना का भी सामना करना पड़ता है और सीनियर्स का भी काफी दबाव बढ़ता है। लेकिन अब सीरीज में भी एक राज़ खुलता है की किडनैपर कोई और नहीं खुद अविनाश ही है और वह ऐसा इसलिए कर रहा है क्यूंकि वह एक दिमागी बीमारी से पीड़ित है जिसमे वह दोहरी जिंदगी जी रहा है। एक अविनाश की तो दूसरी जे की और जे ने ही अविनाश की बेटी को किडनैप किया है ताकि जिन जिन लोगो ने आजतक अविनाश को दुःख दिए हैं उनसे वह बदला ले सके।

अविनाश तीसरा खून कर चूका है लेकिन अब पुलिस को अविनाश के ऊपर शक हो चूका है और अमित अविनाश के ऊपर नज़र रख रहा हैं ताकि अविनाश के खिलाफ सबूत इकट्ठा कर सकें। इस तहीकत के दौरान उसे अब अविनाश के बचपन के बारे में पता लगता है जहाँ उसे पता लगता है की अविनाश को एक दिमागी बीमारी है और वह बचपन से आजतक दो जिंदगी जीता आ रहा है। अमित अब अविनाश को नुकसान नहीं पहुंचना चाहता और वह उसे गिरफ्तार करके दिमागी हॉस्पिटल में भर्ती करवा देता है। अमित बच्ची को आभा को दे देता है लेकिन अंत में ये दिखाया गया है की कई साल बीत जाने के बाद भी जे अविनाश के अंदर से गया नहीं है और सीरीज यहाँ पे ख़त्म हो जाती है।

अगर इस आर्टिकल से रिलेटेड कोई भी सुझाव और शिकायत है तो हमें digitalworldreview@gmail.com पर मेल करें


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *