क्या सिर्फ अच्छे आईडिया से अच्छी सीरीज बन सकती है? ब्लैक विडो वेब सीरीज का हिंदी में रिव्यू, सीरीज में क्या अच्छा है और क्या बुरा, किरदार, सीरीज की कहानी का प्लाट

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ब्लैक विडो वेब सीरीज की कहानी हिंदी में
तीन शादी शुदा औरतें अपने पतियों के जुल्म से परेशान होकर उनका खून कर देती हैं और फिर कैसे वह अपने आप को पुलिस से बचाने की कोशिश करती है और क्या पुलिस उनकी सचाई सामने ला पाती है या नहीं यही इस सीरीज की कहानी है। हलाकि इस आईडिया पर कई बार सीरीज बन चुकी हैं बहुत से देशों में लेकिन भारत में इसे बनाने का जोखिम अभी तक किसी ने नहीं दिखाया था जिसके लिए हमें जरूर zee5 की तारीफ करनी होगी।

सिर्फ औरतों को फोकस रखकर एक सीरीज बनाने के लिए दमदार कलाकार और बहुत टाइट स्क्रीनप्ले होना चाहिए जिससे दर्शक अपने आप को कहानी से जोड़कर देखें। लेकिन हमें इस कोशिश में बहुत ज्यादा कमी देखने को मिलती है। सीरीज की स्टार कास्ट को अगर देखा जाये तो काफी बेहतरीन है जिसमे आपको एक से बढ़कर कलाकार देखने को मिलते हैं लेकिन यह एक अच्छी सीरीज की गारंटी नहीं बन सकते, आपको सीरीज के हर कदम पर अपना बेस्ट देना होता है जोकि यहाँ कहीं कहीं देखने को मिलता है मगर फिर कहानी बेजान बन जाती है।

कहानी को अगर ध्यान से देखा जाये तो इसमें भी आपको कई खामियां देखने को मिलेंगी जोकि हर प्रमुख किरदार के सांथ होती है जैसे क्यों मोना का अपने पति से डर ख़त्म हो जाता है जबकि वह मरकर वापिस आया है जिससे वह पहले बहुत ही ज्यादा डरती थी। शमिता शेट्टी के किरदार के सांथ सबसे ज्यादा मजाक किया गया है जहाँ पहले तो उसका पति उसे आदमियों के सामने परोसने के लिए उपयोग करता था परन्तु फिर वह खुद कई लड़कों के सांथ अपने वक़्त को एन्जॉय करती है।

क्या अपने पति से अलग होने का क़त्ल ही एक आखिरी रास्ता होता है? कैसे एक ईमानदार पुलिस अफसर अपने मुजरिम के सांथ ही हमबिस्तर हो जाता है। ऐसे ही कई सवाल आप इस सीरीज को देखकर डायरेक्टर से पूछना चाहोगे।

सीरीज का डायरेक्शन काफी अच्छा है जहाँ उसने प्रोडक्शन क्वालिटी काफी बेहतरीन रखी है इसलिए आपको एक अच्छी सीरीज देखने का अनुभव होगा।

सीरीज का स्क्रीनप्ले आधी सीरीज तक टाइट है लेकिन उसके बाद यह सीरीज कुछ कुछ डेली सीरियल्स की याद दिलाने लगता है। अदाकारों को अच्छे डायलॉग न होने की वजह से कलाकारों को बहुत से दृश्यों में ओवर एक्टिंग करनी पड़ती है। अब इसके लिए आप कलाकार को दोषी माने या स्क्रिप्ट को यह आप पर निर्भर करता है। सीरीज का म्यूजिक क्वालिटी एक औसत लेवल का है जोकि कोई ख़ास इम्पैक्ट आप पर नहीं छोड़ता है।

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ब्लैक विडो वेब सीरीज हमें देखनी चाहिए?
इस सीरीज में ऐसा कुछ खास भी नहीं है की आप इस सीरीज को सबसे ऊपर रखें लेकिन फिर भी आप इसे एक बार देखने वाली सीरीज जरूर कह सकते हैं। सीरीज में काफी गाली और हिंसक माहौल को दिखाया गया है इसलिए यह सीरीज परिवार के सांथ देखने वाली नहीं है।

ब्लैक विडो वेब सीरीज की रेटिंग कितनी है?
ब्लैक विडो वेब सीरीज को IMDB पे 10 में से 8.2 की रेटिंग मिली है लेकिन हम इस सीरीज को 5 में से 2.5 स्टार देंगे।

ब्लैक विडो वेब सीरीज में क्या अच्छा है?
सीरीज औरतों को ध्यान में रखकर लिखी गयी है जिसमे आपको एक औरत के कई रूप देखने को मिलेंगे। किन परेशानियों को एक औरत रोज़ देखती है और उसकी इच्छाएं उसे किस और लेकर जाती है यह काफी अच्छे से परदे पर उतारा गया है।

सीरीज में सस्पेंस और थ्रिल भी आपको देखने को मिलता है जोकि कहानी को थोड़ा रोचक जरूर बनाता है।

सीरीज मोना, स्वस्तिक मुख़र्जी, शरद केलकर जैसे कलाकारों का बेहतरीन काम देखने को मिलेगा।

किरदारों को अच्छे से लिखा गया है जिससे दर्शक उनके बारे में अच्छे से जान सकें।

ब्लैक विडो वेब सीरीज में क्या बुरा है?
सीरीज का मुख्य भाग निकल जाने के बाद आपको यह सीरीज बोरिंग महसूस होने लगेगी जहाँ आप कुछ ही दृश्यों को एन्जॉय करेंगे। कलाकार अपना बेस्ट देने के चक्कर में ओवर एक्टिंग करते हैं जोकि देखने में बेहूदा लगता है।

सीरीज के सस्पेंस को आप पहले से ही अंदाजा लगा लेंगे जिसके कारण कहानी अपने दर्शकों को बांधे रखने में असमर्थ हो जाती है।

ब्लैक विडो वेब सीरीज के किरदार
आमिर अली: एड्डी, सब्यसाची चक्रबर्ती: बैरी सिंह, परमब्रता चट्टोपाध्याय: पंकज, शोएब कबीर: विक्की, शरद केलकर: जतिन, स्वस्तिक मुख़र्जी: जयति, राइमा सेन: इनाया ठाकुर, शमिता शेट्टी: कविता, मोना सिंह: वीरा

ब्लैक विडो वेब सीरीज की कहानी हिंदी में
ब्लैक विडो तीन पत्नियों की कहानी है जोकि अपने पतियों (जतिन, ललित और नीलेश) से बहुत परेशान हैं। यह तीनो अपने पति की परिशानियों कि वजह से उनकी हत्या करने की योजना बनाती है और एक विस्फोट करके अपने पतियों को मार देती हैं। अब यह तीनो यह सोचती हैं कि उनके पति की मृत्यु हो जाएगी तो पूरी समस्या हल हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ, वह गलत थी। जतिन (शरद केलकर) इस विस्फोट से बचकर भाग जाता है।

अब यह धमाका किसने और क्यों किया, इसकी जांच अब पुलिस अपने कंधों पर लेती है। इसमें मुख्य रूप से इंस्पेक्टर पंकज (परमब्रत चट्टोपाध्याय) और इंस्पेक्टर रिंकू (श्रुति व्यास) शामिल हैं। दोनों हत्यारे को पकड़ने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करते हैं। लेकिन धीरे-धीरे वे समझ जाते हैं कि मामला शुरुआत में जितना आसान लग रहा था उतना है नहीं।

कहानी में प्यार, सस्पेंस, एक्शन और ड्रामा है। यह देखना दिलचसप होगा कि क्या पुलिस विस्फोट के दोषियों को खोज पति हैं या नहीं।

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