भारतीय रेलवे से जुडी अद्भुत तथ्य, भारतीय रेल सामान्य ज्ञान – indian railway se judi amazing facts, indian rail general knowledge.

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भारतीय रेलवे से जुड़ी रोचक जानकारी, जानिए रेलवे साइन का मतलब – indian railway se judi amazing facts, indian rail general knowledge, janiye railway sign ka matlab

भारत में गरीबों और माध्यम वर्ग के लोगो के लिए रेल बहुत ही लाभदायक जरिया है लम्बी तथा छोटी यात्रा को पूरा करने का क्यूंकि न केवल यह किफायती है बल्कि इसके अंदर कई तरह के माध्यम उपलब्ध हैं जिससे आप अपनी सुविधा अनुसार चुन सकते हैं। अमूमन गरीब व्यक्ति गरीब रथ का इस्तेमाल उपयोग करते हैं तो वहीँ माध्यम वर्ग जनरल और ठीक इसी प्रकार अमीर लोग भी बिज़नेस क्लास के माध्यम को चुनते हैं अपनी यात्रा के लिए।

भारत में रेल का उपयोग करने वाले लोग इतनी अधिक संख्या में हैं की इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है शायद इसीलिए भारत हर साल अपने रेलवे के बजट को बढ़ाता है ताकि रेलवे को बढ़ती हुई मांग के अनुसार अधिक प्रभावी बनाया जा सके। भारत की जनसंख्या में से अधिकतर लोगो ने कभी न कभी भारतीय रेलवे का इस्तेमाल अपनी यात्रा के लिए जरूर किया है जबकि कुछ लोगो नहीं किया है ऐसे में उनके पास रेलवे से जुडी कम ही जानकारी उपलब्ध होती है।

ऐसा इसलिए भी है क्यूंकि भारतीय रेल जितनी विशाल और पुरानी है उससे जुड़ी जानकारी भी उतनी ही विशाल और रोचक है। ऐसे में यह उम्मीद रखना की आपके पास रेलवे से जुड़ी पर्याप्त जानकारी है तो वह जानकारी बहुत हद सही हो सकती है लेकिन पूरी तरह से नहीं। क्यूंकि भारतीय रेलवे से जुडी अद्भुत तथ्य, सामान्य ज्ञान और रेलवे साइन का मतलब अभी भी बहुत लोगो को पता नहीं है।


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भारतीय रेलवे से जुड़ी रोचक जानकारी, जानिए रेलवे साइन का मतलब – indian railway se judi amazing facts, indian rail general knowledge


1 – रेफीयूज़ इंडिकेटर रेलवे ट्रैक पर क्यों प्रयोग किये जाते हैं? (refuse indicator railway track par kyun prayog kiye jaate hain)

आपने यात्रा करते वक़्त ट्रैक के किनारों पर बने चौकोर ब्लॉक पर को जरूर देखा होगा इन्हे रेफीयूज़ इंडिकेटर कहा जाता है। बेशक आप सोच रहे होंगे की इनका क्या प्रयोग है तो दोस्तों आपको यह बात तो माननी पड़ेगी की रेलवे कोई भी चीज़ और साइन बगैर मतलब के नहीं बनता है। हर साइन और चीज़ो का कुछ न कुछ मतलब प्रयोग जरूर होता है।

रेलवे कर्मचारी समय समय पर रेलवे पटरियों की मरम्मत करती है तो अपने सामान को ले जाने के लिए एक ट्राली का इस्तेमाल भी करते हैं। अब ऐसे में जिस ट्रैक पर मरम्मत का काम चल रहा हो अगर ट्रैक पर रेल आ जाये तो क्या होगा? इस समस्या के लिए रेफीयूज़ इंडिकेटर का इस्तेमाल किया जाता है, दरअसल में जब भी ट्रैक के रिपेयर का काम चल रहा होता है अगर उस समय रेल के आने का वक़्त होता है तो कर्मचारी अपनी ट्राली को रेफीयूज़ इंडिकेटर पर अपनी ट्राली को रख देते हैं। रेल के निकल जाने पर कर्मचारी वापिस से अपना काम करने लगते हैं।


2 – भारत में सबसे लम्बा रेलवे प्लेटफार्म कहाँ है? (bharat mein sabse lamba railway platform kahan hai)

भारत में सबसे लम्बा रेलवे प्लेटफार्म का रिकॉर्ड उत्तरप्रदेश के गोरखपुर रेलवे स्टेशन के नाम है जिसकी कुल लम्बाई 1.366 मीटर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड खड़गर के रेलवे प्लेटफार्म के नाम था जोकि पश्चिम बंगाल में है।


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3 – भारत में पहली पैसेंजर ट्रैन कहाँ चली थी? (india mein sabse pehli pessenger train kahan chali thi)

भारत में सबसे पहली पैसेंजर ट्रैन मुंबई से थाणे के बीच 16 अप्रैल 1853 को चलायी गयी थी, जिसके अंदर 14 डब्बे थे। इस रेल के अंदर 400 यात्रियों ने सफर किया था और इस ट्रैन को चलाने के लिए 3 इंजन का इस्तेमाल किया गया था।


4 – भारतीय रेल का प्रतीक चिन्ह (होलोग्राम) कौन है? (indian rail ka pratik chinh (hologram) kon sa hai)

रेल में यात्रा के वक़्त आपने एक हाथी की कार्टून को जरूर देखा होगा जिसने टिकट चेकर के कपडे पहने होते हैं। दोस्तों इसी कार्टून को ही भारतीय रेल के प्रतीक चिन्ह यानि होलोग्राम के रूप में जाना जाता है और इसका नाम है भोलू, कई लोग इसे guard elephant के नाम से भी जानते हैं।


5 – 2021 में भारत की सबसे तेज़ चलने वाली ट्रैन कौन सी है? (2021 mein india ki sabse tez chalne wali train)

2021 के उपलब्ध आकड़ों के अनुसार, दिल्ली से झाँसी के बीच चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस भारत में सबसे तेज़ गति से चलने वाली रेलगाड़ी है। जोकि 160 किमी प्रति घंटा (99 मील प्रति घंटा) तक की गति से चलती है।

लेकिन दोस्तों यह रिकॉर्ड बहुत ही जल्द बदल जायेगा क्यूंकि अब भारत में बुल्लेट ट्रैन और हाइपरलूप आने वाली हैं जिनकी रफ़्तार इंजन, गैस से चलने वाली सभी ट्रेनों से तेज़ होगी।


6 – भारत में बिजली से चलने वाली पहली ट्रैन को कब और कहाँ चलाई गयी थी? (india mein bijli se chalne wali train kab aur kahan chalai gayi thi)

भारत में बिजली से चलने वाली सबसे पहली ट्रैन 3 फरबरी 1925 को चलाई गयी थी। जिसे मुंबई के विक्टोरिया टर्मिनल से कुर्ला हार्बर के बीच चलाया गया था।


7 – भारत की पहली बुलेट ट्रैन कब और कहाँ चलने वाली है और इसे कौन बना रहा है? (india ki pehli bullet train kab aur kahan chalne wali hai aur isey kon bana raha hai)

भारत की पहली बुलेट ट्रैन 2022 में नेशनल हाई-स्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड (National High-Speed Rail Corporation Limited – NHSRCL) द्वारा चलाई जाएगी जोकि मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलेगी।


8 – भारत का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन कहाँ है? (india ka sabse bada railway junction kahan hai)

भारत में सबसे बड़ा जंक्शन मथुरा जंक्शन है, जिसके अंदर 10 प्लेटफार्म मौजूद हैं जिसके कारण आपको यहाँ से हर बड़े शहरों के लिए गाडी आसानी से मिल जाती है।


9 – भारत की सबसे मेहेंगी ट्रैन का नाम क्या है? (india ki sabse mehengi train ka naam kya hai)

भारत में सबसे मेहेंगी ट्रैन का नाम महाराजा एक्सप्रेस ट्रैन, जोकि भारत के सांथ ही एशिया की सबसे मेहेंगी ट्रैन है। इस ट्रैन में बैठकर आप भारत के सभी मशहूर पर्यटक स्थलों पर जा सकते हैं।

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10 – भारत में कुल कितने रेलवे म्यूजियम हैं और सबसे प्रसिद्व कौन सा है? (india mein kul kitne railway museum hain aur sabse famous kon sa hai)

भारत में रेलवे के 8 म्यूजियम हैं जिसमे से सबसे फेमस “द रेलवे म्यूजियम – the railway museum” है जोकि दिल्ली में है। भारत के लिए गर्व बात यह है की यह भारत के सांथ ही एशिया का भी सबसे बड़ा म्यूजियम है।


11 – भारत में रेलवे पटरियों की लम्बाई कितनी है? (india mein railway patriyon ki lambai kitni hai)

भारत की अगर सभी पटरियों को नापा जाये तो इसकी लम्बाई है 1,15,000km (2020 के आकड़ों के अनुसार)। भारत में रेलवे पटरियों की लम्बाई के मामले में एशिया की पहली और वर्ल्ड की दूसरी लम्बी रेल नेटवर्क है।


12 – भारत की सबसे धीमी ट्रैन कौन सी है और ट्रैन का क्या नाम है? (india ki sabse dhimi train kon si hai aur train ka kya naam hai)

भारत में अब बुलेट ट्रैन बनने जा रही है तो वहीँ इसके उलट भारत में बहुत धीमी गति से चलने वाली ट्रैन भी है जोकि इतनी धीमी चलती है की वह 1 घंटे में केवल 10km तक ही चलती है। अपनी 46km की यात्रा पूरा करने के लिए यह ट्रैन 5 घंटे लेती है और इस ट्रैन का नाम नीलगिरी एक्सप्रेस।


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13 – भारत में सबसे बड़े और सबसे छोटे नाम के स्टेशन कहाँ हैं? (india mein sabse bade aur sabse chote naam ke station kahan hain)

भारत में सबसे बड़े स्टेशन के नाम का रिकॉर्ड आँध्रप्रदेश के नाम है, इस स्टेशन का नाम है “venkatanarasimharajuvaripeta” और सबसे छोटे नाम का रिकॉर्ड उड़ीसा के स्टेशन के पास है जिसका नाम है “IB”।


14 – भारत में सबसे ज्यादा स्टॉपेज किस रूट पर है और कितने हैं? (india mein sabse jyada stopage kis route par hai aur kitne hain)

भारत में सबसे ज्यादा स्टॉपेज का रिकॉर्ड हावड़ा अमृतसर ट्रैन के पास है जिसके रूट में ११५ स्टॉपेज हैं।


15 – भारत में कुल कितने रेलवे स्टेशन हैं? (india mein kitne station hain)

भारत में 2020 के आंकड़ों के अनुसार 7500 रेलवे स्टेशन हैं।


16 – भारत में सबसे ऊँचा रेलवे पुल कहाँ बन रहा हैं? (india mein sabse uncha railway pul kahan ban raha hain)

भारत में सबसे ऊँचा रेलवे पुल जम्मू कश्मीर के चेनाब नदी के ऊपर बन रहा है जोकि 1.3 kilometer लम्बा होगा और इसकी उचाई 359 मीटर्स ऊँची होगी चेनाब नदी से। उससे रोचक बात यह है की यह फ्रांस में मौजूद Eiffel Tower से 30 meters बड़ा होगा। इसका निर्माण कश्मीर को भारत देश से जोड़ने के लिए किया जा रहा है।


17 – भारत में रोज़ कितनी ट्रैन चलती हैं और उनमे कितने लोग यात्रा करते हैं? (india mein roz kitni train chalti hain aur unme kitne log yatra karte hain)

2020 के आकड़ों के अनुसार भारत में रोज देशभर में लगभग 12600 से ज्यादा ट्रेनें चलती है जिसमे रोज लगभग 3 करोड़ से ज्यादा लोग यात्रा करते हैं।


18 – ट्रेन के कोच में पीली, ग्रीन और सफेद रेखा का क्या मतलब होता है? (train ke coach mein yellow, green aur white line kya matlab hota hai)

दोस्तों रेल में यात्रा करते वक़्त आपने ब्लू (blue) ICF कोच के ऊपर सफ़ेद और पिली लाइन्स देखी होंगी मगर उसका क्या मतलब होता है आपको यह पता है, कोई नहीं हम बताते हैं। ब्लू (blue) ICF कोच में सफ़ेद और पीली लाइन का मतलब होता है की यह डब्बा द्वितीय क्ष्रेणी के unreserved कोच है। पीली लाइन का मतलब है की यह जनरल डब्बा है। इसी तरह ग्रे कोच के ऊपर ग्रीन कलर की लाइन का प्रयोग औरतों की डब्बे के लिए किया जाता है।


19 – ट्रेन के आखिर में क्रॉस (X) क्यों होता है और इसका क्या मतलब होता है? (train ke aakhir mein X kyun hota hai aur iska kya matlab hota hai)

दोस्तों रेल के आखिरी डब्बे में X का मतलब होता है की यह डब्बा इस ट्रैन का आखिरी डब्बा है जिसके लिए इसमें LV भी लिखा होता है जिसका मतलब होता है last vehicle।


20 – ट्रेन की पटरियों पर पत्थर के टुकड़े क्यों होते हैं? (train ke patriyon par pathar ke tukde kyun hote hain)

दोस्तों जब भी आप कोई रेलवे ट्रैक देखते हो तो आपने यह जरूर ध्यान दिया होगा की उसमे कई सारे छोटे पत्थर होते हैं। इसे समझने के लिए आपको रेलवे ट्रैक की बनावट पर नज़र डालते हैं जिसमे आप देखेंगे की लोहे की ट्रैक एक सीमेंटेड यानि कंक्रीट से बने प्लेट्स होते हैं जिन्हे स्लीपर्स कहा जाता है जिसके नीचे एक ग्रे पत्थर होते है जिसे बैलास्ट शोल्डर कहा जाता है और इसके नीचे भी आपको दो लेयर्स होती हैं जोकि पीली और लाल रंग की होती हैं और अंत में होती है प्राकृतिक जमीन।

अब आपने अगर ध्यान दिया हो तो आप पायेंगे की रेल ट्रैक हमेशा धरती से कुछ ऊंचाई पर होती हैं वह इसी कारण से होते है। रेलवे ट्रैक बिछाते वक़्त कंक्रीट की प्लेट्स लगाए जाते हैं ताकि ट्रैक में एक उचित दूरी बनी रहे। इनके ऊपर छोटे पत्थर रखे जाते हैं जिनका बहुत अधिक उपयोग होता है जैसे सीमेंटेड प्लेट्स को यह छोटे पत्थर रोक कर रखते हैं ताकि बारिश आने या भरी ट्रैन के आने पर भी यह प्लेट्स हिले और भागे नहीं।

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है की यह पत्थर हमेशा नुकीले और सख्त होते हैं गोल नहीं वरना यह पत्थर इधर उधर खिसक सकते हैं इसलिए इनका होना बहुत जरूरी होता है।


हमारी यह पोस्ट 2020-2021 में इंटरनेट पर मौजूद इनफार्मेशन के अकॉर्डिंग है। हम इसे एक ज्ञान वर्धक इनफार्मेशन की तरह दिखा और बता रहे हैं। अगर इस आर्टिकल से रिलेटेड कोई भी सुझाव या शिकायत है तो हमें digitalworldreview@gmail.com पर मेल करें!


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