बेताल सीरीज का रिव्यु, सीरीज में अच्छा और बुरा क्या है और सीरीज की कहानी

betaal-series-ka-review-aur-kahani
Spread the love

बेताल एक काल्पनिक कहानी है और यह भारत की पहली बार ज़ोम्बी पर आधारित वेब सीरीज है जोकि शाहरुख़ खान के प्रोडक्शन हाउस के तले बनी है। जिसे पैट्रिक ग्रैहम और निखिल महाजन दवारा निर्देशित किया गया है। इस पूरे वेब सीरीज में केवल चार ही एपिसोड है, जहाँ विनीत कुमार और अहाना कुमरा मुख्या भूमिका निभा रहे हैं।

सीरीज के किरदार
विक्रम सिरोही, अहलूवालिया, नादिर हक़, पुनिया, अस्साद अकबर, कमांडेंट त्यागी, सरपंच, मौसी, अजय मुदलवान, शकुंतला मुदलवान, भुन्नू, कर्नल लयनेदोच्च।

त्यागी – त्यागी जो अपने पद का गलत इस्तेमाल करती है अपने फायदे के लिए।

अजय मुदलावन – अजय मुदलावन एक लालची आदमी है जो पैसो के लिए अपनी पत्नी और बेटी का बलिदान देता है।

विक्रम – विक्रम जो कुछ साल पहले हुए घटना से अभी भी परेशान है। लेकिन देश की रक्षा के लिए अपनी जान दे देता है।

इस आर्टिकल को आप इंग्लिश में भी पड़ सकते हैं।

बेताल कौन है
जॉन लिन्डोंग अंगेर्जो की तरफ से भारत पर रूल करना चाहता था। जो 1857 में जब हिंदुस्तान आजादी की लड़ाई लड़ रहा था, तब जॉन लिन्डोंग ने काले जादू का सहारा लेकर इस सुरंग के अंदर गया और तब से यहाँ उसकी आत्मा रहती है।

कहानी में अच्छा क्या है 
कहानी में केवल चार ही एपिसोड हैं जहाँ 3 घंटे में ही पूरी सीरीज को खत्म कर दिया गया है, जिससे यूजर ज्यादा बोर नहीं होता जैसा की आजकल हर सीरीज में कहानी को खींच दिया जाता है। कहानी में एक्शन पर अच्छा काम किया गया है जो हॉलीवुड फिल्मो की याद दिलाता है।

कहानी में बुरा क्या है
यहाँ कोई भी किरदार एक दुसरे से जुड़ नहीं पा रहे हैं। कहानी में ऐसे ज़ोमबी दिखाए गए हैं जो बम और बन्दूक का सहारा ले रहे हैं। सबसे अजीब बात यह है की एक सड़क बनाने वाला ठेकेदार पूरी स्पेशल फाॅर्स को कंट्रोल कर रहा है और उसका आदेश का पूरा पालन भी किया जा रहा है। वहीँ अगर एक्टिंग की बात की जाये तो वह भी औसत ही की गयी है।

अंत में
कहानी कुछ अधूरी सी है, इसके दूसरे सीजन में हमें बेताल की और भी पावरफुल आर्मी को दिखाया जायेगा और भारतीय जवान बेताल के काले जादू का मुकाबला करते हुए नज़र आएंगे।

हमारी रेटिंग
अगर बात की जाये इस सीरीज के रेटिंग की तो हम इसे 5 में से 1.5 ही देंगे क्यूंकि इसे देख कर केवल आपका समय ही बर्बाद होगा।

बेताल सीरीज की कहानी
कहानी एक आदिवासी गांव की है जहाँ पर लोग रहसयमयी तरीके से बेताल की पूजा कर रहे हैं ताकि वह सोया रहे। सूर्या डेवलपमेंट नाम की एक कंपनी है जोकि इस गांव में हाईवे बनाना चाहती है क्यूंकि यह गांव अंडर डेवेलोप है। वहीँ गांव के लोग जहाँ हाईवे बनाने का विरोध कर रहे है। जिस जगह यह हाईवे बनना है वह बेताल पहाड़ी है और जिसे गांव के लोग श्रापित पहाड़ी कहते हैं। उनका मानना है की इस पहाड़ी की सुरंग को तोड़ा गया तो विनाश हो जायेगा। अब यहीं से शुरू होती है इस सुरंग को तोड़ने की जंग।

मुदलावन, सूर्या डेवलपमेंट कंपनी का मालिक है जिसे हाईवे बनाने या इस गांव के लोगो में कोई भी रूचि नहीं है, उसे सिर्फ पैसो से मतलब है। अब वह गांव के लोगो को हटाने के लिए स्पेशल फाॅर्स की मदद लेता है जिसकी कप्तान त्यागी है। वह जवानो को झूट कहती है की उस गांव के लोग नक्सलवादी हैं और वह लोग हाईवे डेवलपमेंट के बीच में आ रहे हैं। 

आज भी विक्रम के सामने वहीँ परीस्थिति है, लेकिन आज विक्रम उल्टा बेताल पर ही बार कर देता है। जब उसने ऐसा किया तो बेताल की डेड आर्मी उस पर टूट पड़ती है और उसे मार देती है और वहीँ सान्वी के हाथ एक रिमोट लग जाता है जिसे दबाते ही विस्फोट हो जाता है और बेताल की सारी डेड आर्मी मर जाती है।

अब सान्वी को घर जाते वक़्त एक किताब लगती है जिस्मे बेताल से जुड़े रहस्य होते हैं और इसमें लिखा है की अगर सुरंग के अंदर कोई भी विस्फोट होता है तो बेताल फिर से जी उठेगा। वहीँ अगले दिन भारत के अलग अलग हिस्सों में अटैक की खबरे आना शुरू हो जाती है और इसके सांथ यह सीजन खत्म हो जाता है।

अगर इस आर्टिकल से रिलेटेड कोई भी सुझाव और शिकायत है तो हमें digitalworldreview@gmail.com पर मेल करें 


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *