अनुराग कश्यप ने अच्छी कोशिश की मगर उतना सफल नहीं हो पाए, एके बनाम एके फिल्म का रिव्यू, फिल्म में क्या अच्छा है और क्या बुरा, किरदार, फिल्म की कहानी का प्लाट

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कैसी है एके बनाम एके फिल्म?
दोस्तों ओल्ड इज गोल्ड का उदाहरण कोई ऐसे ही नहीं देता है बल्कि उसके पीछे कई कारण भी होते है और इस उदाहरण को एक बार फिर से सही साबित किया है अनिल कपूर ने। इनकी दमदार और कसी हुई अदाकारी देखकर आप भी उनसे प्रभावित हो जाओगे। एके बनाम एके एक नए एक्सपेरीमेन्ट के तौर पर बनाई गयी फिल्म है जिसमे पूरी फिल्म एक इंसान की आखों के नाज़िरए से शूट की जाती है। इस तकनीक का इस्तेमाल बॉलीवुड में पहली बार हुआ है ऐसा भी नहीं है क्यूंकि बहुत सारी फिल्में इस कांसेप्ट पर बन चुकी हैं और दर्शकों की तारीफ भी बटोर चुकी हैं।

लेकिन यहाँ हम तारीफ अचे डायरेक्शन और सिनेमेटोग्राफी की नहीं कर रहे है बल्कि फिल्म के स्टार परफ़ॉर्मर अनिल कपूर की कर रहे हैं क्यूंकि इस फिल्म को अगर आप बहुत हद तक देखने की हिम्मत जुटाओगे तो बाकि के किरदार आपका दिन ख़राब करने की पूरी काबिलियत रखते हैं लेकिन अनुराग कश्यप भी इस बात को अच्छे से जानते थे इसलिए ज्यादातर स्क्रीनप्ले अनिल का ही रखा गया है। कहानी बिलकुल रियल लगे इसलिये कहानी को फिल्म इंडस्ट्री के इर्द गिर्द बुनना तारीफ के लायक है क्यूंकि इससे कहानी में जो सचाई और लोगो को उस सचाई पर विश्वास न करने का एंगल आता है उससे फिल्म थोड़ा और इंटरेस्टिंग बन जाती है।

फिल्म में कई किरदारों को कैमियो के तौर पर रखा गया है जिसमे से कुछ फिल्म को मजाक के तौर पर ले रहे हैं जबकि कुछ फिल्म में अपनी मौजूदगी करने में कामयाब रहे हैं। फिल्म का निर्देशन विक्रमादित्य मोटवानी ने किया है और उनके काम की तारीफ करना तो बनता है और इन्होने कुछ डायलॉग भी लिखे हैं अनुराग कश्यप के सांथ लेकिन एक निर्देशक खुद राइटिंग और एक्टिंग करने लग जाये तो फिल्म का पटरी से उतरना तो स्वाभाविक है। अनुराग कशयप का विल्लन के किरदार को निभाना और फिल्म के डायलॉग उनके द्वारा लिखा होना भी इस फिल्म को बहुत नुकसान पंहुचा रहा है।

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एके बनाम एके फिल्म हमें देखनी चाहिए?
जी हाँ आप इस फिल्म को देख सकते हैं लेकिन परिवार के सांथ बिलकुल भी नहीं क्यूंकि गलियों का प्रयोग हॉलीवुड की गलियों को भी पीछे छोड़ देगा।

एके बनाम एके फिल्म रेटिंग कितनी है?
एके बनाम एके फिल्म को IMDB पे 10 में से 7.2 की रेटिंग मिली है और गूगल पर इसे 84% लोगो ने पसंद किया है लेकिन हम इस सीरीज को 5 में से 2.5 स्टार देंगे।

कलाकारों की परफॉरमेंस
फिल्म में अनिल काम काफी बेहतरीन क्यूंकि शुरू से ही आपको वो अपनी अदाकारी से जोड़ लेते हैं। वह अपने रोल के सांथ पूरा इन्साफ करते हुए नज़र आते हैं क्यूंकि उन्होंने हर इमोशंस को परदे पर शानदार तरीके से उतारा है।

फिल्म में अनुराग कश्यप का काम आपको औसत दर्जे का लगेगा ऐसा इसलिए क्यूंकि फिल्म में वह खुद कंफ्यूज दिखते है जोकि उनके विल्लन के किरदार को निभाते समय उनके चेहरे पर दिखता है और दर्शक उन्हें एक विल्लन के तौर पर देखना उतना ज्यादा पसंद भी नहीं करेंगे।

एके बनाम एके फिल्म में क्या अच्छा है?
फिल्म में अनिल कपूर की अदाकारी को रियल लाइफ शूट के नज़रिये से देखना काफी अच्छा लगता है। 

फिल्म का डायरेक्शन भी आपको कुछ हद तक पसंद आएगा क्यूंकि इसमें कुछ नया और रियल महसूस कराता है।

फिल्म में आखिर का क्लाइमेक्स और सस्पेंस भी आपको पसंद आएगा।

एके बनाम एके फिल्म में क्या बुरा है?
फिल्म का स्क्रीनप्ले बहुत ही ज्यादा स्लो महसूस होता है क्यूंकि फिल्म की स्टोरी आपको ज्यादा सस्पेंस में नहीं रखती है इसलिए आप बोर होकर इस फिल्म को बीच में बंद भी कर देंगे।

फिल्म का म्यूजिक भी दर्शकों में अपनी छाप छोड़ने में फैल हो गया है।

एके बनाम एके फिल्म के किरदार
अनिल कपूर, अनुराग कश्यप, नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी, सोनम कपूर, हर्षवर्धन कपूर, बोनी कपूर, पवन सिंह, योगिता बिहानी, पवन राव, साक्षी बेनीपुरी, सुचरिता त्यागी, राघव अग्गरवाल

एके बनाम एके फिल्म की कहानी
एके बनाम एके नेटफ्लिक्स आम जनता को साबित करते हैं कि बॉलीवुड एक्सपेरिमेंट करने से डरता नहीं है। यह फिल्म मूल रूप से अनुराग कश्यप बनाम अनिल कपूर  के ऊपर है इसलिए इस फिल्म का नाम भी इनके संक्षिप्त नाम के ऊपर है। अनुराग कश्यप एक फिल्म की पटकथा के साथ अनिल कपूर से मिलने आते हैं लेकिन अनिल उनकी फिल्म करने से मन कर देते हैं जिससे अनुराग काफी गुस्सा हो जाते हैं। अब अनुराग अनिल को बदनाम करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते हैं और अनिल कपूर को सार्वजनिक रूप से अपमानित करते हैं।

अनुराग अपना बदला पूरा करने के लिए अनिल कपूर के पास एक फिल्म लेकर आते हैं जिसमे अनिल की बेटी सोनम कपूर का अपहरण हो जाता है लेकिन कहानी में ट्विस्ट यह है की असल जिंदगी में भी उनकी बेटी किडनैप हो जाती है लेकिन अनिल कपूर समय के रहते अंत में अपनी बेटी को बचा लेते हैं। हलाकि अनिल का अपनी बेटी को बचाने की सारी कोशिश एक फिल्म के तौर पर ही फिल्मायी जाती है लेकिन वह सच में अपनी बेटी को बचाते है। फिल्म का आखरी क्लाइमेक्स फिल्म के अंत में है जिसके लिए आपको फिल्म देखनी होगी नेटफ्लिक्स पर।

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