टाइम ट्रेवल पर अभय देओल और पंकज कपूर की एक्टिंग का तड़का, JL50 वेब सीरीज का हिंदी रिव्यू, सीरीज में क्या अच्छा है और क्या बुरा, किरदार, कहानी का प्लाट

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JL50 वेब सीरीज कैसी है?
सोनी लिव वेब सीरीज प्लेटफार्म का एक नया खिलाडी है मगर अभी तलक इसने अपने हर एक सीरीज से यह साबित किया है की दर्शकों को क्या चाहिए और उन्हें कैसे अपने प्लेटफार्म से जोड़ना है। सोनी लिव द्वारा प्रसारित अभी तलक के सारे सीरीज दर्शकों द्वारा काफी पसंद किये गए हैं इसलिए सोनी लिव को अभी तलक सबसे अच्छा प्लेटफार्म कहना गलत नहीं होगा।

हाल ही में इस प्लेटफार्म पर एक सीरीज को लांच किया गया है जिसका नाम JL50 जोकि सस्पेंस, थ्रिल, एक्शन और टाइम ट्रेवल को लेकर बनाया गया है जिसमे कई बड़े सितारे हैं और इसे डायरेक्ट किया है शैलेंदर व्यास ने। कई बड़े सितारों का प्रयोग सीरीज में अच्छे से किया गया है और इन बड़े कलाकारों ने भी अपना बेहतरीन काम किया है। इस सीरीज में टाइम ट्रेवल के कांसेप्ट को भुनाने की कोशिश की गयी है लेकिन इसके सांथ ही डायरेक्टर ने यह भी कोशिश करी है की टाइम ट्रेवल के बेसिक को भी ध्यान में रखा जाये। टाइम ट्रेवल को दिखाने में हलाकि डायरेक्टर ने कुछ कंजूसी करी है जिसके बारे में हम आगे बात करेंगे।

सीरीज में अभय देओल एक सीबीआई अफसर के रूप में नज़र आएंगे जोकि एक प्लेन क्रैश की जाँच कर रहे हैं क्यूंकि यह प्लेन आज से 35 साल पहले गायब हुआ था। इस क्रैश में दो लोग ही बच पाएं हैं जिनके जरिये इस गुथी को सुलझाने की कोशिश की जा रही है। सीरीज कहानी को सिर्फ 4 एपिसोड्स में ही ख़त्म कर दिया गया है जिसमे से हर एक एपिसोड केवल 30-40 का मिनट का है। सीरीज को देखने पर ऐसा लग रहा था की डायरेक्टर ने इसे बनाते समय अपने बजट और इस सीरीज को जल्दी बनाकर ख़त्म करने पर ज्यादा ध्यान दिया था वरना इस सीरीज का प्रभाव दर्शकों पर और भी ज्यादा अच्छा होता।

सीरीज में मुख्य अभिनय निभा रहे अभय देओल ने एक बार फिर से यह दिखाया की क्यों उनकी गिनती शानदार कलाकारों में होती है और क्यों उन्हें नेपोटिस्म का तमगा नहीं देता। अपने सीबीआई अफसर के रोल को काफी संजीदगी और सिंपल तरीके से निभाया है जैसा की असल जिंदगी में आप एक अफसर को देखते हो।

आप इस आर्टिकल को इंग्लिश में भी पढ़ सकते हैं।

JL50 वेब सीरीज हमें देखनी चाहिए? 
आज आप किसी भी सीरीज को देखेंगे तो उसमे कहानी हो या न हो मगर दो चीज़ें जरूर होती हैं जिसमे से पहला – एडल्ट दृश्य और दूसरा – गाली देना। बहुत ही कम सीरीज अपनी कहानी और अच्छे डायरेक्शन पर भरोसा करती हैं लेकिन JL50 वेब सीरीज अन्य वेब सीरीज को आईना दिखाती है की कैसे एक अच्छी कहानी दर्शकों के बीच परदे पर लायी जाती है।

आप सीरीज को अपने परिवार के सांथ बैठकर देख सकते हैं क्यूंकि इसमें आपको सिर्फ अच्छी कहानी और अच्छी अदाकारी देखने को मिलेगी।

JL50 वेब सीरीज की रेटिंग कितनी है?
सीरीज को IMDB पे 8.0 रेट मिला है 10 में से। हम इस सीरीज को बड़े सितारों द्वारा अच्छे परफॉरमेंस के लिए 5 में से 3 स्टार देंगे

JL50 वेब सीरीज में क्या अच्छा है?
सीरीज में कहानी की दर्शको को बांधे रखने के लिहाज से बनाई गयी है इसलिए दर्शक सीरीज में बोर नहीं होते हैं।

सभी किरदारों को अच्छे से डेवलप्ड किया गया है इसलिए आप हर किरदार से अच्छे से जुड़ पाते हैं।

सीरीज में सभी का काम आपको पसंद आएगा, हर किरदार के रोल को उसकी जरूरत के हिसाब से लिखा गया है इसलिए पियूष मिश्रा के होते हुए भी उन्हें एक छोटा रोल दिया गया है लेकिन उस किरदार में भी उन्होंने जान डाल दी है। राजेश शर्मा के शब्दों की कॉमेडी को आप जरूर एन्जॉय करेंगे जहाँ उनका बेहतरीन अभिनय दिखता है।

JL50 वेब सीरीज में क्या गलत है?
सीरीज टाइम ट्रेवल को अच्छे तरीके से नहीं दिखाया गया है बल्कि यूँ कहें तो दिखाया ही नहीं गया है। डायरेक्टर ने यहाँ अपने पैसे बचने की कोशिश की है ऐसा लगता है वरना थोड़ा तकनीक का इस्तेमाल करके इसे अच्छे से दिखाया जाता तो इसका सीरीज पर अच्छा प्रभाव पड़ता।

कहानी का क्लाइमेक्स थोड़ा बचकाना सा लगता है जहाँ सब कुछ बहुत जल्दी होता है और स्टोरी भी कुछ ज्यादा सीधी हो जाती है। इससे दर्शक थोड़ा निराश होता है क्यूंकि वह एक बड़े क्लाइमेक्स की उम्मीद लगाए बैठा था।

JL50 वेब सीरीज का डायरेक्शन, स्क्रीनप्ले और म्यूजिक कैसा है? 
सीरीज का डायरेक्शन काफी ठीक है जिसमे अच्छे अभिनय और अच्छे लोकेशन का जोड़ दिखता है। टाइम ट्रेवल के कांसेप्ट को प्रयोग एक क्लाइमेक्स के तौर पर करना भी अच्छा आईडिया कहा जा सकता है लेकिन टाइम ट्रेवल को बचकाने तरीके से दिखाना एक कमी के तौर पर देखा जायेगा। 

सीरीज का स्क्रीनप्ले काफी कसा हुआ है इसलिए बगैर मतलब की चीज़ें आपको न के बराबर देखने को मिलती हैं। टाइम ट्रेवल का फ्यूचर पर इफ़ेक्ट को भी ध्यान में रखा गया है जोकि अच्छी बात है। लेकिन सीरीज का अंत काफी जल्दी और कम डेप्थ वाला लगा जिसे थोड़ा और बढाकर दिखाया जा सकता था जिससे लोग टाइम ट्रेवल के इफ़ेक्ट को अच्छे से जान पाते।

म्यूजिक औसतन है हलाकि बंगाली फोल्क म्यूजिक का तड़का आपका ध्यान जरूर खींचने में कामयाब होगा।

JL50 वेब सीरीज की कहानी का प्लाट हिंदी में
कहानी की शुरुआत होती है एक प्लेन क्रैश के सांथ जोकि आज से 35 साल पहले उड़ा था और उसकी पायलट थी बिहू घोष (रितिका आनंद)। यह बात न यकीं करने वाली थी इसलिए इसकी जांच सीबीआई को दी गयी और शांतनु (अभय देओल) जोकि एक अफसर हैं इसकी जांच में जुट जाते हैं। वह एक प्रोफेसर के पास जाते हैं जोकि इस फ्लाइट में नहीं बैठे थे और वह थे प्रोफेसर दास (पंकज कप्पूर) लेकिन इनसे कोई भी मदद नहीं मिलती है। वहीँ पंकज कपूर भी इस बात की जांच करते है और पाते हैं की यह बात सच है।

इस फ्लाइट एक्सीडेंट में 2 लोग बचे हैं उनमे से एक हैं पायलट बिहू घोष और दूसरा प्रोफेसर मित्रा (पियूष मिश्रा)। जब प्रोफेसर मित्रा को होश आता है तो वह खुश हो जाते हैं की वह फ्यूचर में हैं इसलिए वह प्रोफेसर दास के पास जाते हैं लेकिन दास उनका खून कर देता है क्यूंकि उन्ही के पास फार्मूला है फ्यूचर में जाने का। शांतनु को पता चलता है मित्रा ही वह इंसान हैं जिसके कारन यह सब कुछ हुआ है लेकिन वह इसका इस्तेमाल गलत काम के लिए भी कर सकते हैं इसलिए वह उन्हें पास्ट में जाकर रोकना चाहता है।

शांतनु अब बिहू घोष और प्रोफेसर दास की मदद से पास्ट में जाकर प्रोफेसर मित्रा को मार देता है और वह फार्मूला भी जला देता है लेकिन अब क्लाइमेक्स खुलता है की प्रोफेसर दास इस फॉर्मूले को पाना चाहता है लेकिन शांतनु ऐसा नहीं होने देता और दास को मार देता है। अंत में दिखाया गया है इस बदलाव के कारन अब शांतनु वर्तमान समय में सीबीआई अफसर नहीं है लेकिन वह फार्मूला अब भी दास को मिल जाता है। शायद डायरेक्टर इसका अगला सीजन बनाने के बारे में जरूर सोच रहे हैं इसलिए ही यह फार्मूला अंत में दास को मिलता है।

JL50 वेब सीरीज के किरदार
अभय देओल: शांतनु, पंकज कपूर: प्रोफेसर दास, राजेश शर्मा: गौरांगो, पियूष मिश्रा: प्रोफेसर मित्रा, रितिका आनंद: बिहू घोष, अमृता चट्टोपाध्याय: शिवपरणा, पुजारिणी घोष: शांतनु की दूसरी वाइफ, सस्वती गुहठाकुरता: बिहू की माँ, बरुन चंदा: गांगुली, मृणाल मुख़र्जी: बूढ़े पार्थो, साग्निक चटर्जी: जवान पार्थो 

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