आप अमीर कैसे बनें – अमीर पिता और गरीब पिता की किताब के मोटिवेशनल रूल्स।

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दोस्तों क्या आपने कभी सोचै है की क्यों कुछ ही लोग बेहद अमीर बन पाते हैं और क्यूं ज्यादातर लोग गरीब या फिर मिडिल क्लास रह जाते हैं। रॉबर्ट नाम का एक लड़का था जिसके दो बाप थे अब आप कुछ गलत मत समझिए। पहला उसका खुद का था पर दूसरा उसके दोस्त का बाप जिसे वो अपना मुंह बोला बाप मानता था। पहले वाले ने पीएचडी की थी पर दूसरा काफी कम पढ़ा लिखा था, दोनों बहुत ही स्मार्ट और हार्डवर्क करते थे पर दोनों की सोच बहुत अलग थी और दोनों रोबर्ट को अलग अलग बातें सिखा थे। पहला बाप बोलता था कि पैसा सारे फसाद की जड़ है पर दूसरा बोलता था कि पैसा ना होना सारे फसाद की जड़ है। पहला रोबर्ट को हमेशा महंगी चीजों के बारे में सोचने से मना करता था और कहता था कि वो हमारी हैसियत के बाहर है वहीँ दूसरा उनसे कहता था कि वो सोचे और अलग अलग रास्ते ढूंढे जिससे वो सारी महंगी चीजें खरीद सकें, ऐसा करने से उसका दिमाग तेज होगा और नए आइडियाज भी मिलेंगे। पहले उसे कहता खूब मेहनत कर अच्छे से पढ़ लिखे ताकि तुझे बड़ी कंपनी में नौकरी लगे और तू बड़ा इंसान बन पाए। दूसरा कहता था तो खूब पढ़ मेहनत कर पर खुद की कंपनी खोल ताकि तू खूब सारी नौकरियां लोगों को दे पाए।

रोबर्ट के पास एक एडवांटेज था की उसने अपने दोनों बापों को अपनी अलग अलग सोच के साथ बढ़ते और उनकी तरक्की देखी। उसने अपना दिमाग लगाया और अपने दूसरे बाप की बातें मानी और फॉलो की जिससे बाद में वह मायामी फ्लोरिडा का सबसे अमीर इंसान बना और उसकी सिखाई बातों से उसने खुद करोड़ो कमाए। जबकि उनका पहला पिता हर समय गरीब बना रहा, अब इन चीजों में सबसे महत्वपूर्ण है कि रॉबर्ट ने अपने अमीर पिता से जो सीखा वह था “वित्तीय साक्षरता” जो “आपकी संपत्ति और आपको किस पर खर्च करना है” के बीच के अंतर को जानने का सुझाव देता है। 

इस आर्टिकल को आप इंग्लिश में भी पड़ सकते हैं।

आपको हम यहाँ समझाने की कोशिश करते हैं जैसा रॉबर्ट ने काफी ईजी शब्दों में उसका मीनिंग बताया है। ऐसेट्स कोई भी वो चीज होती है जो आपको पैसे बना के दे या फिर आपकी जेब में पैसे डाले और लायबिलिटी वो चीजें होती है जो आपके जेब से पैसे ले ले या आपके पैसे खत्म करें। अमीर लोग इसीलिए अमीर होते हैं क्यूंकि वह बैंकों से वो अपने ऐसेट बनाते हैं जबकि मिडिल क्लास लोग बस लायबिलिटी रुपए खर्च करते हैं।   

चलिए इसे उदहारण से समझते हैं – मिसाल के तौर पर रमेश और सुरेश नाम के दो दोस्त थे। दोनों सेम पोजिशन और सेम सैलरी पर काम करते थे और उन्हें एक जैसी सैलरी मिलती है। रमेश अपनी सैलरी से नए कपड़े नए गैजेट्स नया फोन बाइक या कार ऐसी चीजें खरीदता था जोकि उसे अमीर जैसा फील कराती थी पर वो ये नहीं समझता था कि ये सारी चीजें लायबिलिटी है जो उसके पैसे उसे ले रही है। पहला तब जब उसे वह खरीदता है और आगे भी मेंटेनेंस वगैरह के लिए जिसकी वैल्यू वक्त के साथ कम हो जाती और ना ही वो उसे आगे कुछ पैसों का प्रॉफिट देगी। जबकि सुरेश ऐसा नहीं था वो ये सारी चीजें नहीं खरीदता था जब तक की उसके लिए बहुत जरूरी ना हो वो चीज नहीं खरीदता था। वो पैसे जमा करता था और ऐसी चीजों पे खर्च करता था जैसे कि स्टॉक्स, बॉन्ड्स, रियल एस्टेट अपनी खुद की स्किल बढ़ाने के लिए या कुछ सीखने के लिए जो उसे आगे और पैसे बनाने दें।

दो साल बाद सुरेश करोड़पति बन गया जबकि रमेश वैसे का वैसा रह गया और वह अपनी कम सैलेरी को कोसता और कहता था कम सैलरी उसके मिडिल क्लास होने का रीजन है। एक गरीब आदमी का पैसो को खर्च करने का तरीका कुछ इस तरह से होता है, जब गरीब आदमी को पैसे मिलते हैं तो वो पैसे उसकी जरूरी खर्चों में खत्म हो जाते हैं। एक मिडिल क्लास का पैसे खर्च करना का तरीका कुछ इस प्रकार होता है, उसे जब पैसे मिलते हैं तो वो पैसे जरूरी खर्चों और लायबिलिटी में खतम कर देता है इसलिए मिडिल क्लास और गरीब में ज्यादा फर्क नहीं है। 

दुनिया में बहुत से मिडिल क्लास लोगों को लगता है की उनका घर उनका ऐसेट है पर ऐसा नहीं है क्यूंकि आपका घर आपको पैसे बना के नहीं देता है जबतक की आप उसे किराये पर न दो। जबकि अमीर लोगों का पैसो को खर्च करने का तरीका कुछ इस प्रकार होता है की जब उन्हें पैसे मिलते हैं वो उस पैसों से अपने ऐसेट्स बनाते हैं पहले और फिर उससे बने पैसों को अपनी आरामदायक चीजों पे खर्च करते हैं इसीलिए वो अमीर होते जाते हैं क्योंकि उनके इनकम के सोर्स बढ़ते जाते हैं। 

एक अमीर आदमी और एक गरीब आदमी की सोच में अंतर। अपनी सोच को बढाकर सफलता कैसे पाएं?

अगर आपको अमीर बनना है तो ये बात याद रखिए अच्छे से की इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि आप कितना कमा रहे हैं बल्कि आप उन पैसों को कैसे और कहां खर्च कर रहे हैं ये जरूरी है। आपको एक ग्राहक की सोच से बाहर आकर पैसो को इन्वेस्ट करने वाले की सोच अपनानी पड़ेगी जो लोग कंप्लेन करते हैं उनकी खराब कंडीशन का, इसका कारण उनकी कम सैलरी है और सैलरी बढ़ेगी तो वो आराम से रहेंगे लेकिन ऐसा संभव होना काफी मुश्किल है क्यूंकि यहाँ पर प्रॉब्लम ये है कि इनकम बढ़ने के बाद लोगों के खर्चे भी ज्यादा बढ़ जाते है चूंकि ज्यादा पैसे ज्यादा अच्छी चीजें खरीदने पर मजबूर करता है जैसे कि एक बेहतर फोन, कार, घर जो कि फिर से एक लायबिलिटी है जो आपको कभी अमीर बनने नहीं देगी। 

ये बातें हमने अमीर पिता और गरीब पिता की किताब(Rich Dad and Poor Dad) से ली है जो जिसने कई लोगो की सोच को बदला है। अगर आपको ये बातें अच्छी लगी तो आप हमें जरूर सब्सक्राइब करें और इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के सांथ भी जरूर शेयर करें।  

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