समाज के भावनात्मक पहलू को दर्शाती फिल्म आधार। आधार फिल्म का हिंदी में रिव्यू, किरदार, आधार फिल्म की कहानी का प्लाट। फिल्म क्या अच्छा है और क्या बुरा।

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आधार फिल्म का रिव्यू
अगर आप भारत में रह रहे हैं तो आप आधार की जरूरत और इसके महत्व को अच्छे से जानते होंगे लेकिन जब आधार बनने की शुरुआत हुई थी तो इसे बनाने और लोगो के बीच इसके महत्व को समझाने में सरकार को काफी मेहनत भी करनी पड़ी थी। क्यूंकि आज भी समाज का एक बड़ा हिस्सा तकनीक और डिजिटल दुनिया से जुड़ा हुआ नहीं हैं और उन्हें सरकार के लिए हर कदम और निति के बारे में जानकारी नहीं होती है ऐसे में उनके पास जाकर उन्हें इन नीतियों के बारे में समझाना पड़ता है।

कुछ इसी जदोजहद को परदे पर उतारती है यह फिल्म आधार जहाँ लोगो के लिए आधार अभी भी एक अनसुना नाम है। सरकार इन लोगो को किसी तरह से मनाकर आधार बना लेती है लेकिन इन्ही लोगो के बीच में कुछ लोग कई तरह के सामाजिक भ्रम फैलाकर लोगो को गलत बातों से बेवकूफ बनाते हैं अपनी कमाई को चालू रखने के लिए।

यही भ्रम लोगो और सरकार के बीच में किस तरह के तकरार को जन्म देती है कुछ इसी विषय को परदे पर बेहतरीन तरीके से उतारा है मनीष मुंद्रा ने। इस फिल्म के स्क्रीनप्ले पर काम किया है सुमन घोष और अमितोष नागपाल ने और यकीन मानिये दोनों का काम आपको काफी अच्छा लगेगा इस फिल्म को देखकर। मनीष मुंद्रा इससे पहले भी दिल को छू देने वाली फिल्में डायरेक्ट कर चुके हैं जैसे – मसान, धनक, न्यूटन इसलिए उनके काम की बारीकी आपको यहाँ भी देखने को मिलने वाली है।

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आधार फिल्म की रेटिंग कितनी है?
इस फिल्म को IMDB पे 10 में से 7.1 की रेटिंग मिली है और गूगल पर इस फिल्म 92% लोगो ने पसंद किया है। हम इस फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार देंगे।


कैसी है आधार फिल्म और क्या हमें देखनी चाहिए?
जी हाँ, मनीष मुंद्रा की ज्यादातर फिल्में आपको एक सन्देश देती हैं और इसके सांथ ही आप इन्हे अपने परिवार के सांथ देख भी सकते हैं।


परफॉरमेंस
फिल्म में आपको कई छोटे और बड़े परदे के मझे हुए कलाकार नज़र आने वाले हैं जैसे विनीत कुमार सिंह, सौरभ शुक्ला, रघुवीर यादव, संजय मिश्रा। अगर सभी में से बेस्ट की खोज की जाये तो मुश्किल होगा यह कहना की कौन प्रथम है और कौन दूसरे नंबर पर इसलिए फिल्म को इसका फायदा हुआ है और फिल्म में साधारण कहानी के होते हुए भी परदे पर जानदार दिखती है।


फिल्म में क्या अच्छा है
आधार फिल्म का डायरेक्शन
कुछ बेहतरीन डायरेक्शन में से एक जहाँ आप उस दुनिया में एक दम खो जाते हैं जो डायरेक्टर हमें दिखाना छह रहा है। लोकेशन, चीज़ों को पेश करने का तरीका और कलाकारों के अंदाज़ में आपको गांव के लोगो का एहसास आसानी से महसूस होगा जोकि फिल्म की खासियत है।

फिल्म की सिनेमेटोग्राफी भी काफी अच्छी है इसलिए सभी दृश्य काफी सही दृष्टिकोण से दिखते हैं।


फिल्म में क्या बुरा है
आधार फिल्म का स्क्रीनप्ले
की बात की जाये वह आपको थोड़ा स्लो लगेगा लेकिन इस फिल्म की कहानी की मांग ही धीमी गति है ऐसा करने डायरेक्टर की मजबूरी भी कहा जा सकता है तभी दर्शक सभी किरदारों से जुड़ पाएंगे।

किरदार के किये गए संघर्ष और मुसीबतों को थोड़ा कम दिखाया गया है जिससे थोड़ा और दिखाकर ज्यादा भावनात्मक फिल्म बनाई जा सकती थी।

आधार फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड म्यूजिक आपको औसत लगेगा इसलिए इसमें कोई भी ऐसा गाना या धुन नहीं है जोकि आपको फिल्म के सांथ जोड़ दे।

आधार फिल्म के किरदार 
विनीत कुमार सिंह: फरसुआ, सौरभ शुक्ला: परमानन्द सिंह, रघुवीर यादव: घीसू, संजय मिश्रा: शास्त्री, पृथ्वी हट्टे: रानी, प्रेम प्रकाश मोदी: रानी के पिता, इस्तेयाक आरिफ खान: रस्तोगी, एकावली खन्ना: श्रीमती दहिया, अलका अमिन: रानी की माँ, विश्वनाथ चटर्जी: मिनिस्टर, यश सिंह चौहान: गज्जू 

आधार फिल्म की कहानी क्या है?
आधार फिल्म की शुरुआत होती है एक गांव से जहाँ फरसुआ अपनी पत्नी रानी के सांथ रहता है। एक दिन उनके गांव में सरकार के लोग आते हैं जोकि उनका आधार बनाना चाहते हैं लेकिन गांव वालों को इसके जरूरत समझाने में उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ती है। अधिकारियों की बड़ी कोशिशों के बाद फरसुआ अपना आधार बनाने के लिए तैयार हो जाता है और उसका आधार बन भी जाता है।

जब फरसुआ को उसका आधार मिलता है तो वह उसे एक पंडित को दिखता है लेकिन पंडित अपने दान और पाठ के चक्कर में फरसुआ से झूट बोलता है की उसके आधार का नंबर अशुभ है जिसके कारन उसकी पत्नी की मौत हो सकती है। यह सुन फरसुआ चिंतित हो जाता है वह सरकारी दफ्तर जाता है अपनी बीवी का आधार नंबर बदलने के लिए तो उसे पता लगता है की जो नंबर एक बार मिल गया वह दोबारा नहीं बदल सकता।

लेकिन फरसुआ फिर भी कोशिश करता है कई मंत्री, दफ्तर और पत्रकारों के सामने अपनी बात रखता है। लेकिन क्या फरसुआ का आधार नंबर बदलेगा या उससे बोले गए झूट से पर्दा उठेगा यह आपको फिल्म देखकर पता चलेगा।


हम यह पोस्ट एक ज्ञान वर्धक इनफार्मेशन की तरह दिखा और बता रहे हैं। अगर इस आर्टिकल से रिलेटेड कोई भी सुझाव या शिकायत है तो हमें digitalworldreview@gmail.com पर मेल करें!


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