क्या कहानी का विवादित होना जरूरी है? एक सिंपल मर्डर वेब सीरीज का हिंदी में रिव्यू, सीरीज में क्या अच्छा है और क्या बुरा, किरदार, सीरीज की कहानी का प्लाट

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एक सिंपल मर्डर वेब सीरीज कैसी है?
एक हिट फिल्म या वेब सीरीज के लिए क्या चाहिए? तो शायद इसका जवाब होगा एक सदी हुई कहानी, उसे निभाने के लिए बेहतरीन कलाकार, हलके फुल्के कॉमेडी डायलॉग और थोड़ा बहुत एक्शन के दृश्य। जी हाँ इन सभी कसौटी पर खरी उतरती हुई नज़र आती है सचिन पाठक द्वारा डायरेक्ट की हुई वेब सीरीज एक सिंपल मर्डर। यह वेब सीरीज एक्शन, कॉमेडी, क्राइम के जॉनर पर आधारित है लेकिन इसकी खासियत है इसकी डार्क कॉमेडी और अच्छी अदाकारी।

सीरीज की कहानी का पेस आपको ज्यादा बोर नहीं होने देगा लेकिन इसके सांथ ही कहानी का हर एक दृश्य काफी बारीकी से लिखा और डायरेक्ट किया गया है इसलिए आपको कहानी का हर एक पल सीरीज से जुड़ा हुआ लगता है। सीरीज के 7 एपिसोड्स देखकर आपको अपने समय को गवाने का एहसास नहीं होगा। लेखक अखिलेश जैस्वाल, प्रतीक पयोधि ने कहानी को ज्यादा लम्बा खींचने की कोशिश नहीं की है जोकि एक अच्छा कदम है सीरीज को दर्शकों से बांधे रखने के लिए। 

इन सब के बावजूद सीरीज में कुछ विवादित दृश्य भी हैं जोकि जानबूझ कर डाले गए हैं ऐसा ही लगता है – सुपारी उठाने वाला व्यक्ति एक पंडित है जोकि मंत्र भी जनता है, कहानी में प्रेमी जोड़े को दिखाया गया है जोकि लव जिहाद के विवाद को बढ़ाने का काम कर रहा है। अब यह सभी दृश्यों की बात की जाये तो अगर यह एक सिंपल तरीके से भी लिखा गया होता तो भी इस सीरीज को अच्छे दर्शक मिल ही जाते लेकिन फिर भी आजकल लेखक अपनी कहानी से ज्यादा भरोसा विवादों पर कर रहे हैं।

सीरीज के किरदारों की बात करें तो कुछ किरदारों ने अपने छोटे लेकिन जबरदस्त अदाकारी से बड़े रोल के किरदारों को भी मात दे दी है जिनमे से एक हैं गोपाल दत्त। इन्हे अभी तलक बड़ी फिल्मों में काम क्यों नहीं मिला है यह सवाल आपके मन में बार बार आएगा। कुछ इस तरह से ही दुर्गेश कुमार एक छोटे से रोल को अमर कैसे बनाया जाता है कोई इनसे सीखे, अमित सियाल, सुशांत सिंह राजपूत और एक लालची औरत के रूप में प्रिया आनंद के किरदार को भी आप जरूर पसंद करेंगे।

बात करें सीरीज के मुख्य अभिनेता ज़ीशान अय्यूब की तो उनका किरदार आपको शुरू में जरूर अपनी तरफ खींचता है लेकिन बाद में जैसे जैसे बाकी किरदार जुड़ते हैं तो आपको उनका प्रदर्शन कहीं न कहीं फीका सा नज़र आने लगेगा। ऐसा शायद इसलिए भी हो सकता है क्यूंकि लेखक ने उन्हें एक बेचारा और प्यार में धोखा खाने वाले पति के किरदार के रूप में पेश किया है।

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एक सिंपल मर्डर वेब सीरीज हमें देखनी चाहिए?
जी हाँ, यह सीरीज आपको एंटरटेन करने के सभी पहलुओं पर खरी उतरती है। लेकिन आपको कुछ विवादित बातों को नज़र अंदाज़ करना होगा तो आप इसे जरूर एन्जॉय करेंगे लेकिन यह सीरीज पारिवारिक बिलकुल भी नहीं है।

एक सिंपल मर्डर वेब सीरीज की रेटिंग कितनी है?
एक सिंपल मर्डर सीरीज को IMDB पे 10 में से 6.8 की रेटिंग मिली है और हम इस सीरीज को 5 में से 3 स्टार देंगे।

एक सिंपल मर्डर वेब सीरीज में क्या अच्छा है?
सीरीज का पेस, कॉमेडी और ड्रामा आपको काफी पसंद आएगा जिसके कारण आप बोर नहीं होंगे।

सीरीज काफी ज्यादा परिपक़्व लगती है जोकि अपने अच्छे डायरेक्शन, कॉमेडी और एक्टिंग पर पूरी तरह से कण्ट्रोल बनाकर रखी हुई है। सीरीज के कम बजट के बावजूद आपको एक औसत पिक्चर गुणवत्ता देखने को मिलती है लेकिन फिर भी आपके रोमांच में कमी नहीं आती है।

एक सिंपल मर्डर वेब सीरीज में क्या बुरा है?
सीरीज का बैकग्राउंड म्यूजिक कुछ ख़ास नहीं है और आजकल के ट्रेंड को फॉलो करते हुए इसमें भी पुराने ज़माने के गानो को डालकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की गयी है।

सीरीज में सस्पेंस के नाम पर आपको ज्यादा कुछ देखने को नहीं मिलता है इसलिए कहानी थोड़ा सिंपल सी लगने लगती है और आगे क्या होगा आपको पहले से ही अंदाज़ा लग जाता है।

एक सिंपल मर्डर वेब सीरीज के किरदार
ज़ीशान अय्यूब: मनीष, सुशांत सिंह: हिम्मत, अमित सियाल: संतोष, तेजस्वी सिंह: प्रिया, प्रिया आनंद: ऋचा, दुर्गेश कुमार: शंकर, अंकुर पांडेय: उस्मान, विजय राज़: नैरेटर, गोपाल दत्त: अमित, अयाज़ खान: राहुल, विक्रम कोच्चर: सब इंस्पेक्टर, यशपाल शर्मा: पंडित, गोपाल दत्त: इंस्पेक्टर   

एक सिंपल मर्डर वेब सीरीज कहानी का प्लाट
कहानी की शुरुआत होती है एक किराये के घर से जहाँ मनीष अपनी बीवी ऋचा के सांथ रहता है लेकिन दोनों के पास पैसे की तंगी है इसी से परेशान होकर मनीष की बीवी लालची हो जाती है और वह पैसे के लिए किसी को भी धोखा देने को तैयार है तो वहीँ मनीष म्हणत करता तो है लेकिन उसे सफलता नहीं मिलती जिसके कारण उसके पास अपना किराया देने के लिए भी पैसे नहीं हैं।

कहानी के अगले पड़ाव में मनीष को गलती से एक खून करने का कॉन्ट्रैक्ट मिल जाता है लेकिन मनीष अपने टारगेट की बजाय एक गैंगस्टर की बीवी को मार देता है और उसके पैसे लेकर भाग जाता है इसलिए अब वह गैंगस्टर उसके पीछे पड़ जाता है। मनीष के पास पैसे देख उसकी बीवी का लालच बाहर आ जाता है और वह उन पैसो को लेकर भाग जाती है। मनीष को अब उन पैसो को ढूढ़ना है अपनी जान बचने के लिए लेकिन अब उसे सचाई पता चलती है की उसकी बीवी उसे प्यार नहीं करती बल्कि उसे धोखा देती आ रही है।

मनीष का सामना गैंगस्टर से होता है जिसके लिए मनीष पुलिस की मदद लेता है लेकिन गैंगस्टर पुलिस वालों को मार देता है। मनीष अपने साहस से उस गैंगस्टर को बिहोश कर देता है लेकिन वह अपनी बीवी को नहीं बचा पाता है। अंत में दिखाया जाता है की मनीष पैसे लेकर भाग निकलता है लेकिन वहीँ वह गैंगस्टर भी हॉस्पिटल से ठीक होकर बाहर निकलता है।

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